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 ,जालोर  जवाई नदी पुलिया पर सुचारू हुआ आवागमन
जालोर, 1 अगस्त। अतिवृष्टि के कारण करीब चार दिन से जालोर-आहोर सड़क मार्ग से कटे हुए जालोर जिला मुख्यालय पर सोमवार देर रात आवागमन सुचारू हो गया। मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुन्धरा राजे ने सोमवार को जालोर जिले का दौरा कर अतिवृष्टि के कारण पैदा हुए हालातों का जायजा लिया था और जवाई नदी पुलिया की अतिशीघ्र मरम्मत करवाकर आवागमन शुरू करने के निर्देश दिए थे।

युद्ध स्तर पर किया गया मरम्मत कार्य

जिला कलेक्टर श्री एल.एन. सोनी ने बताया कि मुख्यमंत्राी के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन, सेना, नेशनल डिजास्टर रिस्पाॅन्स फोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रिस्पाॅन्स फोर्स (एसडीआरएफ) और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से जवाई नदी पुलिया की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर किया गया और सोमवार रात करीब 9 बजे हल्के वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया। मंगलवार सुबह से भारी वाहनों का आवागमन भी शुरू कर दिया गया।

लोगों के चेहरे पर दौड़ी खुशी की लहर

आवागमान शुरू होने से कई दिनों से पुलिया के दोनों ओर अटके हुए लोगों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से विगत करीब 4 दिनों से लोग अपने आवश्यक कार्यों के लिए न तो जालोर जिला मुख्यालय आ पा रहे थे और न ही जालोर से जोधपुर व पाली आदि मार्गो की तरफ जा पा रहे थे। पुलिया पर आवागमन सुचारू होने से उन्हें राहत मिली। अब लोग जालोर-आहोर मार्ग पर आ-जा सकते हैं।

रसद और अन्य सामग्री की आपूर्ति हुई बहाल

उपखण्ड अधिकारी श्री राजेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के कारण बाधित हुई रसद सामग्री, गैस तथा पेट्रोल की आपूर्ति भी मंगलवार को सुचारू हो गई। मंगलवार सुबह से रसद सामग्री सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं के वाहनों तथा पेट्रोल टैंकर एवं गैस कम्पनियों के वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई, इससे स्थानीय निवासियों को राहत मिली।

सहायक अभियंता श्री रमेश सिंगारिया ने मौके पर बताया कि पुलिया के मरम्मत कार्य का लगातार जायजा लिया जा रहा है। फिलहाल अस्थायी रूप से मरम्मत का कार्य किया गया है। पानी का वेग कम होने के बाद इसे पूरी तरह दुरूस्त कर दिया जाएगा।

पानी के भारी वेग से क्षतिग्रस्त हो गई थी पुलिया

उल्लेखनीय है कि पश्चिमी राजस्थान में अतिवृष्टि के कारण जवाई बांध में पानी की भारी आवक होने से बांध के गेट खोले गए थे, इससे जवाई नदी में पानी का वेग काफी बढ़ गया था और जवाई नदी पुलिया का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके कारण पुलिया पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था।

फोटो कैप्शन: जवाई नदी पुलिया पर सुचारू आवागमन का दृश्य।

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जालोर में राहत एवं बचाव कार्य जोर-शोर से जारी

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकाॅप्टर और नावों से पहुंचाई खाद्य सामग्री


-जिला प्रभारी सचिव श्री कुंजीलाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्टेट डिजास्टर एक्शन फोर्स श्री बीएल सोनी व जिला कलेक्टर श्री एलएन सोनी प्रभावित क्षेत्रा का जायजा लिया

जालौर, 1 अगस्त। जालोर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मंगलवार को भी जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जोर-शोर से जारी रहे। सुबह से ही पूरा जिला प्रशासन राहत पहुंचाने में मुस्तैद रहा। प्रभावित क्षेत्रों में करीब चार टन खाद्य सामग्री पहुंचाई गई। जिला प्रभारी सचिव श्री कुंजीलाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्टेट डिजास्टर एक्शन फोर्स श्री बीएल सोनी तथा जिला कलेक्टर श्री एलएन सोनी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जायजा लिया।

जिला कलेक्टर श्री सोनी ने बताया कि मंगलवार को राहत एवं बचाव कार्यों के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय वायुसेना के हेलीकाॅप्टर से खाद्य सामग्री एवं अन्य अति आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई गई। उन्होंने बताया कि हेलीकाॅप्टर से दो राउण्ड कर चितलवाना, खेजड़ियाली, आकुड़िया, रणोदर, रणखार, बाकासर सहित अन्य गांवों में भोजन के पैकेट, आटा, बिस्किट, पानी की बोतलें तथा खाद्य तेल सहित करीब चार टन खाद्य सामग्री और कम्बल पहुंचाए गए।

श्री सोनी ने बताया कि टापुओं पर अटके हुए लोगों के लिए भी एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ द्वारा नावों के माध्यम से राशन सामग्री पहुंचाई गई है। कुछ गांवों में सड़क मार्ग से भी खाद्य एवं अन्य सामग्री पहुंचाई गई।

