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बाड़मेर अवैध क्रूड आॅयल चोरी के संगठित आपराधिक गेंग का पर्दाफाष, 100 से अधिक नामजद, 25 हिरासत में, 33 टेंकर कब्जा पुलिस


बाड़मेर गगनदीप सिंघला, पुलिस अधीक्षक जिला बाड़मेर ने बताया कि जिला पुलिस ने दिनांक 14 जुलाई 2017 को नागाणा पुलिस थाने में दर्ज क्रूड आॅयल चोरी प्रकरण के सम्बन्ध में एक संगठित गिरोह का पर्दाफाष किया है। इस सिलसिले में अब तक 3 प्रकरण विभिन्न धाराओं में दर्ज करते हुए 33 टेंकर जब्त किये तथा 6 टेंकर निगरानी में रखे गये है। अब तक कुल 25 मुलजिमों को हिरासत में लिया गया है।
खुलाषे की शुरूआत
दिनांक 14.07.2017 को र्कयर्न एनर्जी के लीगल चेज आफिसर श्री गणपतसिंह ने एक रिपोर्ट दर्ज करवाई कि कैयर्न एनर्जी की सरस्वती-1 साईट से एक टेंकर नं. आर.जे. 19जीडी8999 जो नरेन्द्र रोड लाईन से सम्बन्धित है, जिसे सताराम व धर्माराम लेकर आ रहे है एवं इस टेंकर में प्रोडॅयूस्ड वाटर भरना था जबकि इन्होंने अनुचित लाभ कमाने के उद्देष्य से  इसके 3 चैम्बर में प्रोडॅयूस वाटर तथा 2 चैम्बर में क्रूड आॅयल भरवाकर लाए है। इस सम्बन्ध में नागाणा पुलिस थाना में प्रकरण संख्या 56 धारा 420, 407, 120 बी भा.दं.सं. में पंजीबद्ध किया गया तथा अनुसंधान श्रीमती केषरकंवर, थानाधिकारी नागाणा द्वारा प्रारम्भ किया गया।

टीम का गठन
इस संगठित अपराध का खुलाषा तथा संगठित व आर्थिक अपराध की तह तक जाने, संलिप्त अपराधियों की पहचान, उनके सम्भावित ठिकानों की पहचान तथा उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने हेतु श्री ओम प्रकाष विष्नोई, उप निरीक्षक पुलिस तथा श्री पन्नाराम सहायक उप निरीक्षक पुलिस की विषेष टीम का गठन किया गया। उक्त दोनों ने अपने विषेष मुखबिर स्थापित कर महत्वपूर्ण आसूचना संकलन की तथा गिरफ्तारसुदा मुलजिमों से गहन पूछताछ प्रारम्भ की। 
प्राप्त आसूचना के अनुसार आपराधिक संगठन के खुलाषे हेतु विषेष अनुसंधान दल में श्री ओमप्रकाष उज्जवल के नेतृत्व में श्री भंवरलाल सीरवी, थानाधिकारी बालोतरा व श्री राजेन्द्र चैधरी, थानाधिकारी पुलिस थाना सदर को शामिल किया।ष्



वारदात का खुलाषा
1. खेतसिंह की प्याउ के पास स्थित फैक्ट्री
गिरफ्तारसुदा मुलजिम सत्ताराम व धर्माराम से गहन पूछताछ करने पर बताया कि वे अवैध तरीके से चुराए गये क्रूड आॅयल को खेतसिंह की प्याउ के पास स्थित फैक्ट्री जिसका मालिक गौतम सिंह व भूरसिंह राजपुरोहित निवासी महाबार है, को बेचते थे। मुलजिम की निषांदेही पर उक्त फेक्ट्री की पहचान की जाकर वहाॅ पर टायरों के नीचे अण्डरग्राउण्ड में दबे बीस हजार लीटर की क्षमता के दो टेंकरों का खुलाषा हुआ जिसमें लगभग 3500 लीटर क्रूड आॅयल होना पाया गया। इन टेंकरों में भरे क्रूड का रसायनिक परीक्षक कैयर्न की लेबोरेटरी से करवाया गया जिन्होंने अपनी रिपोर्ट दी कि ‘ठंेमक वद जीम कमदेपजलध्ज्ञच्प् चतवचमतजपमेए जीम ेंउचसम तिवउ सवबंजपवद 1 तमेमउइसमे बंपतदे ेंजमससपजम पिमसक बतनकम वपसष्ण्ण् जिस पर मुलजिम गौतमसिंह राजपुरोहित को गिरफ्तार किया जाकर प्रकरण संख्या 191 अन्तर्गत धारा 420, 120बी, भा.दं.सं. व 3/7 आवष्यक वस्तु अधिनियम पुलिस थाना सदर में दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया।

