जासूसी कर सकता है स्मार्टफोन

अगर आप अपने पर्सनल कंप्यूटर पर कुछ काम कर रहे हैं और पास ही में आपका स्मार्टफोन हो, तो थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतें। स्मार्ट फोन पीसी के की-बोर्ड पर चलती आपकी एक-एक अंगुलियों के कंपन को रिकॉर्ड कर, बाद में एक-एक शब्द का पता लगा सकता है।

इसकी मदद से हैकर आसानी से आपके महत्वपूर्ण डाटा तक पहुंच सकता है। हैकिंग के इस अंदाज को सच कर दिखाया है जॉर्जिया टैक के रिसर्चर्स ने। उन्होंने इस काम को स्मार्टफोन के एक्स्लेरोमीटर से अंजाम दिया। यह मोबाइल के भीतर का वह पुर्जा होता है, जो की-बोर्ड पर होने वाली हरकतों को रिकॉर्ड कर यूजर के इशारों पर काम करता है। यह प्रक्रिया आसान नहीं है, लेकिन नई पीढ़ी के स्मार्टफोन से इसे संभव बनाया जा सकता है। खासकर आईफोन 4 से तो यह बिल्कुल संभव है।

ऐसे होगा संभव

यह तकनीक प्रोबेबिलिटी के सिद्धांत पर काम करती है। इसमें एक-एक की-पैड पर निगाह रखने के बजाए की-स्ट्रोक्स से उपजे कंपन पर निगाह रखी जाती है। यानी अंगुलियां बाएं-दाएं के क्रम में चली, पास-पास चली या पैड पर दू-दूर चलीं। इसे समझने के बाद उसके परिणाम एक डिक्शनरी से मिलाए जाते हैं। यह तकनीक तीन अक्षरों से ज्यादा वाले शब्दों के लिए बिल्कुल सटीक बैठती है। आपके स्मार्टफोन में एक मेलवेयर के जरिए इसे पहुंचाया जा सकता है, जो एक्स्लेरोमीटर की मदद से डाटा हैकर तक पहुंचाएगा।

कैसे करें मुकाबला

इस तरह की हैकिंग का शिकार होने से बचने के लिए यूजर को सेंसर एप्प डॉउनलोड करने होंगे। ये एप्प स्मार्टफोन कंपनी उपलब्ध कराएंगी। ये आवाज को कम करने के अलावा फोन सेंसर का भी काम करेंगे। जब भी आप पीसी के की-बोर्ड पर कोई काम करेंगे, यह एप्प अंगुलियों के मोशन को भरमाएगा। साथ ही संकेत देंगे कि आसपास कोई मोशन सेंसर रखा है। हैकिंग के इस नए तरीके की आशंका के बाद स्मार्टफोन कंपनियों ने इसे रोकने के लिए खास एप्प तैयार करने की बात की है।

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