बाड़मेर। अवैध रूप से देर रात बिकती है शराब ,शराब की दुकान से ग्रामीण परेशान



बाड़मेर। जिला मुख्यालय से 48 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 68 पर स्थित मांगता ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आवंटित शराब दुकान पर देर रात तक शराब बिक्री को लेकर ग्रामीण काफी परेशान हैं। इस शराब दुकान पर रात आठ बजे के बाद भी देर रात तक अवैध रूप से शराब की बैबाक बिक्री होती रहती हैं। यही नहीं इस दुकान पर शराब की बिक्री के साथ साथ इस दुकान को बार बना रखा हैं। जिसके चलते शराब खरीदने वाले यही बैठकर शराब पीते हैं। शराब की खाली बोतले सड़क पर फेंक देते हैं। और आने जाने वाले ग्रामीणों से झगड़ा करने के साथ साथ महिलाओं व बालिकाओं पर अश्लील फब्तीयां भी कसते रहते हैं जिसके चलते कई बार हालात बिगड़ जाते हैं।

देर रात तक बिकती है शराब के लिए इमेज परिणाम

ग्रामीणों ने कई मर्तबा इस दुकानदार को समझाईस भी की, कि वह रात आठ बजे के बाद शराब न बेचे और न ही शराब की दुकान पर किसी को भी रूक कर शराब पीने दे। लेकिन शराब दुकानदार की दादागिरी के चलते वह ग्रामीणों की इस बात को मानने से इंकार कर देता हैं। नतिजतन शराब खुलेआम नियम विरूद्ध बिक रही हैं और शराबीयों की फब्तियों से ग्रामीण, महिलाए व बच्चे सब परेशान हैं।

ग्रामीण गुणेशाराम ने बताया कि यह शराब दुकान राजमार्ग पर आबादी के बीच आई हुई हैं। इस दुकान पर देर रात तक शराब बिक्री के साथ ही इस दुकान को बार बना रख हैं। वहीं इस दुकान पर प्रिंट रेट से अधिक दाम पर शराब की बिक्री होती हैं।

ग्रामीण रेशमाराम ने बताया कि यह गाव शिक्षा के क्षैत्र में बेहद पिछड़ा हुआ हैं। यहां के लोग दिनभर पत्थर तोड़ने की मजदूरी करते हैं। और गा्रव में ही शराब की दुकान होने से अमूमन हर मजदूर अपनी दिनभर की गाढ़ी कमाई का अधिकांश हिस्सा शराब पर लुटा देता हैं। जिसके चलते इन परिवारों में अक्सर झगड़ों के हालात बनते हैं। ऐसे में परिवार में छोटे छोटे मासूम बच्चों को पड़ाई छोड़कर मजदूरी करनी पड़ती हैं। जो कि बेहद चिंताजनक विषय हैं। अगर प्रशासन इस शराब दुकान को कहीं और लगाने की व्यवस्था करे तो यह गांव शराब मुक्त होकर विकसित हो सकता हैं।

ग्रामीण नारायण राम ने बताया कि इस गांव की अधिकांश आबादी पढ़ी लिखी नहीं हैं। नई पीढ़ी के बच्चे जरूर पढ़ रहे हैं किन्तु शराब की दुकान और परिवार के लोगो की शराब की लत के कारण इन मासूमं की पढ़ाई भी बीच में ही छूट जाती है। और यह बच्चे भी बालमजदूरी के शिकार हो रहे है।

ग्रामीण सुरेश कुमार, सुजाराम, नारणाराम, शंकराराम, डालुराम ने कहा कि शराब की यह दुकान इस गाव से दूर लगाई जाए व देर रात तक शराब बिक्री पर पूणरूप से रोक लगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अगर समय रहते यह शराब की दुकान यहां से हटाई नहीं गई तो गरीब मजदूरों का यह गांव पूरी तरह से नशे की गिरफ्त में आ जाएगा। नतिजतन अपराध, अशिक्षा, नशे का ग्राफ बढ़ता रहेगा जिसका खामियाजा आने वाली पीढ़ी को भुगतना होगा।

ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि सरकार को राजस्व कमाने के साथ साथ ग्रामीण संस्कृति, भावी पीढ़ी के भविष्य, नारी के सम्मान आदी का ख्याल रखते हुए शराब की दुकानों की हटाकर शिक्षा के क्षैत्र में अति पिछड़े मांगता में शिक्षा व नशामुक्ति की अलख जगानी चाहिए। जिससे कि गरीब मजदूर शराब की अपेक्षा उज्जवल भविष्य की राह चुन सके।

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