2. गादान रोड़ स्थित फैक्ट्री -
इसी अनुसंधान के दौरान जरीये विषेष मुखबिर ने सूचना दी की कि खेतसिंह की प्याउ के पास स्थित फेक्ट्री के अलावा इनकी गादान रोड़ पर एक अन्य फैक्ट्री है जहाॅं पर अवैध क्रूड आॅयल होने की सम्भावना है। साथ ही अवैध रूप से भण्डारण कर दूसरे रसायनों के साथ मिलाकर डामर निर्माण की सामग्री तैयार की जाती है। इस सूचना पर उक्त फैक्ट्री को निगरानी में रखी जाकर कैयर्न एनर्जी के विषेषज्ञों को बुलाकर वहाॅ कंकरीट व टायरों को हटाकर 8 भूमिगत टेंकरों में भरे द्रव पदार्थ के सैम्पल लिये जाकर परीक्षण करवाया गया। परीक्षण से 4 टेंकरों में भरा द्रव प्रदार्थ कैयर्न एनर्जी की साईट सरस्वती-1, सरस्वती 2 और आरजीटी से उत्पादित क्रूड आयल से सही मिलान होना पाया गया। उक्त द्रव का माप करने पर लगभग 43000 लीटर अवैध क्रूड आॅयल होना पाया गया तथा अन्य टेंकर में 150 लीटर अवैध कैरोसीन व 60 कट्टे विषेष रसायनिक पाउडर के भरे पाये गये।  इस सम्बन्ध में प्रकरण संख्या 192 अन्तर्गत धारा 420, 120बी, भा.दं.सं. व 3/7 आवष्यक वस्तु अधिनियम पुलिस थाना सदर में दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया।
  तरीका वारदात
अब तक के अनसंधान तथा सूत्र सूचनाओं के आधार पर ये तथ्य सामने आए है कि उत्पादन केन्द्र पर पदस्थापित कर्मचारियों की मिलीभगत से टेंकर चालकों के मालिक, चालक तथा सह चालक पानी के स्थान पर क्रूड आॅयल भरवाकर लाते तथा टेंकरों के ढक्कन की सील तोड़कर गौतमसिंह की फैक्ट्रियों में भूमिगत टेंकों में खाली कर देते। पुनः खाली टेंकरों में साधारण पानी भरकर एमपीटी में खाली कर देते। इसके अलावा कभी-कभी क्रूड आॅयल से भरे टेंकर में को आधा खाली कर उसमें पानी भरकर एमपीटी में खाली कर देते थे। चॅूंकि उत्पादन केन्द्र तथा अनलोडिंग प्वाईंट पर नियुक्त सर्वेयर तथा आर.टी.एस.ओ. को इस बात की भनक लगने पर टेंकर मालिकों तथा गौतमसिंह द्वारा अवैध रूप से धनराषि देकर चुप करवा दिया तथा इस प्रकार इस गोरखधंधे में एमपीटी को भी शामिल कर दिया।


जीपीएस के साथ छेड़छाड 

उत्पादन केन्द्र से एमपीटी तक पहंुचने तक निष्चित स्थानों पर ही टेंकरों को रोका जा सकता है। जिसकी मोनिटरिंग जीपीएस द्वारा की जाती है जिस बाबत जीपीएस मोनिटरिंग पर नियुक्त कर्मचारियों से मिलकर इसका तोड़ निकालने के लिए टेंकर मालिक जेठाराम उर्फ गणेषाराम तथा गौतमसिंह ने अपने वाहन स्काॅर्पियो तथा स्विफ्ट डिजायर में जीपीएस की पिन का इंस्टालेषन करवा दिया। चलते टेंकर को धोरीमन्ना और मांगता के बीच कुछ मिनट रोकर कर पूरे जीपीएस को पिन से निकालकर अपनी गाडियों में लगी पिन से जोड़ देते थे तथा टेंकर की स्पीड (40-50 किमी प्रति घण्टा) से चलाते तथा टेंकरों की गति को बढ़ा देते और दोनों के मध्य 30-40 मिनट का अन्तराल स्थापित कर देते। इस दौरान टेंकर चालकों द्वारा टेंकर को फैक्ट्री में ले जाकर आवष्यकतानुसार अनलोड किया जाता था और अनलोड करने के तुरन्त पश्चात् फैक्ट्री से 2 किमी आगे आकर पुनः जीपीएस को कार से टेंकर में इंस्टाॅल कर दिया जाता था।

