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सांसद देवजी पटेल की मेहनत लाई रंग

बाढ़ से नर्मदा नहर को हुए नुकसान में 123 करोड़ से होगा पुनः निर्माण एवं मरम्मत कार्य


जालोर जिले के लिये जीवन दायिनी मानी जाने वाली नर्मदा नहर परियोजना इस वर्ष अतिवृष्टि एवं बाढ़ से कई स्थानों से टूट गई थी। इसको लेकर क्षेत्रिय सांसद देवजी पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने 1 अगस्त, 2017 को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर नर्मदा नहर परियोजना को पुनः निर्माण एवं मरम्मत हेतु प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को प्रेषित के निर्देष प्रदान किये थे। सांसद पटेल के निर्देषानुसार विभागीय अधिकारियों द्वारा सर्वे किया गया जिसमें नर्मदा मुख्य नहर सहित वितरिका एवं उप वितरिका पर बाढ़ से अत्यधिक क्षति हुई हैं। जिससे नहरों में अतिरिक्त संरचनाओं का निर्माण किया जाना आवष्यक हो गया ताकि बाढ़ के पानी से नहरों को सुरक्षित रखते हुए नहरों के आर-पार जल निकासी हेतु नवीन संरचनाओं यथा- क्राॅस डेमज, साईफन, एस्केप इत्यादि निर्माण एवं मरम्मत कार्य हेतु 123 करोड़ की अतिरिक्त राषि का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को प्रेषित किया गया।

3 अगस्त, 2017 को जल संसाधन विभाग की राज्य स्तरीय स्वीकृतदात्री समिति की 128वीं बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया। जिसमें समिति द्वारा पूर्व में स्वीकृति में संषोधन कर कुल 3124 करोड़ की सैद्धांतिक एवं प्रषासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। इस प्रकार परियोजना की पूर्व स्वीकृत लागत 2481.49 करोड़ में 642.51 करोड़ की वृद्धि के साथ राषि 3124 करोड़ की स्वीकृति जारी की गयी।

परियोजना की पूर्व स्वीकृति राषि 2481.49 करोड़ की राज्य सरकार द्वारा दिनांक 17.08.2010 को जारी की गयी। जोकि स्वीकृति वर्ष 2008-09 की दरों पर आधारित थी एवं इसमें परियोजना की पूर्णता दिनांक 31 मार्च, 2013 मानी गयी थी।

परियोजना की पूर्णता दिनांक 31 मार्च, 2013 से दिनांक 31 मार्च, 2018 तक की वृद्धि हुई हैं इस कारण मूल परियोजना में सम्मिलित पम्पिंग स्टेषनों के विद्युत बिलों में होने वाली वृद्धि के मध्यनजर 61.28 करोड़ का अधिक प्रावधान सम्मिलित किया गया हैं।

उक्त लागत वृद्धि में मुख्यतया गुजरात राज्य को प्रदान की जाने वाली परियोजना की हिस्सा राषि में 188.70 करोड़ की वृद्धि हुई है जिसका भुगतान राज्य एवं परियोजना से संबंधित अन्तर्राजीय समितियों को किया जाना हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा अब तक गुजरात राज्य एवं अन्य अन्तर्राजीय संस्थाओं को राषि 771.72 करोड़ का भुगतान किया जा चुका हैं।

परियोजना के डिग्गी तक के विद्युतिकरण हेतु विद्युत विभाग द्वारा किये गये कार्य लागत में 176 करोड़ से 288 करोड़ अर्थात 94.11 करोड़ की वृद्धि हुई है जिसका भुगतान विद्युत विभाग को किया जाना है।

3 अगस्त, 2017 को जल संसाधन विभाग की राज्य स्तरीय स्वीकृतदात्री समिति की 128वीं बैठक में नर्मदा नहर परियोजना की संषोधित परियोजना लागत 3124 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक एवं प्रषासनिक स्वीकृति के आधार पर गुजरात राज्य एवं अन्तर्राजीय समितियों की सहमती प्राप्त कर भारत सरकार एवं वित्तीय संस्थाओं के वित्तपोषण की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है।

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