हनुमानगढ़ न्यूज़ बॉक्स .........आज की तजा खबरे २१ अक्टूबर २०११


रजाई के अंदर छिपा कर रखे थे लाखों रुपए
हनुमानगढ़ रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार आयकर अधिकारी के आर वर्मा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने गुरुवार को देर शाम को बीकानेर एसीबी न्यायालय में पेश करके दो दिन रिमांड लिया है, जबकि बीकानेर आईटीओ हरिकृष्ण फुलवारिया को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। इससे पूर्व एसीबी की टीम ने जंक्शन स्थित के आर वर्मा के मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपी ने अपने रजाई के अंदर दो लाख रुपए छिपा कर रखा था। इसके अलावा टीवी स्टैंड में बने बक्सों व किताबों में करीब 63 हजार रुपए छिपा कर रखे थे। इसके अलावा आरोपी के मकान से कई कागजात भी जब्त किए गए हैं। श्रीगंगानगर एसीबी के सीआई प्रशांत कौशिक ने बताया कि सुबह आरोपी के. आर. वर्मा के मकान की तलाशी ली गई। आरोपी ने रजाई के अंदर दो लाख रुपए छिपा कर रखे थे। इसके अलावा किताबों व डिब्बों में भी करीब 63 हजार रुपए बरामद हुए। इससे पहले भी आरोपी के चैंबर से पांच लाख 69 हजार रुपए बरामद किए गए थे। इसके अलावा उसके शेष त्न पेज 12
जेब से भी बीस हजार रुपए बरामद हुए थे। उल्लेखनीय है कि जंक्शन के परिवादी अशोक नारंग ने हनुमानगढ़ ब्यूरो में शिकायत की थी कि आयकर विभाग के वार्ड एक के आईटीओ के आर वर्मा ने स्क्रूटनी फाइल को लेकर नोटिस भेजा था। इस संबंध में जब उसने आईटीओ से मिला तो उसने मामले को रफा-दफा करने के एवज में पचास हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। सत्यापन करवाने पर मामला सही पाया गया। बुधवार देर शाम को एसीबी की टीम ने के. आर. वर्मा को पचास हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।


फिर बेचने के लिए लादा गया गोवंश, मुक्त कराया

जिले में गोवंश तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं। स्थिति यह है कि एक माह के अंदर पांच मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्त से पशुओं को मुक्त करा कर गौशाला भिजवा दिया है लेकिन इस तरह के बढ़ते मामले को देखते हुए सामाजिक संगठनों में आक्रोश है।







हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस ने गुरुवार को गोवंश तस्करी के आरोप में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 86 गोवंश को भी मुक्त करवाया गया है। बताया जाता है कि आरोपी हनुमानगढ़ जिले के आसपास क्षेत्रों से गोवंश को ट्रकों पर लादकर नागौर ले जा रहे थे। सभी आरोपियों के खिलाफ गोवंश अधिनियम 1995 की धारा 5, 6 व 8 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मुक्त करवाए गए गोवंश को गोशाला में भिजवा दिया है। सीआई संजय बोथरा ने बताया कि सती पुरा के पास नाकाबंदी के दौरान रोड़वाली के पास से तीन ट्रक आते हुए दिखाई दिए। तीनों ट्रकों की तलाशी ली गई तो उसमें 86 बछड़ों को ठूंस-ठूंस कर भर रखा था। इस आरोप में पुलिस ने नागौर के याकूब खां, साफी खां, इसबू, अरशद अली, अयूब, बीरम, यूसुफ, रोशन, इसराइल, फारूख अली, यूसुफ, लाल मोहम्मद, उस्मान खां व फजलू उर्फ जफर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस उल्लेखनीय है कि जंक्शन पुलिस ने गत दिनों 85 बैलों को मुक्त करवाया था। इस आरोप शेष त्न पेज 12

में 11 जनों को गिरफ्तार किया था। सभी बैलों को तस्करी करके उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था। इस कार्रवाई में एएसआई आसु सिंह, मुख्त्यार सिंह व जयसिंह शामिल थे। इसके अलावा गौशाला समिति के अध्यक्ष गोपाल जिंदल, ट्रक यूनियन के अब्दुल गफ्फार, जुगल राठी, प्रभुदयाल जोशी, रघुवीर गोदारा आदि मौजूद थे।





राजस्थानी के लिए जलाएंगे एक दीया


हनुमानगढ़ राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता देने की मांग करने वाले लोग दीपावली पर एक दीपक अपनी मांग के समर्थन में जलाकर एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम भाषा की मान्यता के लिए हजारों पोस्टकार्ड भेजे जाने की कड़ी में यह कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम का नाम ‘अेक दिवलो मायड़ भासा रै नांव’ दिया गया है। इस कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में अलग-अलग तिथियों पर राजस्थानी समर्थक किसी एक स्थान पर दीये जलाएंगे। हनुमानगढ़ में यह कार्यक्रम 25 अक्टूबर को भगतसिंह चौक पर होगा। राजस्थानी भाषा आंदोलन संघर्ष समिति के अनिल जांदू ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारी कर ली गई है। आंदोलन से जुड़ा हर व्यक्ति इस दिन एक दीपक जलाकर भाषा की मान्यता के प्रति संकल्पना जताएगा। साहित्यकार ओम पुरोहित ‘कागद’ का कहना है कि यह आंदोलन की सकारात्मक रणनीति का हिस्सा है। दीया आस और विश्वास का प्रतीक है। हम इसके माध्यम से एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहते हैं। निश्चित रूप से केंद्र सरकार तक हमारा संदेश पहुंचेगा और भाषा की मान्यता का मार्ग प्रशस्त होगा।





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