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धोरों की धरती से गोरों के आसमाँ तक पसरा आवाज का जादू
जैसाण के अर्जुन ने साधा लक्ष्य, आवाज की दुनिया में लहराया परचम


भारतीय कला और संस्कृति की परम्पराओं से दुनिया वालों को रूबरू कराने में स्वर्ण नगरी जैसलमेर के एक शख़्स ने वह करिश्मा कर दिखाया है जिसने आवाज की दुनिया में स्वर्णिम इतिहास बना कर यह साबित कर दिखाया है हुनर के मामले में हम भारतीय किसी से उन्नीस नहीं हैं। जैसलमेर की सरजमीं पर जन्मे श्री अर्जुनसिंह भाटी उन कलाकारों में शुमार हो चले हैं जिनकी साख अन्तर्राष्ट्रीय क्षितिज पर पसरती हुई जैसलमेर को गौरव प्रदान कर रही है।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्री अर्जुनसिंह भाटी संयुक्त राज्य अमेरिका के नेशनल पब्लिक रेडियो ॔॔रोबिन हुड़ रेडियो’’ से जुड़े हुए ऐसे शख्स हैं जिनके कार्यक्रम दुनिया के लोग सुनते रहे हैं। आगामी नौ फरवरी न सिर्फ श्री भाटी के लिए बल्कि जैसलमेर और मारवाड़ के साथ ही देश के लिए भी गौरव का दिन होगा जब अंग्रेजी भाषा में प्रसारित उनका लाईव शो ॔॔अराउण्ड द वर्ल्ड विथ अर्जुनसिंह भाटी’’ अपना सौवाँ एपीसोड पूरा करेगा। इस रेडियो पर किसी भी भारतीय द्वारा प्रसारित किए जाने वाला यह ऐसा पहला ऐतिहासिक कार्यक्रम होगा जो अपने प्रसारण का यह सफर सफलतापूर्वक पूरा कर रहा है।
रोबिन हुड रेडियो संयुक्त राज्य अमेरिका का नेशनल पब्लिक रेडियो है जिसका मुख्यालय न्यूयार्क से 200 किलोमीटर दूर कनेटीकट प्रान्त के शेरन शहर में है।
रोबिन हुड रेडियो काफी लोकप्रिय प्रसारण सेवा है जिसके द्वारा प्रसारित कार्यक्रम अमेरिका सहित विश्व के 34 देशों में सुने जाते हैं। इस रेडियो पर मनोरंजन, शिक्षा, संस्कृति आदि से संबंधित कार्यक्रम प्रमुखता से प्रसारित होते हैं। सामाजिक और साँस्कृतिक सरोकारों से जुड़ा यह दुनिया का अपनी तरह का पहला प्रसारण है। रेडियो प्रमुख मार्शल माईल्स व प्रमुख उद्घोषक जिल गुडमेन द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रेणी में इस बहुद्देशीय कार्यक्रम की रूपरेखा दो वर्ष पूर्व तैयार की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अमेरिका सहित विश्व के अन्य देशों के श्रोताओं को भारत वर्ष की गौरवशाली सँस्कृति, गर्वीली परम्पराओं और मनोहारी रीतिरिवाजों और भारतीय साँस्कृतिक परिवेश की विलक्षणताओं से परिचित कराना था।
ऐसे में विविधताओं से भरे हुए भारतवर्ष से ऐसे किसी वक्ता की तलाश शुरू हुई जो भारत के किसी स्थानीय जिले व प्रान्त के बारे में अच्छी जानकारी रखने के साथ ही सम्पूर्ण भारत की संस्कृति, परम्पराओं व रीतिरिवाजों का वर्णन करने में सक्षम हो। इसके साथ ही रेडियो यू.एस. ए. ऐसे हुनरमंद वक्ता से कार्यक्रम प्रसारित करवाना चाहता था जो कि स्थानीय भारतीय परिवेश और स्थानीय लोक साँस्कृतिक परम्पराओं की जानकारी का अंग्रेजी भाषा में सरल, सहज और प्रभावपूर्ण
अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोतर एवं अंग्रेजी भाषा में लेखन में गहरी रुचि रखने वाले श्री अर्जुनसिंह भाटी पेशे से अध्यापक हैं लेकिन बहुआयामी विधाओं के सृजनात्मक शिल्पी हैं।
उनके द्वारा लिखित आंग्ल कहानी ॔॔माय विडोव्ड आँट’’ हांगकांग की एक प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रमुखता से प्रकाशित की गई। अपनी प्रथम रचना के माध्यम से भारतीय समाज में वैधव्य जीवन का मार्मिक प्रस्तुतीकरण किया गया है जिसमें बताया गया है कि भारतीय समाज में व्याप्त अशिक्षा सामाजिक मूल्यों का किस स्थिति तक अवमूल्यन करती है वहीं शिक्षा के द्वारा वैधव्य का दंश झेल रही महिलाओं के आत्म सम्मान की रक्षा एवं उन्हें यथोचित अवलम्ब प्रदान किया जा सकता है।
इसी कहानी को यू.एस. लेखिका सुजन सिडल द्वारा काफी सराहा गया। साथ ही श्री भाटी का नाम यू.एस. रेडियो को भी प्रस्तावित किया गया। इसी क्रम में दो वर्ष पहले 15 मार्च 2009 को 15 मिनट की एक वार्ता इंटरनेट पर यू.एस. रेडियो की प्रमुख उद्घोषक द्वारा टेप की गई।
रेडियो प्रमुख मार्शल माईन्स इस वार्ता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इस कार्यक्रम को साप्ताहिक लाईव प्रसारित करने की घोषणा की एवं स्वयं श्री माईल्स भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। श्री भाटी द्वारा प्रसारित यह कार्यक्रम प्रत्येक मंगलवार भारतीय समयानुसार सांय 6:45 पर प्रसारित किया जाता है। इस कार्यक्रम का नाम पहले दिन से ही ॔॔ अराउण्ड द वर्ल्ड विथ अर्जुनसिंह भाटी’’ रखा।
कार्यक्रम के पंद्रह एपिसोड प्रसारित होने के साथ ही यह कार्यक्रम अमेरीकन रेडियो की रेंकिंग में टॉप पर पहुँच गया। कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए यू.एस. रेडियो ने इस कार्यक्रम को अपना ॔मोस्ट पापुलर प्रोग्राम’ घोषित किया।
शेरन के स्थानीय श्रोताओं ने रेडियो प्रमुख से बात कर श्री अर्जुनसिंह भाटी को यू.एस. यात्रा पर आमंत्रित करने की इच्छा जाहिर की। फलस्वरूप यू.एस. रेडियो द्वारा वर्ष 2009 के अगस्त माह में एक महीने की यात्रा के लिए भाटी को आमंत्रित किया गया। चूंकि यू.एस. वीजा की शर्तों के अनुसार श्री भाटी को वीजा स्वीकृति चुनौती प्रतीत हो रही थी, लेकिन रेडियो प्रमुख मार्शल माईल्स के अथक प्रयत्नों से श्री भाटी का आवेदन यू.एस. रेडियो द्वारा स्वीकृत किया गया। हालांकि श्री भाटी ने सिर्फ एक माह वीजा के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनके द्वारा प्रसारित कार्यक्रम की अपूर्व सफलता के मद्देनज़र यू.एस. एम्बेसी ने श्री भाटी को 10 वर्ष का वीजा स्वीकृत किया।
अपने महीने भर के यू.एस. प्रवास के दौरान श्री भाटी ने यू.एस. रेडियो पर दर्जन भर से ज्यादा कार्यक्रम प्रस्तुत किए। श्री भाटी यू.एस. के स्थानीय श्रोताओं से मिले जिन्होंने गर्मजोशी से स्वागत किया तथा उनके कार्यक्रम की प्रशंसा की एवं यू.एस. में स्थानीय मीडिया ने श्री भाटी की यात्रा की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया।

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