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जोधपुर भंवरी देवी केस: सीबीआई पर फिर लगे आरोप, अनुसंधान को बताया पब्लिसिटी स्टंट
एएनएम भंवरी के अपहरण व हत्या मामले में साढ़े पांच साल से फरार रहने के बाद पकड़ी गई इंद्रा विश्नोई से सीबीआई द्वारा किये जा रहे अनुसंधान को बचाव पक्ष ने मात्र सीबीआई का पब्लिसिटी स्टंट बताया है।


यह तर्क लिखित में इंद्रा के वकीलों हेमंत नाहटा, फरजंद अली, विनोद शर्मा व संजय विश्नोई ने मंगलवार को एससीएसटी कोर्ट में दिया। कोर्ट में सीबीआई की ओर से पेश आवेदन पर बहस हो रही थी जिसमे इंद्रा से उसके सह आरोपियों सोहन लाल आदि से रूबरू करने की इजाजत मांगी गई थी।


लिखित तर्क में कहा गया है कि इंद्रा से किसी तरह का अग्रिम अनुसंधान लंबित ही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में किया जा रहा इंद्रा के परिवार को नीचा दिखाने का प्रयास है। मामले में बहस पूरी हो गई है और पीठासीन अधिकारी ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

सीबीआई आज भंवरी देवी अपहरण और हत्या मामले में आवेदन पेश किया। आपको बता दें कि सीबीआई सोहनलाल और सहीराम को इंद्रा विश्नोई से रूबरू कराना चाहती है। इसलिए एससीएसटी कोर्ट में अर्जी लगाई है, जिस पर आज सुनवाई हुई। उधर इंद्रा के वकीलों ने सीबीआई रिमांड को हाइकोर्ट में चुनौती दी। वो रिमांड के खिलाफ धारा 482 में मामले को मेंशन करना चाहते थे लेकिन सफल नहीं हुए।

जस्टिस पीके लोहरा की कोर्ट में मेंशन का मामला पेश किया गया लेकिन जस्टिस लोहरा ने तुरंत सुनवाई से इंकार कर दिया। इससे पहले अवकाश कालीन जज के सामने याचिका पेश की थी। जहां जस्टिस विनीत माथुर ने एक्सेप्शन कर दिया। इस पर धारा 482 के तहत दायर याचिका में कोर्ट नम्बर सात में मेंशन किया जहां अब जस्टिस पीके लोहरा आठ जून को सुनवाई करेंगे।

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