ÕæÇU×ðÚUÕगुप्तचर राजस्व निदेशालय की टीम ने दो साल पहले पाकिस्तान से नकली नोट मंगवाने के आरोपी करम अली को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली निवासी करम अली शुक्रवार को समझौता एक्सप्रेस से भारत लौटा था।
उसे निदेशालय की टीम ने अमृतसर स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उसे जोधपुर में आर्थिक अपराध न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस बीच शनिवार को आई थार एक्सप्रेस में फिर एक यात्री से सौ-सौ रुपए के दस नकली नोट मिले। जयपुर निवासी बुद्धन खां यह नोट लेकर आया था।
निदेशालय के सूत्रों ने बताया कि नवंबर 2008 में साफड़ी बुलंदशहर निवासी अजदी और उसका बेटा अजहर थार एक्सप्रेस से पाकिस्तान से आ रहे थे। मुनाबाव स्टेशन पर तलाशी में उनके पास चप्पलों व जूतों के सोल में छिपा कर रखे 19.50 लाख रुपए के भारतीय करेंसी के नकली नोट बरामद हुए थे।
अजदी और अजहर ने बताया कि करम अली ने उसे पाकिस्तान स्थित अपने रिश्तेदार से नकली नोट लाने भेजा था। वह कराची से नकली नोट लेकर आ रही थी कि मुनाबाव पर पकड़ी गई। दोनों को बाद में सजा भी हो गई। इस बीच करम अली की तलाश जारी रही। इधर निदेशालय को सूचना मिली कि शुक्रवार को करम अली पाकिस्तान से लौट रहा है। इस पर जोधपुर से गई निदेशालय की टीम ने शुक्रवार को उसे अमृतसर पर पकड़ लिया।
आग से दस फैक्ट्रियां जली
बालोतरा
शहर के औद्योगिक क्षेत्र प्रथम चरण में शनिवार शाम एक फैक्ट्री में लगी आग ने देखते ही देखते दस फैक्ट्रियों को चपेट में ले लिया। दमकल के डेढ़ घंटे देरी से पहुंचने व तेज हवा चलने के कारण एक फैक्ट्री में लगी आग तेजी के साथ दस फैक्ट्रियों तक फैल गई। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस आग में किसी तरह की जनहानि नही हुई, मगर करोड़ों रुपए का कपड़ा व मशीनरी जलकर खाक हो गए।
शनिवार सांय करीब सवा पांच बजे औद्योगिक क्षेत्र प्रथम चरण स्थित महेश फैब्रिक्स में लगे गे प्लांट (अडाण) में आग लग गई। तेज हवा के कारण आग ने क्षेत्र की अन्य फैक्ट्रियों को भी चपेट में ले लिया। मजदूर चिल्लाते हुए बाहर भागे और फैक्ट्री मालिकों ने फायर ऑफिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस तो मौके पर पहुंच गई मगर एक दमकल सिवाना क्षेत्र में लगी आग बुझाने व दूसरी उदयपुर रिपेयरिंग में गई होने से दमकल समय पर नहीं पहुंच पाई। आनन-फानन में उदयपुर से दूसरी दमकल वाहन को भी मंगवाया गया, इसके अलावा जोधपुर से दो गाडिय़ां मंगवाई । इस आग में महेश फैब्रिक्स के अलावा एमआर टेक्सटाइल, माधव टेक्सटाइल, हेमा टेक्सटाइल, वर्धमान, विनय फैब्रिक्स, नेमिनाथ टेक्सटाइल व ममता डाइंग में भी नुकसान हुआ। सबसे अधिक नुकसान मातुंगी कॉटन व महेंद्रा टेक्सटाइल फैक्ट्री में हुआ। इन फैक्ट्रियों में तैयार कपड़े के थानों के अलावा मशीनरी आदि भी जलकर खाक हो गए। आग में सभी दस फैक्ट्रियों में करोड़ों रुपए का कपड़ा, सामान आदि जलकर खाक हो गए।
देखते ही देखते दस फैक्ट्रियां चपेट में: पूरे औद्योगिक क्षेत्र में धूंए के गुबार और इधर-उधर भागते लोगों के अलावा शनिवार सांय और कुछ नजर नहीं आ रहा था। तेज हवा के चलते
आग देखते ही देखते आस-पड़ौस की
फैक्ट्रियों को चपेट में लेते हुए फैलने लगी
तो उद्यमियों में हड़कंप मच गया। इधर फायर
बिग्रेड नहीं पहुंच रही थी, और आग बढ़ती जा रही थी। उद्यमियों ने यहां सुनवाई नहीं होते देख जोधपुर तक फोन लगाए, जहां से दो गाडिय़ां रवाना की गई।
यूं हुआ घटनाक्रम
शनिवार सांय करीब 5.15 बजे औद्योगिक क्षेत्र प्रथम चरण स्थित महेश फैब्रिक्स में आग लगी।
