बाड़मेर सर्वोपरि कल्याण से परमात्मा की प्राप्ति संभवः सत्यसिद्धा


बाड़मेर। ‘मनुश्य जीवन बड़ी तपस्या से मिला है। इसको व्यर्थ में ही गंवाना नहीं चाहिए। परम पूज्य परमात्मा के प्रति भक्तिमय भाव व निर्मल हृृदय से सर्वोपरि कल्याण सेवा में जुट जाना चाहिए, तभी परमात्मा की प्राप्ति संभव है।’

यह प्रवचन इंदिरा नगर में रविवार को प्रारंभ हुई श्री राम कथा में साध्वी सत्यसिद्धा ने दिए। उन्होंने कहा कि लोग मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए जाते है, किन्तु पूजा अर्चना भी सही भाव से नहीं कर पाते। उनका षरीर तो मंदिर में होता है, लेकिन मन कहीं और भटकाव की स्थिति में होता है। ऐसी पूजा भी किसी काम की नहीं। उन्होंने कहा कि मनुश्य जो भी कार्य करें दिल से व सच्चे मन से करें, दिखावा नहीं करें। वहीं सच्चे मायने में परोपकार होता है। उन्होंने ‘मुझे और कछु नहीं चाहिए मुझे राम-सीता चाहिए’ आदि मधुर भजनों की भी प्रस्तुति दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह कथा वात्सल्य सेवा केन्द्र, बाड़मेर में रह रही निराश्रित बालिकाओं के सहयोगार्थ की जा रही है, ऐसे में अधिक से अधिक सहयोग करें। कथा में कथा आयोजक महादेवसिंह परिहार, ष्यामसिंह परिहार, उम्मेदसिंह कमांडो, चेतनसिंह, गेमरसिंह, आम्बसिंह, चुतरसिंह ईन्दा, षोभसिंह ईन्दा, किषन गौड़, अमरसिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजक महादेवसिंह ने बताया कि श्री राम कथा 25 मार्च तक दोपहर 1 से दोपहर 4 बजे तक चलेगी। उन्होंने आह्वान किया कि अधिक से अधिक श्रद्धालु कथा में षिरकत करें।

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