मेडिकल टीमें पहुंचीं

जिला कलेक्टर ने बताया कि राज्य स्तरीय मेडिकल टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गई हैं और काम शुरू कर दिया है। प्रत्येक ब्लाॅक में दो-दो मेडिकल टीम तथा चितलवाना में तीन टीम भेजी गई हैं। जालोर के गांवों में एंटी लार्वा गतिविधियां भी करवाई जा रही हैं ताकि मौसमी बीमारियों से बचाव हो सके। साथ ही चिकित्सा केंद्रों पर दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

ज्यादातर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू

श्री सोनी ने बताया कि क्षेत्रा में बिजली आपूर्ति सुचारू करने के लिए भी टीमें जुटी हुई हैं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रा के 33 केवी के 232 में से 209 जीएसएस की बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई है तथा 13 जीएसएस की विद्युत आपूर्ति अन्य स्रोत से चालू कर दी गई है। शेष 10 जीएसएस की विद्युत आपूर्ति शीघ्र चालू करने के प्रयास जारी हैं। जालोर, भीनमाल तथा जसवंतपुरा में विद्युत व्यवस्था बहाल हो गई है। रानीवाड़ा क्षेत्रा में 95 में से 85 गांव, सांचोर में 124 में से 104, बागोड़ा में 49 में से 42 तथा चितलवाना में 154 में से 124 गांवों की बिजली व्यवस्था सुचारू हो गई है।

प्रभारी सचिव ने की राहत कार्यों की समीक्षा

प्रभारी सचिव श्री कुंजीलाल मीणा ने चितलवाना उपखण्ड में अधिकारियों की बैठक लेकर राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा भी की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी तरह मुस्तैद रहकर राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दें ताकि लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।

श्री मीणा ने बिजली, सार्वजनिक निर्माण, जलदाय तथा चिकित्सा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से अब तक किए गए राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की और जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लोगों को त्वरित राहत पहुंचाएं।

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जिला मिशन कमेटी का गठन

जालोर 1 अगस्त । जिले में राष्ट्रव्यापी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली लागू करने के सम्बन्ध में जिला स्तर पर जिला मिशन कमेटी का गठन किया गया हैं।

जिला मजिस्ट्रेट एल.एन.सोनी ने बताया कि जिला मिशन कमेटी में जिला कलक्टर को अध्यक्ष, महिला अधिकारिता विभाग की उप निदेशक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अतिरिक्त जिला कलक्टर, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के (एसीपी) उप निदेशक को सदस्य तथा जिला पुलिस अधीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया हैं।

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जिला निष्पादक समिति की बैठक सम्पन्न

जालोर 1 अगस्त । जिला निष्पादक समिति की बैठक जिला कलक्टर एल.एन.सोनी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टेªट सभागार में सम्पन्न हुई।

बैठक में जिला कलक्टर एल.एन.सोनी ने अतिवृष्टि से प्रभावित हुई स्कूलों के बारे मंे समीक्षा करते हुए संस्था प्रधानों को जर्जर भवनों में विद्यार्थियों को नहीं बैठाने तथा गांव में अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों को सहयोग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को ‘जयपुर फेस्टिवल’ में प्रारम्भ हो रहे ज्ञान संकल्प पोर्टल एवं मुख्यमंत्राी विद्यादान कोष में भामाशाहों व दानदाताओं को प्रेरित कर कोष में धन जमा करवाये। उन्होंने कहा कि विद्यालय नामांकन में अधिकाधिक बढ़ोतरी करने तथा प्रत्येक विद्यालय में दस प्रतिशत नामांकन आवश्यक रूप से बढ़ाना सुनिश्चित करें तथा शारदे बालिका छात्रावासों का नामांकन बढ़ाया जाकर निर्माणाधीन आहोर, उम्मेदाबाद व जसवन्तपुरा के छात्रावासों को 15 अगस्त से पूर्व प्रारम्भ करें वही सायला माॅडल स्कूल का शीघ्र उद्घाटन करवाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जावे।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) ललित शंकर आमेटा, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) आर.के.मीना, डाईट के हनीफ खान, चुन्नीलाल परिहार, रमसा के एडीपीसी प्रकाशचन्द्र चैधरी, सर्व शिक्षा अभियान के एडीपीसी मोहनलाल राठौड़, कार्यक्रम अधिकारी हनुमान कुमार दवे, अशोक चारण, कैलाश कुमार, जालोर ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी किशनाराम विश्नोई, प्रधानाचार्य श्रीमती ज्ञानी राठौड़, सहित अन्य अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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राहत कार्यो की समीक्षा बैठक बुधवार को
जालोर 1 अगस्त। जिले में हुई बाढ़ एवं अब तक किये गये राहत कार्यो की समीक्षा एवं आगामी दिवसों में किये जाने वाले राहत कार्यो की योजना के संबंध में समस्त विभागों की बैठक 2 अगस्त बुधवार को जिला कलक्टर के कक्ष में दोपहर 3 बजे आयोजित की जायेगी।

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