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जैसलमेर, साप्ताहिक समीक्षा बैठक  अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्र  में राहत के पुख्ता प्रबंध
जैसलमेर, 31 जुलाई। जिले के भणियाणा उपखण्ड के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत के पुख्ता प्रबंध किए गए है। प्रभावित क्षेत्र भणियाणा, भिखोडाई, राजमथाई, फलसूण्ड एवं फूलासर गांवों में जिला कलक्टर कैलाष चन्द मीना ने चिकित्सकों एवं पषु चिकित्सक दल भेजकर लोगों को राहत पहुंचाने की हिदायत दी है। वह सोमवार सांय कलेक्ट्रेट सभागार में जिले में पानी, बिजली, सडक, स्वास्थ्य आदि आवष्यक सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा के साथ-साथ अतिवृष्टि तथा आपदा प्रबंधन की समीक्षा कर रहें थें।

इस मौके पर जिला कलक्टर ने बताया कि पोकरण तथा भणियाणा उपखण्ड में पिछले सप्ताह के दौरान अतिवृष्टि हुई है तथा इससे जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों के लोग प्रभावित हुए है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में तत्काल राहत पहंुचाने के लिए चिकित्सकों का दल भेजकर बीमारियों का सर्वे करने तथा पेयजल स्त्रोतों की जांच करने की हिदायत दी। साथ ही पषु चिकित्सकों का दल भेजकर प्रभावित क्षेत्र में पषुओं का उपचार करने तथा बीमार पषुओं में दवा वितरण करने के निर्देष दिये।

जिला कलक्टर ने अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सडकों व भवनों का सर्वे कराने के साथ-साथ रामदेवरा को जाने वाले सडकों को अविलम्ब मरम्मत करवाने के निर्देष दिये। साथ ही रामदेवरा पद यात्रियों के लिए पैदल ट्रेक के अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हिस्से को तुरन्त ठीक करवाने को कहा। उन्होंने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त बिजली तंत्र को दुरस्त कर तुरन्त बिजली आपूर्ति सुचारू करने तथा नियतिम पेयजल वितरण की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि बारिष के बाद जिला मुख्यालय पर गन्दगी हो जाती है जिसे अविलम्ब साफ किया जायें एवं जिला अस्पताल एवं सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई चाक चैबन्द रखी जाए।

इससे पूर्व अतिरिक्त जिला कलक्टर के.एल.स्वामी ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंनें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को निर्देष दिये कि वर्षाकाल में सर्पदंष की घटनाओं में बढोतरी हो जाती है इसलिए जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों में पर्याप्त मात्रा में सर्पदंष के इंजेक्षन उपलब्ध रखे जाएं। उन्होंने पुराने राजश्री के भुगतान के जो मामले है उसकी संपूण सूचना सहित सूची उपलब्ध करावें एवं इस कार्य में वे व्यक्तिगत रूचि लेकर संबंधित के बैंक खाते मंगवाकर एक सप्ताह में भुगतान करवा के शून्य की स्थिति में लावें। उन्होंनंे इसको सर्वोच्च प्राथमिकता से लेने के निर्देष दिए। उन्होंनंे पानी के सेम्पल जांच प्रभावी ढंग से करने के साथ ही वर्षा काल में जल जनित बीमारियों के उपचार की समुचित व्यवस्था सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर करने के निर्देष दिए। उन्होंनंे प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को निर्देष दिए कि वे जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करावें वहीं वार्डो व शौचालयों की सफाई व्यवस्था में और अधिक सुधार लावंे।

उन्होंनें नगर परिषद को निर्देष दिये कि वे शहर में बारीष के मौसम के दौरान सफाई व्यवस्था में सुधार लावें वहीं किसी भी सूरत में नाले का गंदा पानी ओवरफ्लों न हों उनके पुख्ता प्रबंध करावें। वहीं आवारा पषुओं की धरपकड कर उन्हें गौषालाओं में भिजवानंे एवं साथ ही जो व्यक्ति शहर में पषु रखते है उनको भी समझाईष करें कि अपने पषुओं को खुला नहीं छोडें। उन्होंनें विद्युत विभाग के अधिकारी को निर्देष दिये कि वे वर्षा काल के दौरान बिजली आपूर्ति नियमित रखी जाएं तथा वर्षा से बिजली तंत्र क्षतिग्रस्त होने पर उसकी बहालगी तुरन्त करना सुनिष्चित करने के निर्देष दिये।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से रामदेवरा जाने वाले पैदल यात्रियों के पथ निर्माण की प्रगति की जानकारी ली एवं इससे आगामी भादवा मेले से पूर्व इसे पूर्ण करने को कहा। उन्होंनंे पीडब्ल्यूडी अधिकारी से गौरव पथ के निर्माण की जानकारी ली एवं जिला कलक्टर ने शेष गौरव पथ के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देष दिये।

