रविवार, 13 अगस्त 2017

श्रीगंगानगर।भ्रूण लिंग जांच में आरएमपी डॉक्टर सहित तीन गिरफ्त में - पीसीपीएनडीटी टीम ने घड़साना में किया गिरोह का पर्दाफाश



श्रीगंगानगर।भ्रूण लिंग जांच में आरएमपी डॉक्टर सहित तीन गिरफ्त में

- पीसीपीएनडीटी टीम ने घड़साना में किया गिरोह का पर्दाफाश

श्रीगंगानगर। भ्रूण लिंग जांच के आरोपियों के खिलाफ चल रहे अभियान की फेहरिस्त में रविवार को श्रीगंगानगर जिले में डिकॉय कार्रवाई करते हुए टीम ने आरएमपी डॉक्टर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। श्रीगंगानगर टीम की एक सप्ताह में यह दूसरी कार्रवाई है, इससे पहले टीम ने शुक्रवार को पंजाब के मुक्तसर में कार्रवाई करते हुए एमबीबीएस डॉक्टर सहित तीन को पकड़ा था। टीम ने रविवार को घड़साना में गिरोह का फंडाभोड़ करते हुए गिरोह में शामिल आरएमपी पति, उसकी पत्नी व एक हॉस्पीटल स्टाफ को पकड़ा है। वहीं सोनोग्राफी सेंटर पर मशीन को सीज किया गया है। टीम ने एक्टिव ट्रेकर जब्त करते हुए इस आधार पर डॉक्टर ईश्वर मित्तल की मिलीभगत की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई घड़साना के श्रीराम हॉस्पीटल में रविवार दोपहर में की गई। एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन के निर्देशन में हुई कार्रवाई में जयपुर व श्रीगंगानगर टीम के सदस्य शामिल थे।

एनएचएम एमडी नवीन जैन ने बताया कि श्रीगंगानगर जिले के दूरुस्थ क्षेत्र व सीमावर्ती इलाके में भू्रण लिंग जांच की शिकायत कुछ दिनों से मिल रही थी। जिस पर टीम ने गिरोह का पता लगा कर मुखबिर के जरिए भगतसिंह कॉलोनी, घड़साना निवासी दलाल हरपाल सिंह पुत्र नक्षत्र सिंह बावरी से संपर्क साधा और सूचना की पुष्टि होने पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। दलाल ने भू्रण लिंग जांच की एवज में चालीस हजार रुपए की मांग की और 16 अगस्त को घड़साना में बुलाया। इस बीच अचानक दलाल हरपाल ने शनिवार को सम्पर्क कर लिया और उसने आज रविवार को घड़साना में भू्रण की जांच करने के लिए गर्भवती महिला को बुला लिया। पीसीपीएनडीटी टीम ने रविवार को घड़साना में जाल बिछाते हुए डमी गर्भवती महिला को दलाल के पास भेजा। दलाल हरपाल बांवरी ने गर्भवती महिला को अनूपगढ़ मार्ग पर गुरुद्वारे के पास बुलाया और यहां दलाल ने गोपनीयता को लेकर गर्भवती महिला के पति को साथ ले जाने से इनकार किया। इसी दौरान दलाल ने गर्भवती महिला के पति से चालीस हजार रुपए भी ले लिए। इसके बाद दलाल गर्भवती महिला को अकेले मोटरसाइकिल पर लेकर बस स्टेण्ड पर पहुंचा। यहां उसने अपनी पत्नी को साथ लेकर श्रीराम हॉस्पीटल पहुंचा और वहां के स्टाफ से संपर्क कर सोनोग्राफी करवाई। इसके बाद दलाल ने बाहर आकर गर्भवती महिला को गर्भ में बेटी होना बताया। इसी दौरान इशारा मिलते ही टीम ने दलाल हरपाल सिंह और उसकी पत्नी सिमरन को मौके पर ही पकड़ लिया। वहीं श्रीराम हॉस्पीटल से नर्सिंग स्टाफ बुधराम पुत्र भंवरलाल नायक निवासी दो एसटीआर को गिरफ्तार किया। टीम ने जांच करते हुए सोनोग्राफी सेंटर के संचालक ईश्ववर चंद मित्तल से कड़ी पूछताछ की और सोनोग्राफी मशीन का ट्रेकर जब्त करते हुए मशीन को सीज कर दिया। टीम ने सोनोग्राफी सेंटर से अन्य दस्तावेज भी जब्त किए हैं। सेंटर संचालक की भूमिका को लेकर एक्टिव ट्रेकर की जांच विशेषज्ञों से करवाई जाएगी। एएसपी रघुवीर सिंह ने बताया कि राज्य में अब तक 83 डिकॉय किए जा चुके हैं। वहीं इस वर्ष की 29वीं कार्रवाई है। उन्होंने बताया कि टीम श्रीगंगानगर अब तक नौ डिकॉय कर चुकी है, जिसमें तीन डिकॉय पंजाब में भी किए जा चुके हैं। एनएचएम एमडी नवीन जैन व एएसपी रघुवीर सिंह के निर्देशन में हुई कार्रवाई में सीआई श्रीराम बड़सरा, देवेंद्र सिंह, शंकरलाल, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, महेंद्रसिंह चारण, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, पत्रकार कैलाश दिनोदिया व इंद्र यादव शामिल थे।

