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अजमेर ग्राम पंचायत बनने के बाद पहली बार जारी हुए पट्टे

श्रीनगर की ग्राम पंचायत सेंदरिया के 224 ग्रामीणों को मिला मकान का मालिकाना हक


पट्टा वितरण अभियान बना ग्रामीणों के लिए वरदान
अजमेर 08 जून। पंचायत समिति श्रीनगर की ग्राम सेदरिया 1995 में नवगठित ग्राम पंचायतों में शुमार होने के 22 वर्षो बाद गुरूवार को ग्राम पंचायत के 224 ग्रामीणों को अपनी ही जमीनों को मालिकाना हक प्रदान करते हुए जिला प्रमुख वंदना नोगिया ने ग्राम पंचायत कार्यालय में आयोजित समारोह में ग्राम पंचायत द्वारा तैयार किये पट्टों का वितरण कर ग्रामीणों को राहत प्रदान की।

जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी निकया गोहाएन ने बताया की पंचायत समिति श्रीनगर की ग्राम पंचायत सेंदरिया में अजमेर शहर के पेराफेंरी क्षेत्रा में होने से ग्राम पंचायत का गठन होने के आजतक ग्राम पंचायत कार्यालय द्वारा पिछले 22 वर्षो में एक भी पट्टा जारी नही किया गया है। परन्तु गुरूवार को ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित पंचायत शिविर में ग्रामीणों को घर बेठे पट्टा जारी करते हुए जिला प्रमुख वंदना नोगिया एवं श्रीनगर पंचायत समिति प्रधान सुनिता रावत ने ग्रामीणों को पट्टा वितरण किया। सेंदरिया ग्राम निवासी सोनिया, छोटु, फजल रसूल शब्बीर मोहम्मद, बीरमसिंह गणपत,धनश्याम माहेश्वरी,मीरा, तानी एवं पूर्व सरपंच घनश्याम जांगीड़ ने बताया कि 1995 में ग्राम पंचायत सेदरिया के गठन के बाद से ही पहला अवसर है कि ग्रामीणों को अपनी जमीनों के मालिकाना हक के लिए राज्य सरकार द्वारा आयोजित विशेष शिविर के तहत पट्टे देने से ग्रामीणों को राहत मिल गयी है। पट्टा वितरण होने के बाद ग्रामीणों के चहरे पर खुशी के भाव साफ झलकते नजर आये। पट्टा वितरण शिविर में जिला प्रमुख वंदना नोगिया, श्रीनगर प्रधान सुनिता रावत, श्रीनगर विकास अधिकारी सुधीर पाठक, अजमेर उपखण्ड अधिकारी भावना शर्मा, सरपंच विष्णु जैलिया, पंचायत समिति सदस्य सुभाष सिंह रावत सहित कई ग्रामीणजन उपस्थित थे।




न्याय आपके द्वार में 10 हजार 20 प्रकरण निस्तारित

अजमेर, 08 जून। राजस्व लोक अदालत अभियान न्याय आपके द्वार 2017 के अन्तर्गत गुरूवार को जिले में 10 हजार 20 प्रकरण निस्तारित किए गए। अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन के स्तर पर 13 प्रकरण निस्तारित किए गए।

अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं लोक अदालत प्रभारी श्री किशोर कुमार ने बताया कि उपखण्ड स्तर पर खाता दुरूस्ती के 609, विभाजन के 2, खातेदारी घोषणा के 283, स्थायी निषेधाज्ञा का एक, ईजराय के 68, रास्ते के 2, पत्थर गढ़ी के 9 एवं अन्य 19 प्रकरण निस्तारित हुए। इसी प्रकार तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार स्तर पर नामांतरण के 982, खाता दुरूस्ती के 2 हजार 587, धारा 183 का एक, खाता विभाजन के 95, सीमाज्ञान के 36, धारा 251 के 17, गैर खातेदारी से खातेदारी का एक, राजस्व नकले 2 हजार 140 एवं अन्य 3 हजार 109 प्रकरण निस्तारित किए गए।

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