शनिवार, 22 जुलाई 2017

Anandpal Encounter: नागौर पुलिस ने सरकार को भेजा सीबीआई जांच का प्रस्ताव

Anandpal Encounter: नागौर पुलिस ने सरकार को भेजा सीबीआई जांच का प्रस्ताव

Anandpal Encounter: नागौर पुलिस ने सरकार को भेजा सीबीआई जांच का प्रस्ताव
नागौर. आनंदपाल एनकाउण्टर के बाद सांवराद में हुए उपद्रव में मरने वाले मालासर निवासी सुरेंद्र सिंह की मौत मामले में नागौर पुलिस ने सीबीआई जांच का प्रस्ताव तैयार कर लिया है।

एसपी परिस देशमुख ने नागौर पुलिस द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को राज्य सरकार को भेजा है। अब राज्य सरकार इस प्रस्ताव को केंद्रीय सरकार के गृह मंत्रालय भेजेगी। इसके बाद सीबीआई जांच को लेकर निर्णय होगा। वहीं आनंदपाल के एनकाउण्टर के मामले का प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी चूरू पुलिस को दी है, क्योंकि आनंदपाल का एनकाउण्टर चूरू जिले के मालासर गांव में हुआ था, ऐसे में घटनास्थल चूरू जिले की पुलिस का है। राज्य सरकार व राजपूत समाज के बीच समझौते के दौरान एनकाउण्टर व सांवराद उपद्रव में गोली से मरने वाले सुरेंद्र सिंह की मौत की जांच सीबीआई से कराने पर सहमति बनी थी।

गौरतलब है कि सांवराद में 12 जुलाई को आनंदपाल की श्रद्धांजलि सभा के दौरान युवकों ने उपद्रव मचाया था। जिसमें सांवराद रेलवे स्टेशन पर पुलिस व उपद्रवी युवकों के बीच हुई झड़प में करीब तीन दर्जन युवक व पुलिसकर्मी घायल हुए थे। जिसमें गोली लगने से मालासर के सुरेंद्र सिंह की मौत हो गई थी, शुरुआत में यह सामने आया कि मृतक का नाम लालचंद है और वह हरियाणा निवासी है। बाद में जब अखबारों में इस्तेहार दिया तो पता चला कि मरने वाला मालासर निवासी सुरेंद्र सिंह था। उपद्रव के दौरान पुलिस व रेलवे पुलिस के कुल ३२ जवान घायल हुए थे, जिनका डीडवाना व जयपुर में उपचार करवाया गया, कुछ का अब भी जयपुर में उपचार चल रहा है। सांवराद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने गए युवकों ने सांवराद रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रेक उखाड़ दिया। पुलिस एवं आरपीएफ के जवानों ने युवकों को खदेडऩे का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें एक दर्जन से अधिक पुलिस एवं आरपीएफ के जवान घायल हो गए। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस ने जवाब में फायरिंग की, जिसमें चार युवकघायल हो गए। हालांकि पुलिस का कहना है उपद्रवी युवकों ने उनसे हथियार छीन लिए तथा फायरिंग भी उन्होंने ही की, जबकि घायल युवकों ने आरोप लगाया कि फायरिंग पुलिस ने की। समझौता वार्ता में इस बात को लेकर सीबीआई जांच की मांग की गई।

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