अपराध के अड्डे की स्थिति: यह स्थान बख्तरबंद किले से कम नहीं है। टेंकर के प्रवेष करने के पल भर बाद ही दरवाजा बंद कर दिया जाता था ताकि बाहर से किसी को भी नजर नहीं आए। पानी संग्रहण की समुचित व्यवस्था सुनिष्चित है। टेंकर को तत्काल खाली करने तथा पुनः भरने हेतु इलेक्ट्रिक फाईटर का प्रयोग किया जाता था ताकि अधिकतम समय 30-40 मिनट का ही लगे। टेंकर खाली करने के तुरन्त पश्चात् भूमिगत टेंकर पर पुराने टायरों का ढेर खड़ा कर दिया जाता था ताकि अनजान व्यक्ति तथा पुलिस को नजर नहीं आए।

मुनाफे की बंदरबांट -
उक्त अवैध क्रूड आॅयल को गौतमसिंह व भूरसिंह राजपुरोहित द्वारा 7.50 रूपये प्रति लीटर की दर से टेंकर मालिकों से क्रय किया जाता था तथा औसतन 25 रूपये प्रतिलीटर की दर से पुनः अन्य पार्टियों को विक्रय किया जाता था। इस प्रकार प्रति लीटर 17.50 रूपये प्रति लीटर की दर से मुनाफा गौतमसिंह व भूरसिंह राजपुरोहित कमाते थे। इन 7.50 रूपये में सेे टेंकर मालिक 3.5 रूपये प्रति लीटर उत्पादन केन्द्र पर पदस्थापित कैयर्न एनर्जी कम्पनी के कर्मचारियों को दे दिया जाता था जिसमें से 1 रूपया प्रति लीटर सर्वेयर को तथा बाकि राषि हेल्पर व अन्य कर्मचारियों में बांट दिये जाते थे। 4 रूपये प्रति लीटर की दर से मुनाफा केवल टेंकर मालिकों को पहुंचता था। अनलोडिंग वाले स्थान यानि एमपीटी पर जीपीएस एवं सर्वेयर को भी एक हिस्सा टेंकर मालिकों द्वारा दिया जाता था। 
आर्थिक नुकषान का लेखा जोखा
अब तक के अनुसंधान से प्राप्त तथ्यों के आधार पर इनके द्वारा प्रति दिन 15000 से 20000 लीटर अवैध क्रूड आॅयल का अवैध कारोबार चलता था। वर्तमान चलन में दर के आधार पर प्रतिदिन तीन लाख अर्थात प्रति माह 90 लाख रूपये का नुकषान हो रहा था। इस आधार पर प्रतिवर्ष 11 करोड़ रूपये का कम्पनी को नुकषान हो रहा था।



प्रकरण में अब तक अभिरक्षा में लिए आरोपी
इन प्रकरणों में संलिप्त टेंकर मालिक, चालक, हेल्पर, फैक्ट्री मालिक, उत्पादन केन्द्र तथा अनलोडिंग प्वाईंट के सर्वेयर, हेल्पर, एच.एस.ई. टेक्निषिन सहित लगभग 100 से अधिक आरोपितों को नामजद किया गया है जिनमें से निम्नानुसार पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है -
1. उत्पादन केन्द्र सरस्वती -1 कोसलू से :- 1 सर्वेयर, 1 डीजी ओपरेटर, 2 हेल्पर
2. एमपीटी नागाणा से - 2 वीटीएस मोनीटर, 2 सर्वेयर
3. टेंकर चालक एवं हेल्पर - 17 

अब तक जब्त किये गये वाहन -
कैयर्न के दक्षिणी क्षेत्र में नरेन्द्र रोड़ लाईन्स एवं श्री मोहनगढ़ कंस्ट्रक्षन कम्पनी के कुल 44 टेंकर लगे हुए है जिनमें से अब तक के अनुसंधान से 39 टेंकर इस अवैध धंधे में संलिप्त पाए गए। इन टेंकरों की पहचान की जाकर जीपीएस के काॅर्डिनेट के माध्यम से 33 टेंकर पुलिस कब्जे में लिए जा चुके है। इन टेंकरों की जब्ती में पुलिस थाना नागाणा, सदर, आरजीटी, धोरीमन्ना, सिणधरी तथा गुड़ामालानी के पुलिस दल ने अहम भूमिका निभाते हुए त्वरित कार्यवाही की।
इस सफेद पोष अवैध धन्धें में राज्य के बाहर से तार जुड़े होने से इंकार नहीं किया जा सकता। अब तक के अनुसंधान में खेतसिंह के प्याउ के पास स्थित फैक्ट्री से यह क्रूड आॅयल कोलकाता तक जाने के तथ्य सामने आए है।

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