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*बाड़मेर कचरा बीनने वाले बच्चे अब जाएंगे स्कूल,चौहटन एसडीएम की सराहनीय पहल*
*-श्रम करने वालों बच्चों को जोड़ा जाएगा शिक्षा से*

*-भारती फाउंडेशन और भामाशाह करेंगे सहयोग*

बाड़मेर चौहटन (भजनलाल पंवार)
कचरा बीनकर व अन्य श्रम करते हुए अपना व अपने परिवार का पेट पालने में लगे बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन ने अभियान प्रारंभ किया है । सोमवार से ऐसे बच्चों का सर्वे कर इनको सरकारी विद्यालय में दाखिला करवाया जाएगा जहाँ भारती फाउंडेशन द्वारा इनको शिक्षा दी जाएगी ।

गौरतलब है कि उपखंड अधिकारी भागीरथ चौधरी ने गुरुवार को मॉर्निंग वॉक के दौरान कुछ मासूम बच्चे कचरा बीनते नजर आए जिस पर एसडीएम ने शनिवार को विशेष बैठक बुलाई जिसमे ऐसे श्रम करने वाले बच्चों के माता पिता को शिक्षा के प्रति जागरूक किया । उन्होंने अभिभावकों से काउंसलिंग कर उन्हें समझाया कि इन मासूम बच्चों को स्कूल से जोड़े ताकि बेहतर जिंदगी जी सके । इस दौरान एसडीएम ने बीईओ केसरदान रतनू को इन बच्चों के लिए विशेष कक्षाओं की व्यवस्था करने को कहा जहाँ प्लेग्रुप जैसी मनोरंजक गतिविधियां हो ताकि बच्चे स्कूल के वातावरण से जुड़ सके । उन्होंने सीडीपीओ डुंगरलाल सोनगरा को भी निर्देश दिए कि आगनवाड़ी कार्यकर्ता के मार्फत सभी घरों का पुनः सर्वे कर ऐसे सभी बालक बालिकाओं को आगनवाड़ी से भी जोड़े और मंगलवार तक सर्वे का रिकॉर्ड जमा कराने के आदेश दिए ।भारती फाउंडेशन के ब्लॉक कॉर्डिनेटर सुराब खान ने इन लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी लोग कल से होने वाले सर्वे में सहयोग करे । फाउंडेशन की तरफ से ऐसे बच्चों की समस्त जिम्मेदारी उठायी जाएगी ।शिक्षा के अधिकार कानून की तमाम सख्ती के बावजूद आज भी समाज में कई तबके ऐसे हैं जिनके बच्चे अभी भी नियमित शिक्षा से वंचित हैं। इनमें ठेके पर काम कर रहे भवन निर्माण मजदूरों के बच्चे, कचरा बीनने वालों के बच्चे, खुद कचरा बीनने वाले बच्चे, ईंट-भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चे, बंजारों और ऐसे ही की कई अन्य घूमने व अस्थायी नौकरी करने वाले समुदायों के बच्चे शामिल हैं। हालांकि, इन सबके लिए राज्य व केंद्र सरकार की कई अन्य योजनायें भी कार्यान्वित हैं पर इन सारे प्रयासों के बाद भी सैकड़ों बच्चों तक प्राथमिक शिक्षा की सुविधा नहीं पहुंच पाती है।ऐसे बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा चौहटन उपखंड अधिकारी भागीरथ चौधरीे के निर्देश पर प्रशासन ने उठाया है जो एक सराहनीय पहल है ।उपखंड अधिकारी ने बताया कि पहले ऐसे बच्चे जो शिक्षा से वंचित है और श्रम कर रहे है , उनको चिन्हित कर विद्यालय से जोड़ा जाएगा । उसके पश्चात इनको भामाशाहों के माध्यम से सुविधाये दी जाएगी । इसके अतिरिक्त ऐसे बच्चों के माता पिता को भी सरकारी योजना का लाभ दिया जाएगा ।

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