कार्रवाई का बढ़ता कारवां, अब तक नौ को दिया अंजाम

पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा की गई कार्रवाइयों की फेहरिस्त दिनों-दिन बढ़ती जा रही है और कहा जा सकता है कि इनकी बदौलत लिंग जांच व कन्या भू्रण हत्या पर अंकुश लगना शुरू हुआ है। श्रीगंगानगर जिले के लिए राहत की बात है कि यहां के मुखबिर और टीम सदस्यों की बदौलत राज्य में जिला वाइज सर्वाधिक कार्रवाई हुई है। टीम ने पहली कार्रवाई कथित चिकित्सक सुखाडिय़ानगर निवासी कंवलजीत बराड़ पर की, जिसे अपंजीकृत मशीन के साथ पकड़ा। इसी कार्रवाई में पंजाब निवासी दलाल जनकरानी को भी जेल पहुंचाया गया। दूसरी कार्रवाई दिसंबर 2016 लालगढिय़ा हॉस्पीटल में की, जहां से हॉस्पीटल के स्टाफ अमर मेघवाल को गिरफ्त में लेकर उसे जेल पहुंचाया। नए साल में पहली और टीम की तीसरी कार्रवाई 23 फरवरी 2017 को जिला मुख्यालय पर ही हुई। टीम ने पंजाब निवासी दलाल हरजिंद्र सिंह, धमेंद्र सिंह और टिब्बी निवासी पवन कुमार जाट को पकड़ा। इस मामले में रमन बतरा अपंजीकृत मशीन के साथ फरार हो गया था, लेकिन टीम सदस्यों ने उसे भी तलाश निकाला और उसे सलाखों के पीछे पहुंचाया। चौथी कार्रवाई रायसिंहनगर में 17 मार्च 2017 को हुई, जिसके तार पंजाब तक पहुंचे। टीम ने रायसिंहनगर से पीछा करते हुए पंजाब के फिरोजपुर जिला मुख्यालय से पंजीकृत मशीन बरामद करते हुए वहां के दलाल अमनदीप सिंह को गिरफ्तार किया। जबकि नर्स बॉबी प्रवीण व डॉ. उमेश शर्मा भी आरोपी बनाए गए। इस मामले में रायसिंहनगर के न्यू महावीर नर्सिंग होम की नर्स व दलाल संदीप कौर को पुलिस ने गिरफ्तार किया जबकि चिकित्सक अशोक गुप्ता को भी मामले में आरोपी बनाया गया। पांचवी कार्रवाई छह अपे्रल 2017 को जिला मुख्यालय के अशोक नगर में हुई। इस मामले में पांच आरोपी नर्स व कथित चिकित्सक रेखा, नेतेवाला निवासी दाई बिमलादेवी, दलाल राकेश मेघवाल व जयलाल मेघवाल और सहयोगी ममता उर्फ शांति सिंधी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया। मामले में इन लोगों से फर्जी मशीन भी बरामद हुई। छठी कार्रवाई पड़ोसी राज्य पंजाब के मुक्तसर में की। जहां एमडी डॉक्टर श्याम सुंदर गोयल, दलाल सुखदेव सिंह, बलविंद्र सिंह व महिला दलाल रीटा को गिरफ्तार किया है। वहीं मुक्तसर स्थित बोम्बे सोनोग्राफी सेंटर से मशीन भी जब्त की। इस मामले में गिरफ्त में आई महिला दलाल रीटा पहले भी एक मामले में वांछित थी, जिस पर लगातार टीम निगरानी रखे हुए थी। सातवीं कार्रवाई इसी वर्ष 17 जून को हनुमानगढ़ में की, जहां दलाल सुरजीत पुत्र रेशम सिंह निवासी अमरपुरा थेड़ी और लैब से दूसरे दलाल सतनात सिंह पुत्र गुरदीप सिंह रायसिख निवासी सुरेशिया को गिरफ्तार किया। तीसरा दलाल अमृतपाल इस मामले में वांछित है। आठवीं कार्रवाई मुक्तसर में की, जहां से चिकित्सक जगदीश सचदेवा, दलाल सुखवंत कौर व पति राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर सोनोग्राफी मशीन को जब्त किया। बहरहाल, टीम लगातार डिकॉय ऑपरेशन को अंजाम दे रही है।

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