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आनंदपाल एनकाउंटर: परिजनों ने शव लेने से किया इनकार, की CBI जांच की मांग



जयपुर । राजस्थान के गैंगस्टर आनंदपालसिंह का एनकाउण्टर करने के बाद पुलिस ने भले ही राहत की सांस ले ली, लेकिन समस्याएं अभी खत्म नहीं हुई है। आनंदपालसिंह के शव का पोस्टमार्टम पूरा हो गया है। आनंदपाल के रिश्तेदार व समाज के कुछ लोग एनकाउण्टर प्रकरण की सीबीआई जांच कराने तथा आनंदपाल के अंतिम संस्कार में उसके दोनों भाइयों को बुलाने की मांग पर अड़े हुए है। परिजनों ने आनंदपालसिंह के शव लेने से साफ इनकार कर दिया है, ऐसे में पुलिस पसापेश में है। मेडिकल बोर्ड ने पुलिस को आनंदपालसिंह के शव को सौंप दिया है। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखकर मुख्य गेट का ताला लगा दिया है। अब पुलिस ने मोर्चरी में डी-फ्रिज मंगवाया है। पुलिस को आशंका है कि शव को आज मोर्चरी में रखना पड़ सकता है।
CBI जांच की मांग
गैंगस्टर आनंदपाल के परिजनों और रिश्तेदारों ने एसओजी की कार्रवाई पर सवाल उठाते आनंदपाल का शव लेने से इनकार कर दिया है। परिजन इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आनंदपाल की घेरकर हत्या की है। उसकी ओर से पहले फायर नहीं खोला गया था। पुलिस ने वाहवाही लूटने के लिए उस पर ताबड़तोड़ फायर कर मार डाला। उन्होंने इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। परिजनों की दूसरी मांग आनंदपाल के दोनों भाइयों को भी अंतेष्टि के समय लाने की मांग की है। ये दोनों जेल में है। उधर, डीजीपी मनोज भट्ट ने मीडिया से कहा कि इस मामले में पुलिस ने अपनी तरफ से पहले फायर नहीं किया। हमारे अधिकारियों ने उसे तीन-चार बार सरेंडर करने के लिए कहा। उसके बाद उसने पुलिस टीम पर फायर खोल दिए। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा सम्हाला। पुलिस उसे जिन्दा पकड़ना चाहती थी। भट्ट का कहना है कि इस मामले में सरकार जैसे भी चाहे जांच करवा करवा सकती है।




आनंदपालसिंह को कितनी गोली लगी ?
मेडिकल बोर्ड टीम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आनंदपाल के शरीर से दो गोलियां निकाली गई है, जबकि एक्सरे-जांच में तीन गोलियां लगना सामने आया था और डीजीपी मनोज भट्ट ने जयपुर में प्रेस-वार्ता के दौरान कहा कि आनंदपाल सिंह को 6 गोलियां लगी थी। ऐसे में अभी तक यह सस्पेंस बना हुआ है कि आखिर आनंदपालसिंह को कितनी गोलियां लगी थी।
आनंदपाल के गांव में जमा होने लगी भीड़आनंदपाल के एनकाउण्टर की सूचना मिलते ही जहां एक ओर उसके लाडनूं स्थित आवास पर सन्नाटा पसर गया, वहीं पुलिस ने एहतियात के तौर पर घर के बाद सादा वर्दी में जवान खड़े कर दिए। आनंदपाल के अंतिम संस्कार के लिए उसकी मां निर्मल कंवर सहित अन्य परिजन लाडनूं से सांवराद पहुंच गए हैं। परिजनों के साथ समाज के भी काफी लोग आनंदपाल का शव पहुंचने से पहले ही आनंदपाल के घर पर एकत्र होना शुरू हो गए हैं।

आनंदपाल के एक रिश्तेदार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस ने राजनीतिज्ञों के इशारे पर आनंदपाल का एनकाउण्टर किया है, इसलिए इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए। इसके साथ परिजन आनंदपाल के दोनों भाई रूपेन्द्रपाल उर्फ विक्की व देवेन्द्र उर्फ गट्टू को दाह संस्कार में लाने की मांग कर रहे हैं।

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