प्रेमिका की चिता में कूदकर प्रेमी ने दी जान

गोधरा। गुजरात के गोधरा कस्बे में कल एक शादीशुदा व्यक्ति ने अपनी विवाहित प्रेमिका के उसके साथ भागने से मना करने से नाराज होकर उसकी हत्या कर दी लेकिन बाद में जब उसे पश्चाताप हुआ तो वह उसकी धधकती चिता में कूद गया और जलकर जान दे दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोदी नी वाडी इलाके में पान की दुकान चलाने वाले कल्पेश राणा को वहीं रहने वाली तथा दो बच्चों की मां भवानी पटेल से प्रेम हो गया और उसने अपनी पत्नी को तलाक देकर उसके साथ भागने का फैसला किया लेकिन भवानी इसके लिए राजी नहीं हुई।
नाराज कल्पेश शुक्रवार को एक बार फिर भवानी के घर पहुंचा और उससे भागने का दोबारा आग्रह किया पर भवानी के मना करने पर उसने चाकू से उस पर ताबड़तोड़ प्रहार करके लहूलुहान कर दिया और वहां से भाग गया। भवानी के बच्चे जब बाद में वहां पहुंचे तो उन्होंने मां को खून से लथपथ पाया और आसपास तथा पिता को खबर की। भवानी को गहरे जख्मों के कारण बचाया नहीं जा सका और उसने थोड़ी देर में दम तोड़ दिया।
भवानी के शव को शुक्रवार शाम सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद श्मशान ले जाया गया और उसके शव को चिता पर रखकर अग्नि भी दे दी गई और जब चिता धू-धू करके जलने लगी तभी अचानक कहीं से कल्पेश प्रकट हो गया। वह पूरी तरह से पेट्रोल से तरबतर था और देखते ही देखते वह भवानी की चिता में कूद गया। इससे पहले वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते कल्पेश राख के ढेर में तब्दील हो गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोधरा। गुजरात के गोधरा कस्बे में कल एक शादीशुदा व्यक्ति ने अपनी विवाहित प्रेमिका के उसके साथ भागने से मना करने से नाराज होकर उसकी हत्या कर दी लेकिन बाद में जब उसे पश्चाताप हुआ तो वह उसकी धधकती चिता में कूद गया और जलकर जान दे दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोदी नी वाडी इलाके में पान की दुकान चलाने वाले कल्पेश राणा को वहीं रहने वाली तथा दो बच्चों की मां भवानी पटेल से प्रेम हो गया और उसने अपनी पत्नी को तलाक देकर उसके साथ भागने का फैसला किया लेकिन भवानी इसके लिए राजी नहीं हुई।
नाराज कल्पेश शुक्रवार को एक बार फिर भवानी के घर पहुंचा और उससे भागने का दोबारा आग्रह किया पर भवानी के मना करने पर उसने चाकू से उस पर ताबड़तोड़ प्रहार करके लहूलुहान कर दिया और वहां से भाग गया। भवानी के बच्चे जब बाद में वहां पहुंचे तो उन्होंने मां को खून से लथपथ पाया और आसपास तथा पिता को खबर की। भवानी को गहरे जख्मों के कारण बचाया नहीं जा सका और उसने थोड़ी देर में दम तोड़ दिया।
भवानी के शव को शुक्रवार शाम सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद श्मशान ले जाया गया और उसके शव को चिता पर रखकर अग्नि भी दे दी गई और जब चिता धू-धू करके जलने लगी तभी अचानक कहीं से कल्पेश प्रकट हो गया। वह पूरी तरह से पेट्रोल से तरबतर था और देखते ही देखते वह भवानी की चिता में कूद गया। इससे पहले वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते कल्पेश राख के ढेर में तब्दील हो गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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