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फोटो पर्यटन परिक्रमा हिमाचल की खूबसूरत चैल की वादियां 
चैल एक ख़ूबसूरत पहाड़ी स्थान है, जो हिमाचल प्रदेश के सोलन ज़िले में स्थित है। यहाँ का क्रिकेट और पोलो मैदान भी बहुत प्रसिद्ध है। चैल का वन्यजीव अभ्यारण्य भी बहुत ख़ास है, जो वन्यजीव प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस अभ्यारण्य में वन्यजीवों के साथ ही विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे भी पाये जाते हैं।















समुद्र तल से 2,226 मीटर ऊँची और सध टिब पहाड़ी पर स्थित चैल हिमाचल प्रदेश का बहुत ही सुन्दर स्थान है। शेनल के होम स्टे किंग्सवुड में पहुँचने पर सर्वनिवृत आईएएस  जे एस राणा और सना विमल से जब पर्यटन स्थलों पे चर्चा हुई तब उन्होंने चैल देखने का सुझाव दिया ,दूसरे दिन कुफरी से सीधे शिवपाल  सिंह चौहान के साथ चैल रवाना हुए ,बीच रस्ते एक रेस्टोरेंट के बहुत स्वादिष्ट राजमा ,चावल ,हिमाचली कढ़ी का स्वाद भी लिया। 

लॉर्ड किच्नर के आदेश के अनुसार पटियाला के महाराजा, अधिराज भूपिंदर सिंह को शिमला से निर्वासित कर दिया गया था। इसका बदला लेने के लिए भूपिन्दर सिंह ने चैल को अपनी गीष्मकालीन राजधानी बनाया और यहाँ सुंदर चैल महल का निर्माण करवाया। इस महल में ऐतिहसिल  लायक हैं तो यहाँ महाराजा पटियाला के   समय का पियानो बेहद खूबसूरत और आकर्षक हैं तो यहाँ गलियारों में लगी खूबसूरत पेंटिंग आपको मंत्रमुग्ध कर देगी ,महाराजा का भोजन कक्ष अब शाही डिन्नर हाल में तब्दील हो चूका हैं ,महल में संगीत सम्बंधित साज़ देखने लायक हैं ,    

चैल महल का निर्माण 1891 में हुआ और यह चैल की शाही वीरासत है। इसके अलावा चैल का वन्यजीव अभयारण्य जहाँ कई प्रकार के पेड़ पौधे पाए जाते हैं, चैल के प्रमुख आकर्षण का केंद्र हैं। इस अभयारण्य में कई वन्यजीव जैसे इंडियन मुन्टैक, तेंदुआ, कलगीदार साही, जंगली सूअर, गोरल, साम्भर, यूरोपीय लाल हिरण पाए जाते हैं।

चैल का क्रिकेट और पोलो मैदान समुंदरी तट से 2444 मीटर ऊँचा है। यह दुनिया का सब से ऊँचा स्थित क्रिकेट मैदान है। अब यह चैल सैन्य पाठशाला के अंतर्गत है







गुरुद्वारा साहिब, काली का टिब्बा, महाराजा महल यहाँ के प्रमुख पर्यटक स्थल है। यह ट्रैकिंग और फिशिंग के लिए उत्तम स्थान है। चैल जाने के लिए रोड मार्ग, रेल मार्ग, हवाई मार्ग की सेवा उपलब्ध है। इस स्थान को देकने का सबसे बढ़िया समय मार्च और मई के बीच है जब यहाँ सर्दी होती है। यहाँ का मधुर वातावरण गर्मियों में भी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

वन्यजीव अभयारण्य




चैल महल का निर्माण वर्ष 1891 में हुआ था और यह चैल की शाही वीरासत है। इसके अतिरिक्त चैल का वन्यजीव अभयारण्य, जहाँ कई प्रकार के पेड़ पौधे पाए जाते हैं, चैल के प्रमुख आकर्षण का केंद्र हैं। इस अभयारण्य में कई वन्यजीव पाये जाते हैं, जैसे-




इंडियन मुन्टैक

तेंदुआ

कलगीदार साही

जंगली सूअर

गोरल

साम्भर

यूरोपीय लाल हिरण

पर्यटक स्थल

चैल का क्रिकेट और पोलो मैदान भी बहुत प्रसिद्ध है, जो समुद्री तल से 2,444 मीटर ऊँचा है। यह दुनिया का सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित क्रिकेट मैदान है। अब यह चैल सैन्य पाठशाला के अंतर्गत है। गुरुद्वारा साहिब, काली का टिब्बा, महाराजा महल यहाँ के प्रमुख पर्यटक स्थल है। यह ट्रैकिंग और फिशिंग के लिए भी उत्तम स्थान है।[1]




कब और कैसे जाएँ




चैल जाने के लिए सड़क मार्ग, रेल मार्ग और हवाई मार्ग की सेवा उपलब्ध है। इस स्थान को देकने का सबसे बढ़िया समय मार्च और मई के बीच है, जब यहाँ सर्दी होती है। यहाँ का मधुर वातावरण गर्मियों में भी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।



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