गुरुवार, 10 मार्च 2011

आंकड़े गलत तो मैं इस्तीफा दूं, नहीं तो कर्नल दे : हेमाराम चौधरी

सैनिकों और युद्ध शहीदों को अच्छा पैकेज दे रही है सरकार, सैनिकों के मामले में हंगामा होता देख मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को करना पड़ा हस्तक्षेप

जयपुर। बाड़मेर के पारंपरिक प्रतिस्पर्धी दो कांग्रेसी जाट नेताओं सैनिक कल्याण मंत्री हेमाराम चौधरी और बायतु विधायक कर्नल सोनाराम गुरुवार को विधानसभा में गैलेंटरी अवार्ड विजेता सैनिकों और शहीदों के परिजनों को पैकेज के मामले में उलझ गए। हेमाराम चौधरी ने कर्नल को यह तक चुनौती भी दे दी कि यदि सवाल के जवाब में दिए आंकड़े गलत बताए हैं तो वह इस्तीफा दे देंगे, नहीं तो कर्नल त्याग पत्र दे।

भाजपा के अशोक परनामी की ओर से राज्य के गैलेंटरी अवार्ड विजेता सैनिकों को दी जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी मांगी थी। इसे लेकर विपक्षी सदस्यों ने भी कई सवाल दागे। सैनिक कल्याण मंत्री इसका जवाब दे रहे थे, लेकिन इस बीच हंगामा हो गया। हंगामे के बीच ही कर्नल सोनाराम ने मंत्री के जवाब को यह कहते हुए गलत करार दिया था कि 1994 के बाद मेडल प्राप्त सैनिकों को नहर के पास जमीनें नहीं दी गई है। उन्होंने सुविधाओं को कम बताया। भाजपा विधायक राजेंद्र राठौड़ कर्नल के समर्थन में बोलने लगे तो कर्नल को जोश आ गया और वे मंत्री के खिलाफ बार बार बोलने लगे। इस पर कांग्रेस के रघु शर्मा ने उन्हें हर बार बैठा दिया।

सैनिकों के मामले में हंगामा होता देख मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार सैनिकों को सुविधाओं के मामले में गंभीर है। चाहे वह मेडल प्राप्त सैनिकों का मामला हो या शहीदों का। उन्होंने कहा कि कारगिल के युद्ध में शहीदों के परिजनों को राजस्थान में आकर्षक पैकेज दिया गया है। शहीदों के नाम से स्कूलों का नामकरण किया गया है। सामाजिक परिवेश में शहीदों के माता पिताओं का भी ख्याल रखा गया है। उन्होंने कहा कि इनके बच्चों के लिए नौकरी का भी प्रावधान रखा है।

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