ट्रेन की चपेट में आने से 15 मरे

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के तारबाहर इलाके में शनिवार को एक बंद रेलवे फाटक को पार कर रहे 15 लोगों की ट्रेन की चपेट मे आने से मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए।
रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी मनीष अवस्थी ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के तहत आने वाले बिलासपुर के तारबाहर इलाके में रेलवे का एक बड़ा फाटक है। जो ट्रेनों के आने जाने के समय बंद कर दिया जाता है। लेकिन जल्दी निकलने के चक्कर में लोग बंद फाटक के नीचे निकल कर पटरियों को पार करते हैं।
उन्होंने बताया कि रायपुर से बिलासपुर रेलखंड पर स्थित इस फाटक को शाम को ट्रेनों के आने के कारण बंद करने के बावजूद लोग बंद फाटक के नीचे से निकलर पटरिायां पार कर रहे थे। इसी दौरान वहां से रायपुर से कोरबा जाने वाली कोरबा लोकल पेसेंजर ट्रेन के निकलने से उसकी चपेट में आने से 10 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दुर्घटना के बाद दुर्घटनास्थल पर अफरा तफरा मच गई।
क्रोधित लोगों ने एक ट्रेन के इंजन को जलाने का प्रयास भी किया। पुलिस ने तत्काल स्थिति नियंत्रित कर लोगों को वहां से हटाया। दुर्घटनास्थल पर रेलवे के महाप्रबंधक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, शासकीय रेल पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल, जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना के बाद आक्रोशित लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करने के बाद हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। इस दुर्घटना में मरने और घायल होने वालों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस को घायलों को दुर्घटनास्थल से बाहर निकालने में भारी मशक्कत करना पड़ी। राज्य सरकार ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 50-50 हजार और घायलों को 20-20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के तारबाहर इलाके में शनिवार को एक बंद रेलवे फाटक को पार कर रहे 15 लोगों की ट्रेन की चपेट मे आने से मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए।
रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी मनीष अवस्थी ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के तहत आने वाले बिलासपुर के तारबाहर इलाके में रेलवे का एक बड़ा फाटक है। जो ट्रेनों के आने जाने के समय बंद कर दिया जाता है। लेकिन जल्दी निकलने के चक्कर में लोग बंद फाटक के नीचे निकल कर पटरियों को पार करते हैं।
उन्होंने बताया कि रायपुर से बिलासपुर रेलखंड पर स्थित इस फाटक को शाम को ट्रेनों के आने के कारण बंद करने के बावजूद लोग बंद फाटक के नीचे से निकलर पटरिायां पार कर रहे थे। इसी दौरान वहां से रायपुर से कोरबा जाने वाली कोरबा लोकल पेसेंजर ट्रेन के निकलने से उसकी चपेट में आने से 10 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दुर्घटना के बाद दुर्घटनास्थल पर अफरा तफरा मच गई।
क्रोधित लोगों ने एक ट्रेन के इंजन को जलाने का प्रयास भी किया। पुलिस ने तत्काल स्थिति नियंत्रित कर लोगों को वहां से हटाया। दुर्घटनास्थल पर रेलवे के महाप्रबंधक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, शासकीय रेल पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल, जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना के बाद आक्रोशित लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करने के बाद हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। इस दुर्घटना में मरने और घायल होने वालों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस को घायलों को दुर्घटनास्थल से बाहर निकालने में भारी मशक्कत करना पड़ी। राज्य सरकार ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 50-50 हजार और घायलों को 20-20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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