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बाड़मेर  शिव विधायक मानवेन्द्रसिंह के सुझाव पर सरकार की मोहर

सीमावर्ती क्षेत्रों में सुचारू पेयजल सेवाओं के लिए परियोजनाओं के संचालन का जिम्मा निजी हाथों में, 9.80 करोड़ रूपए का बजट स्वीकृत




बाड़मेर 6 अगस्त

स्टाॅफ की कमी के कारण दुरूह ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षो से नियमित पेयजल आपूर्ति से वंचित ग्रामीणों के लिए सरकार ने अब एक नई व्यवस्था की है। इसके तहत सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए परियोजनाओं के संचालन का जिम्मा निजी हाथों में दिए जाने का निणर्य लिया गया है। माना जा रहा है कि सरकार का यह कदम वर्षो से पेयजल की भयावह समस्या का सामना कर रहे सीमावर्ती क्षेत्र के वांशिदों के लिए एक वरदान बनेगा।




गौरतलब है कि शिव विधायक मानवेन्द्रसिंह ने विधानसभा सत्र के दौरान शिव विधायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजन समस्या का मुददा उठाते हुए सरकार को अवगत कराया था कि स्टाॅफ और संसाधनों की कमी के कारण विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में वर्षो से पेयजल परियोजनाएं बंद पड़ी है, जिसके कारण लोगों का पीने की पानी की विकट समस्या का सामना करना पड़ता है।




शिव विधायक ने पेयजल परियोजनाओं के लिए स्टाॅफ की नियमित नियुक्ति होने तक बंद पड़ी पेयजल परियोजनाओं के संचालन का जिम्मा निजी एंजेसियों को देने का सुझाव दिया था, जिससे बंद पड़ी पेयजल परियोजनाओं का संचालन शुरू हो सके और लोगों के पीने की पानी की समस्या का समाधान हो सके।




शिव विधायक मानवेन्द्रसिंह के सुझाव को अमलीजामा देते हुए इस नई पहल के तहत बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा क्षेत्र के 6 पेयजल परियोजनाओं के संचालन का जिम्मा निजी हाथों में देने का निणर्य किया गया है। इसके लिए अगले दो वर्षो तक इन पेयजल परियोजनाओं के 9.80 करोड़ रूपए का बजट भी स्वीकृत किया है।




विधायक के निजी सचिव रामसिंह के मुताबिक सरकार ने शिव विधायक के सुझाव पर गौर करते हुए विधानसभा क्षेत्र की 6 पेयजल परियोजनाओं का संचालन निजी संस्थाओं से कराने का निणर्य लेते हुए बजट स्वीकृती भी जारी की हैं। रामसिंह ने बताया कि शिव विधानसभा क्षेत्र के अंर्तगत राजड़ाल पेयजल परियोजना के संचालन का जिम्मा अगले दो वर्षो तक निजी संस्था से कराने का निणर्य लिया गया है। सरकार ने इसके लिए 105.72 करोड़ रूपए का बजट भी स्वीकृत किया है।

इसी प्रकार उनरोड़-जुड़िया-झणकली पेयजल परियोजना के लिए 70.58, बांडासर-बुठिया-करीम का पार पेयजल परियोजना के लिए 389.52, अगासरी-हरसाणी-सोलंकियों की बस्ती पेयजल परियोजना के लिए 124.50 और भिंयाड मायलों पेयजल परियोजना के लिए 226.58 करोड़ रूपए का बजट स्वीकृत करते हुए इन पेयजल परियोजनाओं का संचालन अगले दो वर्षो तक निजी संस्था से कराने का निणर्य लिया गया है।




मानवेन्द्रसिंह ने बताया कि बजट स्वीकृत के बाद शेष प्रक्रिया पुरी कर जलदाय विभाग जल्द ही इन पेयजल परियोजनाओं का संचालन का जिम्मा निजी संस्थाओं का सौपेंगा, जिसके बाद स्टाॅफ और संसाधनों के कारण ग्रामीणों का पेयजल समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। विधायक ने बताया कि जलदाय विभाग के साथ ही वे स्वंय भी व्यक्तिगत रूप से लगातार निजी संस्थाओं द्वारा इन पेयजल परियोजनाओं के संचालन की मोनिटंरिग करेगें।

इसी प्रकार विधायक मानवेन्द्रसिंह की अनुशंषा पर दो नई परियोजना स्वीकृत कि गई है जिसके अनुसार ग्रांम पंचायत हाथीसिंह के गांव में कुम्हारों ,तेलियों मोकल राजपूूतों एंव मेगवालों की ढाणियों जसे के गांव की पेयजल परियोजना हेतु 63.96 लाख रू एवं जूनापतरासर बाड़मेर के लिये 99.44 लाख की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कि गई है।

सरकार का आभार व्यक्त करते हुए मानवेन्द्रसिंह ने बताया कि निजी संस्थाओं द्वारा पेयजल परियोजनाओं के संचालन से ग्रामीणों की पीने की पानी की समस्या का तत्काल निराकरण होगा। उन्होनें बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब पेयजल परियोजनाओं के लिए नियमित स्टाॅंफ और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कराना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी।

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