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3 शहरों में तीन बीवियां, कभी साली तो कभी मकान मालिक की बेटी से की शादी
3 शहरों में तीन बीवियां, कभी साली तो कभी मकान मालिक की बेटी से की शादी
जयपुर. कॉलेज में पढ़ने वाले साथी व सास सहित तीन लोगों की हत्या करने के बाद अपनी पहचान छुपाकर जयपुर में रह रहे आरोपी को सोमवार को झोटवाड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बूंदी के मोहम्मद रफीक (46) के कब्जे से 6 कारतूस सहित एक पिस्तौल व कार बरामद की है। रफीक 1990 में बूंदी कॉलेज में सहपाठी रहे अमित की हत्या करने के बाद जेल गया और जमानत के बाद फरार हो गया। मकान मालिक की बेटी से की शादी, लेकिन साली और सास को लेकर चला गया..

रफीक उर्फ अमन अली उर्फ अर्जुन की क्राइम फाइल

>1990 में बूंदी कॉलेज के साथी अमित की हत्या की

>जमानत मिलने पर बूंदी में ही फिर मारपीट, हत्या का प्रयास, लड़की भगाने के 5 और केस, फरार हुआ।

> आगरा पहुंचा, जन्मतिथि कम करवाकर अमन नाम से 12वीं पास कर फिर एलएलबी की। मार्बल कारोबार से जुड़ा, एक लड़की से शादी की, अपने कारोबारी साथी इश्तियाक की सुपारी देकर हत्या करवा दी

> जयपुर में घाटगेट में किराए से रहने लगा। मकान मालिक की बड़ी बेटी से शादी की, लेकिन साली व सास को लेकर लखनऊ चला गया।

> लखनऊ में सास से विवाद होने पर उसकी हत्या कर दी। पत्नी ने मुकदमा दर्ज करवाया तो जयपुर लौटकर करधनी इलाके में जाली कागजात बनाकर अर्जुन सिंह के नाम से रहने लगा




- डीसीपी अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि सोमवार तड़के स्पेशल के कांस्टेबल प्रवीण व सुरेश को सूचना मिली कि ढहर के बालाजी स्टेशन के पास एक व्यक्ति नैनो कार में हथियार बेचने आया है।

- एसएचओ गुर भूपेन्द्र सिंह टीम के साथ पहुंचे और रफीक को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि अमित मर्डर केस में जमानत मिलने के बाद रफीक पर मारपीट, हत्या के प्रयास व लड़की भगाने जैसे 5 और केस दर्ज हुए हैं।

- उस वक्त वह एलएलबी करने के बाद एलएलएम के साथ आईएएस की तैयारी कर रहा था, लेकिन मुकदमों के कारण परीक्षा नहीं दे सका। उसके बाद वह गिरफ्तारी से बचने को आगरा चला गया, जहां जन्मतिथि कम करवाकर अमन नाम से नए दस्तावेज बनवाए और ओपन बोर्ड से 12वीं पास करके फिर एलएलबी की और फिर आईएएस की तैयारी करने लगा। यहीं वह इश्तियाक नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर मार्बल का व्यवसाय भी करने लगा।

- उसी दौरान उसने एक लड़की से शादी भी कर ली, लेकिन कुछ दिन बाद इश्तियाक से विवाद होने पर 5 लाख रु. की सुपारी देकर उसकी हत्या करवा दी और व्यवसाय बेचकर जयपुर में घाटगेट में किराए से रहने लगा।

- यहीं उसने मकान मालिक की बड़ी बेटी से शादी की, लेकिन छोटी बहन व सास को लेकर लखनऊ भाग गया और वहां फिर से मार्बल का व्यवसाय शुरू किया और साली से निकाह कर लिया। दिसम्बर 2016 में सास नईम अख्तर से विवाद हुआ तो उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। लाश को अचनेरा (मथुरा के पास) के पास फेंक गया।

- तब उसकी पत्नी ने लखनऊ में केस दर्ज करवाया, तो वह जयपुर आ गया और नांगल जैसा बोहरा के गणेश नगर में अर्जुन सिंह पुत्र पुरुषोत्तम के नाम से दस्तावेज बनाकर रहने लगा। इसी दौरान लखनऊ से उसकी पत्नी यहां पहुंची तो उसे ठिकाने लगाने के लिए पिछले कुछ दिनों से हथियार बेचकर उसने रुपयों का प्रबंध कर लिया था।

अपराधी ने भी उठा दिए सिस्टम पर सवाल

मुझे तो सजा मिल ही जाएगी, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले अफसरों को भी सजा दिलवाओ

रफीक ने बोला- मैंने अपराध किया है तो मुझे कोर्ट सजा देगा। पुलिस उन अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई करे जिन्होंने मेरे फर्जी दस्तावेज बनाए हैं। मैंने दो अलग-अलग नामों से एलएलबी व एलएलएम करने के साथ अलग-अलग शहरों में कई दस्तावेज बनवाए। उन कलेक्टर-तहसीलदार को भी सजा दिलाओ। सास के मर्डर में लखनऊ पुलिस ने 12 हजार का इनाम घोषित कर रखा है।

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