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आनंदपाल के फार्म हाउस को देखकर हैरान रह गए पुलिस अधिकारी



लाडनूं (नागौर). / लाडनूं-निम्बी जोधा मार्ग स्थित गैंगस्टर आनंदपालसिंह के फार्म हाउस एवं उसके द्वारा फार्म हाउस में बनाए गए मकान का पुलिस के उच्चाधिकारियों ने निरीक्षण किया। मकान को देखकर अधिकारी हैरान रह गए, क्योंकि आनंदपाल ने मकान को किसी किले की तरह बना रखा था। एक ऐसा किला, जो किसी फिल्मी खलनायक के किले से कम नहीं है। जहां दुश्मनों से लोहा लेने के लिए बंकर बने हुए हैं, दुश्मनों पर पर गोली चलाने के लिए दीवारों में छेद बनाए गए है।

डीजी (जेल) अजीतसिंह शेखावत, पुलिस अधिकारी एन.आर.के. रेड्डी, डीडवाना एएसपी ज्ञानचंद यादव, सीआई भजनलाल सहित अन्य अधिकारी ये देखकर हैरान थे कि इस घर के तहखाने में लोगों को बंद करने के लिए एक पिंजरा रखा गया था और बाहर से हमला होने पर हमलावरों पर गोलीबारी करने के हिसाब से तैयार किया गया था। आनंदपाल के गुर्गों ने बताया कि अपहरण हो या मर्डर सभी की योजना इसी फार्म हाउस में बनाई जाती थी। ये फार्म हाउस आनंदपाल के खास रहे धर्मेंद्र हरिजन की पत्नी सीता देवी के नाम था, जिसे गत वर्ष ही पुलिस व प्रशासन ने कुर्क कर लिया था।

जानिए, फार्म हाउस के मकान की खासियत

करीब 25 हजार स्कवायर फीट में फैले फार्म हाउस में ही गैंगस्टर आनंदपाल ने कई अपराधों को अंजाम दिया। फार्म हाउस के अंदर एक दो मंजिला भवन बना हुआ है, उसमें एक बेसमेंट जैसा तहखाना भी था। पुलिस के अनुसार यह भवन आनंदपाल सिंह व उसके गुर्गों के रुकने एवं अपराध की योजना बनाने के काम में लिया जाता था। कुर्की की कार्रवाई के दौरान इसके तहखाने में 10 से अधिक खाट मिली, जो गुर्गों के वहां रुकने व छुपने के काम में ली जाती थी। इसके साथ एक लोहे का भारी पिंजरा भी मिला, जिसमें आनंदपाल व उनके गुर्गे अपहरण करके लाए गए व्यक्ति को बंद कर देते थे तथा फिरौती का भुगतान नहीं होने तक उसे पिंजरे में रखते थे। डीजी शेखावत ने पत्रकारों को बताया कि कुछ लोग आनंदपाल को महान बनाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उसके खिलाफ विभिन्न थानों में करीब तीन दर्जन मामले दर्ज हैं। फार्म हाउस का निरीक्षण करने को लेकर उन्होंने बताया कि फार्म हाउस में बने मकान में पहली व दूसरी मंजिल पर फायरिंग की अलग-अलग पॉजिशन लेने के लिए बंकर भी बने हुए हैं। इस भवन में लेईंग पोजिशन, स्टेंडिंग पोजिशन व निलींग पोजिशन से फायर करने के मोर्चे बने हुए मिले थे। इसके साथ छत से लेकर तहखाने में संदेश, मोबाइल व अन्य वस्तुएं पहुंचाने के लिए दीवारों में पाइप लगाकर स्थान बनाए हुए हैं। इस घर को पुलिस पर फायर करने, मुख्य द्वार पर आने वाले पर सीधा हमला करने एवं अन्य मोर्चे लेने के लिए बनाया गया था।

1 टिप्पणियाँ:

  1. Farzi news. Pehle kabhi nahin Pasha is baare mein. Pehle kya police so Rahi thi, jab itna kuchh ghatit Hina Bata Rahi hai ya police walon ki milibhagat se hi aoaradh liye ja rahe the

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