बुधवार, 21 जून 2017

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी ने भी आज़माए कई आसान, बोले- 'जीवन में नमक की तरह योग भी ज़रूरी

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी ने भी आज़माए कई आसान, बोले- 'जीवन में नमक की तरह योग भी ज़रूरी



लखनऊ।अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लखनऊ पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50 हजार से अधिक लोगों के साथ योग किया। इस दौरान उन्होंने आह्वान किया कि जिस तरह जीवन में नमक जुड़ गया है, उसी तरह लोग योग को अपने जीवन से जोड़ें। लखनऊ में बारिश के बावजूद भीड़ उमड़ी देख प्रफुल्लित प्रधानमंत्री ने कहा कि योग से पूरी दुनिया आपस में जुड़ रही है।

नरेंद्र मोदी योग के लिए चित्र परिणाम


इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित किया गया। राजधानी के चर्चित रमाबाई अंबेडकर मैदान में 50 हजार से अधिक लोग प्रधानमंत्री के साथ योग करने जुटे थे। इस दौरान मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि योग से स्वस्थ मन के साथ जीने की कला देखने को मिलती है।

नरेंद्र मोदी योग के लिए चित्र परिणाम

व्यक्ति से समष्टि की यात्रा
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत योग की महत्ता बताते हुए की। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति से समष्टि तक की यात्रा कराता है। वेदों सहित प्राचीन भारतीय ग्रंथों ने योग की महत्ता को स्वीकार किया है।पहले योग सिर्फ संतों-महात्माओं व ऋषियों-मुनियों तक केंद्रित था। अब स्थितियां बदल गई हैं। अब योग से ऋषियों-मुनियों का एकाधिकार हटा है। इसके परिणामस्वरूप अब यह सामान्य जनजीवन का हिस्सा बना।


नरेंद्र मोदी योग के लिए चित्र परिणाम

जुड़ रही पूरी दुनिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि योग से पूरी दुनिया जुड़ रही है। दुनिया के ऐसे अनेक देश, जो न हमारी भाषा जानते हैं, न परंपरा जानते हैं और न हमारी संस्कृति से परिचित हैं, किन्तु योग कर रहे हैं। योग के कारण पूरा विश्व भारत से जु़ड़ रहा है। आज स्थिति यह है कि दुनिया के हर देश में योग के कार्यक्रम हो रहे हैं। योग न सिर्फ भारत की पहचान बन रहा है, बल्कि दुनिया को भारत से जो़ड़ने में सहयोगी भी साबित हो रहा है।


बढ़ी योग शिक्षकों की मांग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में भारी संख्या में युवा योग से जुड़े हैं। पूरी दुनिया में योग शिक्षकों की मांग हो रही है। इसके परिणामस्वरूप पिछले तीन वर्षों में ही कई योग संस्थान स्थापित हुए हैं। इनमें प्रशिक्षित युवा पूरी दुनिया में योग का विस्तार कर रहे हैं। हमें इस ओर गंभीरता से सोचना चाहिए। जिस तरह जीवन में नमक जरूरी है, उसी तरह योग का स्थान बना लें, तो तमाम बीमारियों से भी मुक्ति मिलेगी

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