वकीलों ने किया न्यायिक कार्यों का बहिष्कार

जैसलमेर. बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के निर्देशानुसार जिले के अधिवक्ताओं ने गुरुवार को विभिन्न समस्याओं को लेकर न्यायालय के कार्यों में अपनी उपस्थिति नहीं दी। जिले के वकीलों ने न्यायालय परिसर में एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और दिन भर न्यायिक कार्यों में भाग नहीं लिया। इस दौरान जिले के अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में बताया गया कि 11 जनवरी 2001 को बार काउंसिल द्वारा युवा वकीलों को स्टाईपेंड देने, अधिवक्ताओं के लिए हाउसिंग स्कीम तैयार करने, बार काउंसिल के लिए जोधपुर में भवन निर्माण, जोधपुर व जयपुर में अधिवक्ताओं के रेस्ट हाउस की सुविधा प्रदान करने, अधिवक्ता कल्याण निधि में सहयोग देने के संबंध में चार्टर ऑफ डिमांड प्रस्तुत किया गया था। परन्तु राज्य सरकार द्वारा इन बिन्दुओं के संबंध में कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। राजस्थान बार काउंसिल के अध्यक्ष के निर्देशानुसार राजस्थान सरकार द्वारा अधिवक्ताओं के हित की अनदेखी करने व उनकी वाजिब मांगों के प्रति उदासीन रवैया प्रदर्शित करने के विरोध में गुरुवार को विरोध दिवस मनाया गया। ज्ञापन में वकीलों की मांगों पर शीघ्र ही निर्णय लेने की मांग की गई है। इस अवसर पर गोविंदलाल बिस्सा, किशनसिंह भाटी, अब्दुल रहमान, चंदनाराम, मुल्तानाराम, राणीदान सेवक, मुरलीधर जोशी, विमलेश पुरोहित, विपिन्न व्यास, कंवराजसिंह, महेन्द्र चौधरी, किशनप्रतापसिंह, दानसिंह, महेश माहेश्वरी, दामोदरसिंह, चक्रवर्ती मेहचा, गिरिराज गज्जा, उम्मेदसिंह व प्रतापपुरी सहित कई वकील मौजूद थे।
जैसलमेर. बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के निर्देशानुसार जिले के अधिवक्ताओं ने गुरुवार को विभिन्न समस्याओं को लेकर न्यायालय के कार्यों में अपनी उपस्थिति नहीं दी। जिले के वकीलों ने न्यायालय परिसर में एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और दिन भर न्यायिक कार्यों में भाग नहीं लिया। इस दौरान जिले के अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में बताया गया कि 11 जनवरी 2001 को बार काउंसिल द्वारा युवा वकीलों को स्टाईपेंड देने, अधिवक्ताओं के लिए हाउसिंग स्कीम तैयार करने, बार काउंसिल के लिए जोधपुर में भवन निर्माण, जोधपुर व जयपुर में अधिवक्ताओं के रेस्ट हाउस की सुविधा प्रदान करने, अधिवक्ता कल्याण निधि में सहयोग देने के संबंध में चार्टर ऑफ डिमांड प्रस्तुत किया गया था। परन्तु राज्य सरकार द्वारा इन बिन्दुओं के संबंध में कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। राजस्थान बार काउंसिल के अध्यक्ष के निर्देशानुसार राजस्थान सरकार द्वारा अधिवक्ताओं के हित की अनदेखी करने व उनकी वाजिब मांगों के प्रति उदासीन रवैया प्रदर्शित करने के विरोध में गुरुवार को विरोध दिवस मनाया गया। ज्ञापन में वकीलों की मांगों पर शीघ्र ही निर्णय लेने की मांग की गई है। इस अवसर पर गोविंदलाल बिस्सा, किशनसिंह भाटी, अब्दुल रहमान, चंदनाराम, मुल्तानाराम, राणीदान सेवक, मुरलीधर जोशी, विमलेश पुरोहित, विपिन्न व्यास, कंवराजसिंह, महेन्द्र चौधरी, किशनप्रतापसिंह, दानसिंह, महेश माहेश्वरी, दामोदरसिंह, चक्रवर्ती मेहचा, गिरिराज गज्जा, उम्मेदसिंह व प्रतापपुरी सहित कई वकील मौजूद थे।
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