रिक्त पदों को लेकर छात्रों ने जताया विरोध

बाड़मेर राजकीय महाविद्यालय में व्याख्याताओं के रिक्त पद भरने की मांग को लेकर शुक्रवार सुबह छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्र सुबह बारह बजे कॉलेज पहुंचे और क्लासेज बंद करा दी। इसके बाद छात्रों ने कॉलेज गेट के आगे जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
शहर के पीजी कॉलेज में लंबे समय से व्याख्याताओं के रिक्त पदों को लेकर शुक्रवार को कॉलेज बंद करा दिया। छात्रों की सभा को संबोधित करते हुए छात्रनेता भोमसिंह बलाई ने कहा कि व्याख्याता नहीं होने के कारण छात्रों की पढ़ाई चौपट हो रही है। वहीं शारीरिक शिक्षक नहीं होने के कारण छात्र खेलकूद में भी भाग नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय अध्यक्ष के पद रिक्त होने के कारण करीब ३९ हजार पुस्तकें खराब हो रही है। इनका कोई सदुपयोग नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जनप्रतिनिधियों और उच्च शिक्षा विभाग को कई बार शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही व्याख्याता नहीं लगाए गए तो छात्र आंदोलन करेंगे। इस मौके पर धर्मसिंह महाबार, रतनसिंह मगरा, गजेंद्रसिंह कारटिया, नरेंद्रसिंह खारा, रूपसिंह बींजासर, भवानीसिंह बावड़ी, जुंजारसिंह सुरा, स्वरूपसिंह, भवानीसिंह भाटी, मनोहरसिंह फागलिया, धीरेंद्रसिंह पांचला, ईश्वरसिंह ताणू, भगवानसिंह दूधवा, खीमसिंह कोटड़ा, बाघसिंह, चंद्रप्रकाश मेघवाल व हरीश सहित सैकड़ों छात्र मौजूद थे।
बाड़मेर राजकीय महाविद्यालय में व्याख्याताओं के रिक्त पद भरने की मांग को लेकर शुक्रवार सुबह छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्र सुबह बारह बजे कॉलेज पहुंचे और क्लासेज बंद करा दी। इसके बाद छात्रों ने कॉलेज गेट के आगे जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
शहर के पीजी कॉलेज में लंबे समय से व्याख्याताओं के रिक्त पदों को लेकर शुक्रवार को कॉलेज बंद करा दिया। छात्रों की सभा को संबोधित करते हुए छात्रनेता भोमसिंह बलाई ने कहा कि व्याख्याता नहीं होने के कारण छात्रों की पढ़ाई चौपट हो रही है। वहीं शारीरिक शिक्षक नहीं होने के कारण छात्र खेलकूद में भी भाग नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय अध्यक्ष के पद रिक्त होने के कारण करीब ३९ हजार पुस्तकें खराब हो रही है। इनका कोई सदुपयोग नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जनप्रतिनिधियों और उच्च शिक्षा विभाग को कई बार शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही व्याख्याता नहीं लगाए गए तो छात्र आंदोलन करेंगे। इस मौके पर धर्मसिंह महाबार, रतनसिंह मगरा, गजेंद्रसिंह कारटिया, नरेंद्रसिंह खारा, रूपसिंह बींजासर, भवानीसिंह बावड़ी, जुंजारसिंह सुरा, स्वरूपसिंह, भवानीसिंह भाटी, मनोहरसिंह फागलिया, धीरेंद्रसिंह पांचला, ईश्वरसिंह ताणू, भगवानसिंह दूधवा, खीमसिंह कोटड़ा, बाघसिंह, चंद्रप्रकाश मेघवाल व हरीश सहित सैकड़ों छात्र मौजूद थे।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें