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एक ही क्लास में पढ़ते थे साथ, एकतरफा प्यार में लड़के ने दी खौफनाक मौत
एक ही क्लास में पढ़ते थे साथ, एकतरफा प्यार में लड़के ने दी खौफनाक मौत

बांसवाड़ा.शहर में बुधवार दोपहर एक रहवासी कॉलाेनी में रहने वाली लड़की की उसके ही पड़ोसी ने एकतरफा प्यार में दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी। लड़की अपने घर के बरामदे में कपड़े सुखा रही थी कि अचानक लड़के ने धारदार हथियार से उसके गले पर ताबड़तोड़ वार करते हुए उसका गला काट दिया। लड़की ने तड़प-तड़प कर घर में ही दम तोड़ दिया। लड़के की बेरहमी का इसी से पता चलता है कि जिस जगह लड़की पर हमला किया गया, वहां फर्श आैर दीवार खून से सन चुकी थी। एक ही क्लास में पढ़ते थे साथ...

- अगरपुरा कॉलोनी में बुधवार दोपहर 12 बजे ये वारदात हुई। जिसमें फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाली 18 साल की वैशाली और उसके पिता पिंकेश शर्मा घर पर थे। विकलांग पिता घर में ऊपर की मंजिल पर थे और वैशाली नीचे की बालकनी में बाई के साथ कपड़े सुखाने के लिए आई थी। तभी पड़ोसी जगदीश बंजारा दीवार फांद कर घुस गया और वैशाली की गर्दन पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया।

- इधर, मृतका के पिता पिंकेश ने बताया कि जगदीश और उसका भाई रमेश, दोनों वैशाली को लंबे समय से परेशान कर रहे थे। इसकी शिकायत वैशाली ने अपने घरवालों से भी कर रखी थी। कॉलोनी वालों ने जगदीश के आए दिन उधम मचाने की शिकायत पुलिस को की। परिजनों ने बताया कि वैशाली और जगदीश पहले एक ही क्लास में साथ पढ़े हैं।

बचाव में नौकरानी लट्‌ठ मारती रही पर वह गला काटने तक नहीं रुका

मामले की चश्मदीद बाई नीमा ने बताया कि दोपहर में मैं वैशाली के साथ बरामदे में कपड़े सुखा रही थी। इसी दौरान पड़ोस वाला लड़का जगदीश अचानक घर में आ गया और आते ही धारदार हथियार से वैशाली पर हमला करने लग गया। पहले तो मैं सहम गई, लेकिन मैंने हिम्मत करते हुए पास में पड़े लट्ठ को उठाया और जगदीश को मारने लगी, ताकि वह वैशाली को छोड़ दे। मैं उसे लगातार मारती रही, लेकिन वह वैशाली पर वार करने से नहीं रुका। उस पर मानों खून सवार था। उसके बाद वह मौके से भाग खड़ा हुअा।

- चश्मदीदों ने बताया कि जगदीश के साथ एक आैर लड़का भी था। वैशाली की मौत की खबर मिलते ही पड़ोसी जगदीश और उसके परिजन घर पर ताला लगाकर भाग गए। दो काॅन्स्टेबल उसे ढूंढ़ते हुए अमरदीप नगर पहुंचे। जहां पुरानी खंडहर झोपड़ी के अहाते में उगी झाड़ियों में जगदीश छुपा हुआ था। हत्या के बाद जगदीश ने खून से सनी शर्ट नहर में फेंक दी।

निशक्त पिता घर में थे, पर बेटी को बचाने आ नहीं सके

- वारदात के बाद एसपी कालूराम रावत फोर्स के साथ वैशाली के परिजनों से मिलने पहुंचे। बेटी के खून से सनी सीढ़ियों पर बिलखते निशक्त पिता पिंकेश को हताश हाल में देख वहां मौजूद हर किसी की आंखें भीग गई।

- भाई और परिजनों की आंखों में आंसू थे, तो घटना को लेकर गुस्सा भी साफ नजर आ रहा था। पिंकेश घर में ऊपर की मंजिल पर ही थे, लेकिन बेटी को बचाने सीढ़ियां नहीं उतर पाए। इस बात का वे बार-बार मलाल जताते रहे।

- इसी दौरान भाई सोनू और उसके रिश्तेदार काफी गुस्से में आरोपी जगदीश के घर की तरफ बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझा दिया।

- पिता पिंकेश ने एसपी से कहा कि, साहब! मेरी बेटी के गुनहगारों को छोड़ना मत। कानून में उन्हें कुछ भी सजा मिले, लेकिन भगवान उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।

- वहीं भाई सोनू ने कहा कि 5 दिन बाद राखी है। बहन को गिफ्ट देता, लेकिन बदमाशों ने इससे पहले ही उसकी जान ले ली।

- चाची कोमल ने बताया कि वैशाली की बड़ी बहन इंदौर में मामा के पास रहती है। सोनू और वैशाली चाचा के साथ रहते थे। चाचा सुबह ही उदयपुर गए थे।

40 फीसदी कट चुकी थी गर्दन

- माेर्चरी में वैशाली के परिजन की मांग पर लाश का पोस्टमार्टम कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि हथियार काफी धारदार था और काफी तेज झटका लगने से वह गर्दन में काफी गहराई घुस गया। करीब 40 फीसदी तक गर्दन कट चुकी थी। गर्दन के मसल्स और नसें कटने से मौत हुई। हालांकि, अभी रिपोर्ट आने का इंतजार है।

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