‘एकजुटता से ही मिलेगी आंदोलन को सफलता’
टिब्बी यहां अंबेडकर चौक पर भी ‘अेक दिवलो मायड़ भासा रै नांव’ कार्यक्रम होगा। प्रवक्ता प्रभुराम मेहरड़ा ने बताया की दीपावली पर्व से एक दिन पूर्व मुख्य बाजार में स्थित अंबेडकर चौक व भगत सिंह चौक पर ‘म्हारी जबान रो खोलो ताळो’ अभियान के तहत ‘एक दिवळो मायड़ भाषा के नाम’ कार्यक्रम होगा। उन्होंने बताया कि एकजुटता से ही आंदोलन की सार्थकता पूरी होगी। गांव गंाव में एकजुटता के लिए अलख जगानी होगी। वहीं ‘म्हारी जबान रो खोलो ताळो’ पोस्टकार्ड अभियान के दौरान राजस्थानी मोट्यार परिषद के अध्यक्ष एवं संघर्ष समिति के प्रवक्ता प्रभुराम मेहरड़ा, समिति अध्यक्ष कुलवंत सुथार ने राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता की मांग की। इस दौरान बार संघ ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा व पोस्टकार्ड लिखकर मायड़ भाषा राजस्थानी की मान्यता की गुहार की। बार संघ अध्यक्ष राय सिंह भाकर ने राजस्थानी भाषा की मांग को जायज बताते हुए केंद्र सरकार से मान्यता की मांग की। इस मौके पर बार संघ के सदस्य मदन सिंह बुरड़क, साहब राम कस्वां, रूपराम कासनियां, कृष्ण चाहर, अनिल सिडाना, अब्दुल सत्तार, भंवरलाल शर्मा, बनवारी लाल गौड़, इंद्रजीत सिंह, महेश गौड़, जगदीश प्रसाद शर्मा, प्रीतपाल सिंह, सहदेव सारस्वत, रतन शर्मा, संजय शर्मा सहित अधिवक्तागण मौजूद थे। कैलिफोर्निया में शुरू होगा अभियान
परलीका. अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति की ओर से शुक्रवार को कैलिफोर्निया में ‘म्हारी जुबान रो खोलो ताळो’ अभियान का आगाज किया जाएगा। इसे लेकर मायड़ भाषा प्रेमियों में प्रसन्नता है। जानकारी अनुसार कनाडा में भी इस अभियान का आगाज शीघ्र होगा।
रामसरा में लिखे गए 200 पोस्टकार्ड
नोहर. निकटवर्ती गांव रामसरा में बच्चों व स्टाफ ने पोस्टकार्ड लिखे। राजस्थानी भाषा मोट्यार परिषद एवं राजकीय महाविद्यालय छात्रसंघ की ओर से कार्यक्रम हुआ। वक्ताअेां ने राजस्थानी की मान्यता के लिए पोस्टकार्ड अभियान को सफल बनाने की बात कही। मोट्यार परिषद के जिला महामंत्री संदीप महिया, जिला परिषद सदस्य राजेंद्र सिहाग, सरपंच दीपिका नायक, शिक्षक पीरदान बेनीवाल, छात्रनेता मनोज चोटिया, ओमप्रकाश, पंच शेर सिंह, अमर सिंह, ओम प्रकाश नायक, छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप बिजारणिया, उपाध्यक्ष चंद्रकला नायक, मुकेश नायक, संयुक्त सचिव कुलदीप नैण, अंकित चाचाण, फकीरचंद, पूजा, बृजलाल, सुश्री दिव्या चौधरी आदि ने विचार रखे। इस मौके पर करीब 200 पोस्टकार्ड लिखे गए।
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