बिठूजा में सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू 

बाड़मेर जिले का पहला प्लांटत्न प्रथम चरण में 1 मेगावाट का उत्पादन
बालोतरा केन्द्र के जवाहरलाल नेहरू मिशन की माइग्रेशन योजना के तहत बिठूजा में सौर ऊर्जा परियोजना से बिजली उत्पादन शुरू हो गई है। थार में लिग्नाइट आधारित प्लांटों के बाद सौर ऊर्जा की संभावनाएं बढ़ गई है। थर्मल पॉवर प्लांट स्थापित होने के बाद निजी कंपनियां अब सोलर प्लांटों में रुचि दिखा रही हैं। प्रथम चरण में आदित्य बिड़ला ग्रुप की ओर से स्थापित प्लांट से पहले चरण में एक मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू किया गया है। एक माह बाद ही द्वितीय चरण में पांच मेगावाट बिजली उत्पादन का दावा किया जा रहा है।
औद्योगिक क्षेत्र के बिठूजा में आदित्य बिड़ला ग्रुप ने अप्रैल 2011 को पांच मेगावाट सोलर प्लांट की नींव रखी। इससे दशकों बाद सूरज की किरणों से रोशनी पैदा करने की आस जगी। छह माह में कंपनी ने प्लांट को तैयार कर दिया। कुछ ही दिन पूर्व ही कंपनी ने पहले चरण में एक मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू किया है। बाड़मेर जिले में यह पहला सोलर प्लांट है। इसकी शुरुआत से सौर ऊर्जा की संभावनाएं ओर बढ़ गई है। कंपनी की ओर से दूसरे चरण में पांच मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू किया जाएगा। इसके बाद आस पास के क्षेत्रों में सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए धरातल तलाशने की कवायद शुरू की जाएगी। इतना ही नहीं बिड़ला ग्रुप के बाद वीडियोकॉन समेत कई निजी कंपनियां भी सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने में जुटी हैं।
आगोरिया के बाद बिठूजा में पहल: सौर ऊर्जा की विपुल संभावनाओं के चलते करीब दो दशक पहले शिव तहसील के आगोरिया गांव में सोलर ऊर्जा उत्पादन संयंत्र की स्थापना की गई थी। लेकिन ये योजना पूरी नहीं हो पाई। करीब दो दशक बाद निजी कंपनी ने बालोतरा के बिठूजा में सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित किया।
बाड़मेर जिले का पहला प्लांटत्न प्रथम चरण में 1 मेगावाट का उत्पादन
बालोतरा केन्द्र के जवाहरलाल नेहरू मिशन की माइग्रेशन योजना के तहत बिठूजा में सौर ऊर्जा परियोजना से बिजली उत्पादन शुरू हो गई है। थार में लिग्नाइट आधारित प्लांटों के बाद सौर ऊर्जा की संभावनाएं बढ़ गई है। थर्मल पॉवर प्लांट स्थापित होने के बाद निजी कंपनियां अब सोलर प्लांटों में रुचि दिखा रही हैं। प्रथम चरण में आदित्य बिड़ला ग्रुप की ओर से स्थापित प्लांट से पहले चरण में एक मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू किया गया है। एक माह बाद ही द्वितीय चरण में पांच मेगावाट बिजली उत्पादन का दावा किया जा रहा है।
औद्योगिक क्षेत्र के बिठूजा में आदित्य बिड़ला ग्रुप ने अप्रैल 2011 को पांच मेगावाट सोलर प्लांट की नींव रखी। इससे दशकों बाद सूरज की किरणों से रोशनी पैदा करने की आस जगी। छह माह में कंपनी ने प्लांट को तैयार कर दिया। कुछ ही दिन पूर्व ही कंपनी ने पहले चरण में एक मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू किया है। बाड़मेर जिले में यह पहला सोलर प्लांट है। इसकी शुरुआत से सौर ऊर्जा की संभावनाएं ओर बढ़ गई है। कंपनी की ओर से दूसरे चरण में पांच मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू किया जाएगा। इसके बाद आस पास के क्षेत्रों में सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए धरातल तलाशने की कवायद शुरू की जाएगी। इतना ही नहीं बिड़ला ग्रुप के बाद वीडियोकॉन समेत कई निजी कंपनियां भी सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने में जुटी हैं।
आगोरिया के बाद बिठूजा में पहल: सौर ऊर्जा की विपुल संभावनाओं के चलते करीब दो दशक पहले शिव तहसील के आगोरिया गांव में सोलर ऊर्जा उत्पादन संयंत्र की स्थापना की गई थी। लेकिन ये योजना पूरी नहीं हो पाई। करीब दो दशक बाद निजी कंपनी ने बालोतरा के बिठूजा में सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित किया।
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