अतिरिक्त जिला कलक्टर के.एल.स्वामी ने गत सप्ताह के दौरान विभिन्न विभागीय सेवाओं की प्रगति से अवगत कराया तथा बकाया कार्यो की जानकारी दी। बैठक में पानी, बिजली, सडक, स्वास्थ्य आदि विभागों से जुडें जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थें।

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दिव्यांग के पंजीयन कार्य ई-मित्र पर होगा

जैसलमेर, 31 जुलाई।पं0 दीनदयाल उपाध्याय विषेष योग्य जन षिविर 2017 के प्रथम चरण अन्तर्गत दिव्यांगो के पंजीयन का कार्य ई-मित्र पर किया जा रहा है। हिम्तसिंह कविया सहायक निदेषक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने बताया कि दिव्यांगन जन अधिकार अधिनियम में दिव्यांगो की 21 प्रकार की निःषक्तता अधिसूचित की गई है, इन सभी दिव्यांगों के पंजीयन का कार्य किया जा रहा है । उन्होने बताया कि ई-मित्र पर पंजीयन हेतु नाम ,पता, पिता का नाम, भामाषाह कार्ड नम्बर, आघार कार्ड नम्बर, पेषंन प्राप्त कर रहा है तो पीपीओ प्रति, मूल निवास प्रमाण पत्र, परिवार की वार्षिक आय का प्रमाण पत्र, निःषक्तता प्रमाण पत्र (यदि पहले बना है तो)े जैसे आवष्यक दस्तावेज होगें।

उन्होने बताया कि महिला एवं बाल विकास की महिला सुपरवाईजरो को अपने अपने क्षेत्र में आंगनवाडी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को आंगनवाडी में नामांकित 0 से 6 वर्ष के दिव्यांग बच्चों तथा दिव्यांग धात्री महिलाओं की पहचान कराकर उनका पंजीयन कराये जाने में सहयोग प्रदान करावें । समस्त संस्था प्रधान राजकीय एवं निजी विद्यालयो में अध्यनरत विभिन्न प्रकार की निःषक्तता के दिव्यांग बालक बालिकाओं का तथा दिव्यांग अभिभावको चिन्हीकरण कराते हुए पंजीयन करावे । उन्होने बताया कि इस अभियान से कोई भी संस्था प्रधान व अध्यापक अनभिज्ञ न रहे, वे अपने अपने विद्यालय में ऐसे बालको की पहचान कर पंजीयन करा ले ।

ग्रामीण एवं पंचायत राज विभाग के ग्राम सेवक दिव्यांग पेंषन प्राप्त कर रहे दिव्यांगो एवं कोई हो तो उनकी पहचान कर चिन्हिकरण एवं पंजीयन का कार्य करावें। कोई भी दिव्यांग पंजीयन से वंचित न रहना चाहिए इसका पूर्ण ध्यान रखते हुए समय पर पंजीयन का कार्य हो उन्होने बताया कि सभी दिव्यांगों का पंजीयन किया जाना है चाहे उनके विकलांगता का प्रमाण पत्र पहले बना हुआ है या नही।

उन्होने बताया कि दिव्यांगो के पंजीयन कार्य से ग्रामीण एवं षहरी क्षेत्र के दिव्यांगों का अच्छा डाटा बेस तैयार होगा इससे इन वर्ग के कल्याण हेतु राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा कई नई कल्याणकारी योजनाओं का संचालन होगा। उन्होने बतया कि भारत सरकार की यूडीआईडी कार्ड योजना से दिव्यांगो को विषिष्ठ पहचान प्राप्त होगी तथा साथ ही यह भविष्य में एकल दस्तावेज का स्थान प्राप्त करेगा।

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