बाड़मेर, मंडी श्रमिक करा सकेंगे सरकारी कर्मचारियों के

लिए अधिकृत निजी अस्पतालों में इलाज


बाड़मेर, 13 अगस्त। मंडियों में पंजीकृत अनुज्ञापत्रधारी हमाल, पल्लेदार, तुलाईकादारों का अब गंभीर बीमारी होने पर सरकारी कर्मचारियों की भांति कर्मचारियों के लिए अधिकृत निजी अस्पतालों में इलाज करवाए जाने पर चिकित्सा पुनर्भरण हो सकेगा।

कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि मंडी में काम करने वाले अनुज्ञापत्रधारी हमाल, पल्लेदार व तुलाईकारों को महात्मा ज्योतिबा फुले मंडी श्रमिक कल्याण योजना 2015 के अन्तर्गत गंभीर बीमारी होने पर 20 हजार रुपये की सीमा तक राशि का पुनर्भरण का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि पहले यह पुनर्भरण केवल सरकारी अस्पतालों में इलाज करवाए जाने पर ही होता था, लेकिन अब सरकारी अस्पताल के साथ-साथ सरकारी कर्मचारी की तरह उनके लिए अधिकृत निजी अस्पतालों में इजाज करवाए जाने पर भी पुनर्भरण हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इस पीडि़त को राहत देने के लिए इस योजना के प्रावधानों में बदलाव किया गया और नीतिगत निर्णय लेते हुए इस पीडि़त की राशि का पुनर्भरण करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ यह भी निर्णय लिया गया कि अब कोई भी अनुज्ञप्तापत्रधारी श्रमिक सरकारी कर्मचारियों के लिए अधिकृत अस्पतालों में अगर इलाज कराता है, तो उसका भी पुनर्भरण कृषि विपणन विभाग की ओर से किया जाएगा।

दुर्घटना में फ्रेक्चर होने पर अब 10 हजार रुपए की सहायताः मंडी प्रांगण में कार्य करते समय अनुज्ञापत्रधारी पल्लेदार के फ्रेक्चर होने पर 10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि पहले यह राशि 5 हजार रुपए थी।

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