जयश्री ने पुलिस को बताया कि पति से करीब 30 सालों से विवाद चल रहा है। इसी मामले में वे हजारीबाग कोर्ट आई थीं। गिरिडीह एसपी ने उनसे कहा था कि तिवारी दिखे तो उन्हें सूचना दें। उन्होंने कहा कि तिवारी को देखते ही उन्होंने गिरिडीह एसपी से संपर्क करने की कोशिश की। इसी दौरान तिवारी वहां से जाने लगे। उन्हें रोकने की कोशिश की तो कार उनकी ओर दौड़ा दिया। इसी क्रम में उनके पैर पर टायर चढ़ गया और वे बोनट पर गिर गई।
क्या है मामला
जयश्री द्विवेदी के मुताबिक उन्होंने 1980 में तिवारी के साथ गिरिडीह कोर्ट में प्रेम विवाह किया था। 198५ से उनके बीच अनबन शुरू हो गई। इसी दौरान तिवारी अपनी साली राजश्री द्विवेदी को लेकर फरार हो गए। मामला गिरिडीह कोर्ट पहुंचा और उनमें तलाक हो गया। कोर्ट ने हर माह की 10 तारीख को गुजारा भत्ता देने के आदेश दिया, मगर इस पर अमल नहीं हुआ। जयश्री के मुताबिक 1987 में विधु भूषण तिवारी मांडू थाने में पदस्थापित थे। इस दौरान वे वहां पहुंची और पति व बहन को कोसने लगी। इस पर तिवारी ने उनकी पिटाई की और केरोसिन डालकर उन्हें जलाने की कोशिश की। किसी तरह भागकर उन्होंने अपनी जान बचाई और हजारीबाग महिला थाना में केस दर्ज कराया। तब से यह मामला चल रहा है।
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