,कल बताना है जिंदा या मारी गई भंवरी

जोधपुर.एएनएम भंवरी देवी अपहरण कांड में सीबीआई के पास तफ्तीश के लिए फिलहाल केवल बुधवार का दिन बचा है। गुरुवार को उसे राजस्थान हाईकोर्ट में न केवल अब तक की स्टेटस रिपोर्ट बतानी है, बल्कि यह भी बताना है कि भंवरी जिंदा है अथवा मारी गई, यदि जिंदा है तो कहां है और मारी गई तो उसके सबूत क्या हैं?



अब तक की जांच में फिलहाल ऐसा कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग पाया है, इसलिए सीबीआई और पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को पूरा फोकस इसी सवाल का जबाव तैयार करने पर रखा। सीबीआई के डीआईजी अशोक तिवारी ने सुबह फलौदी एएसपी केसरसिंह को बुला कर फरार सहीराम व विशनाराम को पकड़ने की कार्रवाई की प्रोग्रेस पूछी।



दोपहर में स्पेशल टीम के डीआईजी गिर्राजलाल मीणा व ग्रामीण एसपी नवज्योति गोगोई सर्किट हाउस पहुंचे। उन्होंने बिलाड़ा से नेवरा तक के रूट और लोहावट व फलौदी क्षेत्र में भंवरी की तलाश में की गई कार्रवाई की जानकारी दी। इसके अलावा पूरे दिन कहीं कोई छापामारी नहीं की गई।



सबूत ढूंढ़ने गई पुलिस खाली हाथ लौटी :



शहाबुद्दीन व सोहनलाल से पूछताछ के बाद पुलिस फलौदी के मलार गांव गई जहां शहाबुद्दीन छुपा था। गुजरात के काणोदर में बोलेरो छुपाने के बाद वह सांचौर-बाड़मेर होते हुए 11 सितंबर को मलार आया था और वहां इलियास के यहां शरण ली थी।



फिर वह बीकानेर के खाजूवाला में एक धार्मिक स्थल पर छुपा रहा। पुलिस ने इन जगहों की तस्दीक की है। साथ ही उसने जिन जगहों पर सिम तथा भंवरी का सामान फेंकने की बात कही, वहां भी तलाशी ली गई लेकिन कोई सबूत नहीं मिला।



पिता-पुत्र रिमांड पर, लाखाराम से पूछताछ :



लोहावट पुलिस ने मंगलवार को तलाशी अभियान के दौरान जालोड़ा निवासी दिनेश पालीवाल और उसके पिता माणकलाल को गिरफ्तार किया। उन पर विशनाराम को शरण व सिम कार्ड देने का आरोप है। मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश कर 5 दिन का रिमांड लिया गया। उनसे सिम कार्ड व उनके नंबरों के बारे में पूछताछ की जानी है।



हालांकि उन्होंने कुछ नंबर पुलिस को बताए हैं, उनकी कॉल डिटेल निकाल कर पुलिस ने छानबीन शुरू की है। इधर सर्किट हाउस में निलंबित थानेदार लाखाराम से पूछताछ जारी रही। उसे भी आरोपियों की कॉल डिटेल दिखा कर उनके बारे में जानकारी जुटाई गई।



जिला परिषद सदस्य ने किसे दिए लाखों रुपए



जिला परिषद सदस्य पप्पूराम डारा के एकाउंट में लाखों रुपए की ऐसी एंट्री मिली है जिसके बारे में वे कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। सीबीआई की जानकारी में आया कि ब्लैकमेलिंग और अपहरण में लाखों रुपए का लेन-देन हुआ था और डारा के खाते से पैसे उसी दौरान निकले थे इसलिए इस एंट्री को वेरिफाइ किया जा रहा है।



वह भंवरी के संपर्क में था और फोन पर बातों का रिकॉर्ड भी मिला है। सीबीआई ने सोमवार को डारा के घर की तलाशी लेकर फाइलें और एकाउंट के दस्तावेज जब्त किए थे। मंगलवार शाम को उन्हें कुछ और कागजात लेकर सर्किट हाउस बुलाया गया जहां देर रात तक पूछताछ चल रही थी।



आज का दिन महत्वपूर्ण :



1. सीबीआई को गुरुवार 24 नवंबर को हाईकोर्ट में इस मामले का स्टेटस बताना है, लेकिन अब तक न भंवरी का सुराग लगा है और न ही सहीराम पकड़ में आया है। सोमवार को दो सौ पुलिसकर्मियों ने लोहावट के धोरे छाने, फिर भी भंवरी के अवशेष नहीं मिले और विशनाराम भी हाथ नहीं लगा। हाईकोर्ट में जवाब देने के लिए सिर्फ बुधवार का दिन बचा है।



2. दो दिन की पूछताछ के बाद महिपाल मदेरणा एक सप्ताह तक एमडीएम अस्पताल में भर्ती रहे, इसलिए उनसे पूछताछ अधूरी रह गई। शुक्रवार को उन्हें छुट्टी मिल गई, मगर डॉक्टरों के पांच दिन बाद सीटी एंजियो कराने की सलाह से वे पूछताछ से बच गए। संभवतया बुधवार को वे पूछताछ के लिए तैयार हो जाएंगे।



3. लूणी विधायक मलखान सिंह विश्नोई से सीबीआई तीन दिन तक पूछताछ कर चुकी है। सीबीआई से अनुमति लेकर वे 13 नवंबर को विधानसभा समिति के दौरे पर दस दिन के लिए अंडमान चले गए। बुधवार को वे भी जोधपुर लौटेंगे। दस दिनों में सीबीआई ने कुछ कड़ियां जोड़ी हैं, इसलिए संभव है कि उनसे भी दुबारा पूछताछ होगी।



4. आरोपी शहाबुद्दीन और सोहनलाल को 14-14 दिन तक रिमांड पर लेने के बाद फर्जी सिम के मुकदमे दर्ज कर और 5-5 दिन के रिमांड पर लिया गया। यह रिमांड अवधि बुधवार को पूरी हो जाएगी, मगर वांछित वस्तुएं बरामद नहीं हुई हैं इसलिए पीपाड़ पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश कर फिर से रिमांड मांगने का प्रयास करेगी।

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