बिजली दो नहीं तो होगा उग्र आंदोलन


बिजली दो नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

भीनमाल में ‘सरकार चेतावनी आंदोलन’ में जुटे हजारों किसान, कहा हर बार किसानों के साथ होता है धोखा, ना मिलती है बिजली ना मिलता है पानी

भीनमाल बिजली समेत अन्य समस्याओं से परेशान और इनके समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को क्षेत्र के किसान सड़क पर उतर आए। हजारों की संख्या में किसानों ने अपने आंदोलन की शुरूआत की और भीनमाल में आयोजित सरकार चेतावनी रैली में साफ कहा कि अगर उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और प्रशासन के किसी भी अधिकारी को गांवों में नहीं घुसने नहीं देंगे। आंदोलन का आयोजन किसान नेता अचला राम जाणी के मुख्य अतिथि में हुआ। इस दौरान करीब दर्जन भर वक्ताओं ने गहलोत सरकार को किसान विरोधी बताते हुए खरी खोटी सुनाई। वक्ताओं ने कहा कि कई सालों से किसानों का शोषण किया जा रहा है। बार बार किसान अपनी समस्याएं बताते हैं, लेकिन सिवाय आश्वासन के उन्हें कुछ नहीं मिलता। यहां तक कि जिस समय उन्हें बिजली पानी की जरूरत होती है उस समय भी वे आंदोलन करते हैं और बदले में कुछ नहीं मिलता। हर साल किसानों की फसलें नष्ट होती है। इसके बावजूद मुआवजे के लिए भटकना पड़ता है। वक्ताओं ने कहा कि जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सवेरे से ही आने लगे किसान : यह आंदोलन पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत हुआ। कई दिनों से किसान नेता गांवों में जाकर किसानों से एकजुट होने की बात कह रहे थे। जिसका असर शुक्रवार को दिखाई दिया। जब आंदोलन स्थल पर हजारों की संख्या में किसान पहुंचे। सवेरे से ही यहां किसानों का आना शुरू हो गया। किसान अपने अपने ट्रैक्टरों और जीपों समेत बसों से भी यहां पहुंचे। 11 बजे तक पूरा पांडाल खचाखच भर गया। इसके बाद मंच पर मौजूद किसान नेताओं ने संबोधित किया। शाम पांच बजे तक कार्यक्रम स्थल पर ज्ञापन लेने के लिए कलेक्टर के नहीं पहुंचने पर किसानों ने जोरदार आक्रोश जताते हुए दीपावली के बाद सरकार व प्रशासन को सबक सिखाने हुंकार भरी।

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