बाड़मेर जिला परिषद उप चुनाव वार्ड 37*मानवेन्द्र सिंह के कमान संभालते ही कांग्रेस ने फ़ौज उतारी नेताओ की प्रचार में,कड़ा मुकाबला*



*बाड़मेर सरहद की जिला परिषद वार्ड 37 के उप चुनाव में थोड़ा समय बचा है भाजपा और कांग्रेस के लिए यह सीट बहुत महत्वपूर्ण है।दोनों दलों ने इज्जत का सवाल तो बनाया ही है साथ ही आगामी बिधानसभा चुनावो में दोनों दलों का भविष्य भी तय करेगा।परंपरागत रूप से यह सीट भाजपा की है।पिछले तीन चुनावो में दो बार भाजपा जीती है।।इस बार भी भाजपा ने उम्मीदवार जो उतारा है वो रामसर क्षेत्र से है तो कांग्रेस ने हरसाणी क्षेत्र से सोलंकिया निवासी महिला उम्मीदवार को प्रत्यासी बनाया ।भाजपा ने इस सीट को जीतने की जिम्मीदरी शिव विधायक मानवेन्द्र सिंह को दी है।मानवेंद्र सिंह दल बल के साथ चुनाव प्रचार में उतर गए।मानवेन्द्र के उतरते ही कांग्रेस आक्रामक हो गई।परंपरागत रूप से राजपूत बाहुल्य क्षेत्र है।मानवेन्द्र सिंह पूर्ण रणनीति के साथ अपनी पार्टी के उम्मीदवार को जिताने में जुटे है तो कांग्रेस ने नेताओ की फौज प्रचार में उतार दी।कांग्रेस ने राजपूत नेताओ को फोकस कर प्रचार किया।सुनीता भाटी,आज़ाद सिंह राठौड़,उम्मेद सिंह तँवर ,को विशेष तौर से बुलाया गया।इस सीट के समीकरण पूर्व जिला परिषद सदस्य कांग्रेस नेता गणपत सिंह ताणु पर निर्भर है।भाजपा की जीत के आड़े गणपत सिंह ताणु और दूधोड़ा सरपंच मान सिंह भाटी आ रहे।।कहने को कांग्रेस की प्रचार की कमान पूर्व विधायक अमीन खान ने अपने हाथ ले रखी है।यह चुनाव अमीन खान का आगळा चुनावी भविष्य भी तय करेगा।इसीलिए खान अपना उम्मीदवार जिताने में कोई कसर नही छोड़ना चाहते।तो मानवेन्द्र सिंह ने पूरी कमान खुद संभाल ली।व्यक्तिशः क्षेत्र के प्रभाव शाली लोगो से व्यक्तिगत संपर्क भी कर रहे।उनकी रणनीति को कांग्रेस कैसे पार पाएगी यह भविष्य के गर्भ में है।भाजपा जीतती है तो मानवेन्द्र सिंह का और कांग्रेस जीतती है तो अमीन खान का कद जरूर बढ़ेगा।कांग्रेस की आज की सभाओं में मंच पर जितने लोग थे जुससे आभास हो रहा था कि विधानसभा चुनाव है।बड़ी संख्या में नेताओ को जातिगत समीकरण को ध्यान में रख प्रचार में उतारा है।जबकि मानवेन्द्र सिंह अपनी पार्टी के स्थानीय नेताओं के दम पर प्रचार में जुटे है।देखते है ऊंट किस करवट बैठता है।।*

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