जैसलमेर जिला कलक्टर ने जिला स्तरीय जन सुनवाई में सुनी लोगों की परिवेदनाएं

आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारण करें अधिकारी - जिला कलक्टर मीना
जैसलमेर, 10 अगस्त। जिला कलक्टर कैलाष चन्द मीना ने गुरूवार को कलेक्टर सभागार में आयोजित जिला स्तरीय जन सुनवाई के दौरान लोगों की परिवेदनाएं धैर्य के साथ सुनी एवं उनके निस्तारण का विष्वास दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देष दिये कि जन सुनवाई के दौरान जो भी समस्याएं लोगों द्वारा प्रस्तुत की जाती है उनको प्राथमिकता से लेते हुए कम से कम समय में निस्तारित कर परिवादी को राहत पहुँचावें। उन्होंनंें विषेष रूप से पानी, बिजली के साथ ही आमजन से जुडें विभाग की जो समस्या इसमें आती है उसको तत्काल ही निस्तारण करने की कार्यवाही करें।

जनसुनवाई के दौरान जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल, पुलिस अधीक्षक गौरव यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर के.एल.स्वामी, उपायुक्त उप निवेषन नाचना नरेन्द्र कुमार चैधरी के साथ ही जिलास्तरीय अधिकारी एवं परिवादी उपस्थित थें।

जन सुनवाई के दौरान जिला कलक्टर के समक्ष लोहारक निवासी वृद्व एवं विधवा महिला श्रीमती कमला ने अपने आवंटित मुरब्बे के कब्जा दिलाने के संबंध में प्रार्थना-पत्र दिया। इस संबंध मंे जिला कलक्टर ने उपायुक्त उपनिवेषन नाचना को निर्देष दिये कि वे कल ही इस महिला को बुलाकर उन्हें आवंटित मुरब्बे का कब्जा दिलवा दें। इसी प्रकार परिवादी धामनराम ने शौचालय निर्माण का भुगतान दिलाने के संबंध में प्रार्थना-पत्र दिया तो इस संबंध में विकास अधिकारी जैसलमेर को 15 अगस्त तक भुगतान कराने के निर्देष दिये। मेहरेरी के मंगणियार जाती के लोगों ने गांव के खसरा नं 54 में आबादी भूमि दिलाने के संबंध में प्रार्थना-पत्र दिया तो इस संबंध में जिला कलक्टर ने विकास अधिकारी सम को निर्देष दिये कि वे इसकी जांच करके इस खसरे में इन लोगों को आवासीय भूमि आवंटित करावें।

जनसुनवाई के दौरान मोहब्बत की ढाणी के लोगों ने जीएलआर में पानी नहीं आने के संबंध में फरियाद की तो इस संबंध में जलदाय विभाग के अभियंता को निर्देष दिये कि वे हेल्पर को पाबंद कर पानी की आपूर्ति सुनिष्चित करावें। उन्होंने परिवादी श्रवणसिंह के मामलें में सूचना का अधिकार के तहत रिपोर्ट नहीं देने के संबंध में जिला कलक्टर ने विकास अधिकारी जैसलमेर को निर्देष दिये कि वे ग्रामसेवक को पाबंद कर परिवादी को शीघ्र ही सूचना उपलब्ध करावें एवं यह भी हिदायत दी कि विकास अधिकारी ऐसे प्रकरणों में ग्रामसेवको को सख्त पाबंद करें कि वे सूचना उपलब्ध करा दें, इसके साथ ही जो सूचना उपलब्ध नहीं कराते है उनके खिलाफ कार्यवाही अमल में लावें।

जनसुनवाई के दौरान परिवादी अर्जुनराम विष्नोई के पुलिस लाईन कच्ची बस्ती मे सीवरेज कार्य के गबन के मामलें में जिला कलक्टर ने आयुक्त को निर्देष दिये कि वे इसकी पूरी जांच कर आगामी बैठक से पूर्व रिपोर्ट पेष करावें। इसी प्रकार परिवादी अचलसिंह सौलंकी के मामलें में भी आगामी बैठक से पूर्व वास्तविक रिपोर्ट पेष करने के निर्देष दिये। परिवादी नरपतसिंह निवासी बडोडा गांव द्वारा राजकीय सिवाय चक भूमि पर किए गए अतिक्रमण की षिकायत की गई इस संबंध में नायाब तहसीलदार जैसलमेर को निर्देष दिये कि वे इसकी जांच कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करें।

जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देष दिये कि 1 जनवरी से आज तक जनसुनवाई के दौरान जितनी भी परिवेदनाएं आई है उसमें विभागीय अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही की गई है उसकी पूरी रिपोर्ट अगली जनसुनवाई के दौरान पेष करेगें।





जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल ने राजगढ में राजकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के साथ ही मेघा में सार्वजनिक नाडी के रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को हटाने तथा लूणार एवं उस क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुचारू करने की आवष्यकता जताई।

परिवादियों ने जनसुनवाई के दौरान अपनी समस्याओं से संबंधित प्रार्थना-पत्र जिला कलक्टर के समक्ष पेष किए।

3 से 6 माह का एक भी प्रकरण पोर्टल पर बकाया नहीं रहें

जिला कलक्टर ने अधिकारियो को निर्देष दिये कि वे राजस्थान सम्पर्क पोर्टल में दर्ज पकरणों को गम्भीरता से लेते हुए कम से कम समय में निस्तारित करें। उन्होंनें यह भी हिदायत दी कि 3 से 6 माह का एक भी प्रकरण बकाया नहीं रहें एवं उसे तत्काल ही निस्तारण करने की कार्यवाही कर दें।

