तीन हजार स्लीपर खाक

 तीन हजार स्लीपर खाक 

मोकलसर। मोकलसर रेलवे स्टेशन परिसर में शुक्रवार दोपहर लगी आग से हजारों रूपए की रेल संपदा जलकर खाक हो गई। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित खाली पड़े यार्ड में सूखी घास में शुक्रवार दोपहर आग लग गई। रेलवे कर्मचारियों ने एक बार आग पर काबू पा लिया, लेकिन दोपहर तीन बजे फिर उठी लपटों ने लकड़ी के स्लीपरों के एक बंडल को चपेट में ले लिया।

तेज हवा व एकांत में खुली जगह होने से आग ने रौद्र रूप ले लिया। लगभग एक घंटे तक स्लीपर लपटों में धधकते रहे। आस-पास से बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। स्टेशन मास्टर मोहनगोपाल पुरोहित ने उच्चाधिकारियों व दमकल को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार शंकरराम गर्ग, मोकलसर चौकी प्रभारी ब्रजमोहन मीणा, मायलावास सरपंच श्रीमती भीखी देवी माली, पूर्व सरपंच बाबूलाल कच्छवाह भी मौके पर पहंुचे। शाम साढ़े छह बजे तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था।

तीन हजार स्लीपर जले
रेलवे यार्ड में रखे लकड़ी के करीब तीन हजार स्लीपर आग की भेंट चढ़ गए। ब्रॉडगेज के बाद उपयोग नहीं होने से इन स्लीपरों को यहां रखवाया गया था। आग के कारणों का खुल्लासा नहीं हो पाया है।

देरी से पहुंचे अधिकारी व दमकल
घटना की सूचना मिलने के बाद करीब साढ़े चार बजे रेलवे मंडल समदड़ी के सहायक अभियंता रमेश कुमार कश्यप, वरिष्ठ सेक्शन अभियंता किरणसिंह गहलोत, निरीक्षक आरपीएफ केसी मीणा मौके पर पहुंचे तथा घटनाक्रम का जायजा लिया।

वहीं बालोतरा से ढाई घंटे बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे दमकल वाहन पहुंचा। पानी का छिड़काव शुरू होते ही दमकल में तकनीकी खराब आ गई। आधे घंटे की मशक्कत के बाद इसे दुरूस्त किया गया तो पानी कम पड़ गया। बाद में टैंकरों से पानी मंगवाकर फिर कोशिश की गई।

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