मजदूर व फैक्ट्री संचालक हड़बड़ाकर बाहर भागे और पुलिस, फायर व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी।
दमकल नहीं आती देख उद्यमियों ने निजी टैंकर संचालकों से पानी मंगवाया और फैक्ट्रियों में बने टांकों से मजदूर आग पर पानी उंडेलने लगे।
हवा इतनी तेज थी कि देखते ही देखते आग बढ़ती चली गई। आस-पड़ौस के फैक्ट्री संचालक अपने माल को बचाने की जुगत में फैक्ट्रियां खाली करते नजर आए।
फैक्ट्री संचालक आग से ज्यादा से ज्यादा माल को बचाने के चक्कर में जो भी लोडिंग का साधन मिला उसमें माल भर कर माल परिवहन करते नजर आए।
आग का धूंआ इतना ज्यादा था कि जसोल के अलावा आस-पास के कई गांव से भी लोग आग देखने पहुंच गए।
समय पर पहुंचती दमकल तो कम होता नुकसान
बालोतरा औद्योगिक क्षेत्र में लगी भीषण आग ने उद्यमियों को झकझोर कर रख दिया। उद्यमी नगरपालिका व प्रशासन को कोस रहे थे। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों तक तो नगरपालिका के फायर दस्ते के पास एक भी दमकल नहीं थी। एक गाड़ी जहां बालोतरा में रिपेयरिंग के लिए गेराज में खड़ी थी, वहीं दूसरी उदयपुर ठेकेदार के पास थी। भास्कर ने इस मुद्दे को बार-बार उठा चेताया तो एक गाड़ी दुरस्त कर मंगवा दी गई। शनिवार को हुए हादसे के समय वह गाड़ी सिवाना क्षेत्र में लगी आग बुझाने गई हुई थी। हादसे के करीब दो घंटे बाद तक दमकल नहीं पहुंचने से नाराज उद्यमियों ने कहा कि उन्हें अपने बूते ही दमकल की व्यवस्था करनी होगी। सीईटीपी अब उद्यमियों के पास है तो सबसे पहले ट्रस्ट को आग बुझाने के साधनों के पुख्ता प्रबंधों की चिंता करनी पड़ेगी। इस बार इतनी बड़ी आग के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने से नाराज उद्यमियों ने अधिकारियों को भी खूब कोसा।
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विकास का केन्द्र बनेगा बाडमेर
बाडमेर। नवनियुक्त जिला कलक्टर गौरव गोयल ने शनिवार को सुबह पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि बाडमेर पश्चिमी राजस्थान का सबसे बडा विकास केन्द्र बन रहा है। खनिज और पेट्रोलियम पदार्थों से यहां विकास हो रहा है। विकास को गति देने की जरूरत है। इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। गोयल ने कहा कि बतौर जिला कलक्टर बाडमेर उनका प्रथम जिला है। वे अपना पूरा प्रयास करेंगे कि यहां की समस्याओं का समाधान किया जाए। कानून व्यवस्था उनकी प्राथमिकता रहेगा। जिले की पेयजल समस्या के समाधान का पूरा प्रयास होगा।
बडी योजनाओं को आगे बढाया जाएगा। अकाल राहत कार्याें को व्यवस्थित संचालित किया जाएगा। गोयल ने कहा कि बाडमेर में विकास की विपुल संभावनाएं है, इसके लिए योजनाओं को आगे बढाया जाएगा। शिक्षा, चिकित्सा, बिजली से जुडी जनसमस्याओं को लेकर समय समय पर मॉनीटरिंग की जाएगी। प्रशासन के पास आने वाले लोगों को सकारात्मक प्रत्युत्तर मिलेगा और पीडित की बात सुनने के साथ उसकी पीडा दूर करने का प्रयास करेंगे।
अवकाश भी खुला रहा कलक्ट्रेट
अवकाश के बावजूद शनिवार को कलक्ट्रेट के सारे अघिकारी कार्यालय में मौजूद रहे। जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल के पदभार ग्रहण करने के कारण अघिकारियों एवं कार्मिकों ने अवकाश के दिन भी कार्यालय में उपस्थिति दी। अतिरिक्त जिला कलक्टर हनुमान सहाय मीणा व उपखण्ड अघिकारी सीएल देवासी ने जिला कलक्टर की अगुवानी की। सर्किट हाऊस में गार्ड और ऑनर दिया गया। कलक्ट्रेट पहुंचने पर सभी विभागों के मुख्य अघिकारियों की जिला कलक्टर ने बैठक ली। अघिकारियों से कार्य प्रगति के बारे में जानकारी ली।
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