उन्होंनें अधिकारियों को यह भी निर्देष दिये कि वे प्रकरणों को 17 अगस्त तक निस्तारित कर दें। उन्होंने अधिकारियों को पोर्टल पर सही एवं तथ्यात्मक रिपोर्ट आॅनलाईन अपलोड करने के निर्देष दिये। उन्होंनंे सभी अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे प्रतिदिन पोर्टल खोलकर उसमें दर्ज प्रकरणों को देखें एवं सही जवाब पेष करें।

कोषाधिकारी एवं नोडल अधिकारी सम्पर्क पोर्टल जसराज चैहान ने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल में दर्ज प्रकरणों, निस्तारित प्रकरणों, बकाया प्रकरणों के साथ ही एडोप्टर्स द्वारा निस्तारित किए गए प्रकरणों व बकाया प्रकरणों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।



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सतर्कता समिति में दर्ज प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता से निस्तारित करावें -जिला कलक्टर मीना

जिला कलक्टर ने जिला कांगडा के परिवादी रमेष कुमार से प्रकरण

सत्यापन के बारे में की मोबाईल से बात ली जानकारी


जैसलमेर, 10 अगस्त। जिला कलक्टर कैलाष चन्द मीना ने अधिकारियों को निर्देष दिये कि वे जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति में दर्ज प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता से लेते हुए निस्तारण की कार्यवाही करावें ताकि इस उच्च स्तरीय फोर्म से लोगों को समय पर राहत मिले। उन्होंने समिति में दर्ज प्रकरणों पर विस्तार से समीक्षा की एवं संबंधित अधिकारी को निर्देष दिये की वे इसमें सकारात्मक भाव रखते हुए परिवादी की समस्या को निपटावें।

बैठक में पुलिस अधीक्षक गौरव यादव, जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल, अतिरिक्त जिला कलक्टर के.एल. स्वामी, समिति सदस्य केवलराम, कुलदीपसिंह के साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में परिवादी जिला कलक्टर ने बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेष के कांगडा जिले के लुदरेट निवासी से पांेग बांध विस्थापित के तहत आवंटित मुरब्बे के कब्जे के मामलें में उप निवेषन विभाग द्वारा दी गई रिपोर्ट का सत्यापन बैठक में ही उसे मोबाईल से बातचीत कर प्राप्त की तो ज्ञात हुआ कि वास्तव में वास्तव में उसे कब्जा नहीं मिला। इस प्रकरण को जिला कलक्टर न गंभीरता से लिया एवं उप निवेषन तहसलीदार व संबंधित पटवारी के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देष दिये एवं परिवादी को कहा कि वे शीघ्र ही आकर अपना कब्जा प्राप्त करें।

परिवादी श्रीमती संतोष कंवर, श्रीमती मोहनीदेवी के मामलें में आयुक्त को निर्देष दिये कि वे संबंधित परिवादियों को आंवटित भूखण्ड का कब्जा दिलावें इसके साथ ही श्रीमती परमेष्वरी देवी के मामलें में आयुक्त व सहायक अभियंता को मौके पर जांच कर आवष्यक कार्यवाही करने के निर्देष दिये। इसी प्रकार परिवादी अषोक पालीवाल के मामलें में आरसीएचओ को निर्देष दिये कि वे 15 दिवस में सीएचसी पोकरण में मुख्यमंत्री निःषुल्क दवा वितरण के कार्यरत फार्मासिस्ट को भुगतान करवा दें। इसी प्रकार परिवादी शेरखान के मामलें में नायाब तहसीलदार जैसलमेर को निर्देष दिये कि वे ग्रामदानी अध्यक्ष के रिकाॅर्ड को सीज करें एवं चारागाह, आगोर, ओरण व रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही करें। इसी प्रकार परिवादी बुलिदानसिंह के मामलें में उसके द्वारा ही गलत मांग करने पर उसके खिलाफ विकास अधिकारी को कार्यवाही करने के निर्देष दिए। इसी प्रकार सुमारखां द्वारा कुछडी में महानरेगा में सरदारे परिवारों को ही लाभ देने के मामलें में जिला कलक्टर ने विकास अधिकारी को निर्देष दिये कि वे उस प्लान में स्वीकृत सभी कार्यो का निरस्त कर दें एवं स्वयं मौके पर जांच भी करें।

जिला कलक्टर ने परिवादी आम्बेखां के मारक के गांव में खरंजे कार्य के संबंध में अधिषाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी को जांच करने के निर्देष दिये। उन्होंनें परिवादी कमलसिंह लूणार के ग्रेवल सडक नहीं बनानें एवं 14 व्यक्तियों को मस्टररोल का भुगतान दिलाने के संबंध में विकास अधिकारी सम को निर्देष दिये कि वे इसकी जांच करावें। परिवादी श्रवणसिंह कीता के मामलें मे ग्रामसेवक द्वारा सूचना के अधिकार के तहत सूचना नहीं देने पर उसके खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देष दिये। परिवादी रायपालसिंह व श्रीमत मदनकंवर के मामलें में ईओ सहकारी बैंक को उसकी जांच करने के निर्देष दिये वहीं परिवादी दीनाराम उचपदरा के मामलें में विकास अधिकारी संाकडा को निर्देष दिये कि वे आबादी भूमि व आम रास्ते पर किए गए अतिक्रमण की जांच कर उसको हटाने की कार्यवाही करें।

बैठक के दौरान 28 प्रकरणों पर विस्तार से समीक्षा की गई एवं 2 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर के.एल.स्वामी ने एक -एक प्रकरण को विस्तार से रखा वहीं विभागों द्वारा प्रस्तुत की गई अनुपालना रिपोर्ट से भी अवगत कराया।

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