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बाड़मेर  दस्तकारांे एवं हस्तशिल्प को मिलेगी पहचान,शिल्पग्राम होगा विकसित
-दस्तकारांे का होगा आनलाइन पंजीकरण,चौहटन मंे बनेगा आवासीय हस्तशिल्प प्रशिक्षण केन्द्र
बाड़मेर, 23 जून। दस्तकारांे एवं हस्तशिल्प को विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा मंे समन्वित प्रयास करें। दस्तकारांे को स्थानीय स्तर पर हस्तशिल्प उत्पादांे की बिक्री के लिए शिल्पग्राम मंे बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। शिल्पग्राम मंे आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां प्रारंभ की जाएगी। जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने शुक्रवार को हस्तशिल्प को बढावा दिए जाने के लिए निर्मित शिल्पग्राम के विकास के संबंध मंे आयोजित बैठक के दौरान यह बात कही।

जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प को पहचान के साथ दस्तकारांे को अधिकाधिक फायदा दिलाने की दिशा मंे शिल्पग्राम के जरिए बेहतरीन कार्य किया जाएगा। उन्हांेने कहा कि इसके लिए सबको मिलकर कार्य योजना करनी होगी। उन्हांेने चोखी ढाणी, शिल्पग्राम की तर्ज पर शिल्पग्राम को विकसित करने के निर्देश दिए। उन्हांेने पर्यटकांे को आकर्षित करने लिए टूर आपरेटर्स का सहयोग लेने, चौहटन स्थित बेर माता मंदिर, किराडू एवं मुनाबाव मंे सीमा दर्शन के कार्यक्रम की प्रस्तावित योजना के बारे मंे जानकारी दी। उन्हांेने कहा कि पर्यटकांे को प्रतिबंधित क्षेत्र मंे जाने के लिए सिंगल विंडो के जरिए अनुमति दी जा सकती है। जिला कलक्टर नकाते ने इस दौरान एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फोर हैंडीक्राफ्टस के प्रतिनिधियांे को सीएफसी स्थापित करने के लिए समुचित तैयारियां करने के निर्देश दिए। इससे जरिए स्थानीय दस्तकारांे को डाई एवं फीनिशिंग संबंधित सुविधाएं मिल सकेगी। उन्हांेने कहा कि इसके लिए थ्री डी मेप एवं अन्य प्रक्रिया संबंधित दस्तावेज अतिशीघ्र प्रस्तुत किए जाए। जिला कलक्टर ने सीमावर्ती क्षेत्र मंे हस्तशिल्प संबंधित प्रशिक्षण केन्द्र के स्वयंसेवी संगठनांे से आगे आने का अनुरोध किया। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम.एल.नेहरा ने बताया कि चौहटन क्षेत्र मंे सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत करीब 3.5 करोड़ की लागत से आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र बनाया जाना है। उन्हांेने कहा कि हस्तशिल्प को बढावा देने के लिए सरहदी इलाकांे मंे सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा सकती है। अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी.बिश्नोई ने कहा कि दस्तकारांे को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। उन्हांेने कहा कि इसके लिए शिल्प ग्राम मंे विभिन्न प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा सकती है। इस दौरान एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फोर हैंडीक्राफ्टस के कार्यक्रम अधिकारी राहुल रंजन ने प्रोजेक्टर के जरिए सीएफसी के बारे मंे जानकारी दी। इस अवसर पर श्योर संस्थान की प्रतिनिधि लता कच्छवाह ने कहा कि शिल्प ग्राम मंे दस्तकारांे के लाइव डेमोस्ट्रेशन के साथ बोर्डर विजिट के कार्यक्रम को शामिल किया जाए। उन्हांेने कहा कि दस्तकार सीधे उत्पाद बेच सके और उनकी आय मंे इजाफा हो सके। विजयलक्ष्मी हैंडीक्राफ्ट के सचिव पुरूषोतम खत्री ने कहा कि शिल्पग्राम मंे स्थानीय लोगांे एवं पर्यटकांे को आकर्षित करने के लिहाज निर्माण कार्य एवं विभिन्न गतिविधियां प्रारंभ की जाए। उन्हांेने कहा कि दरी पटटी जैसी दस्तकारी को पुर्नजीर्वित करने की जरूरत है। ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान के सचिव विक्रमसिंह ने स्थानीय संस्कृति, पंरपरागत कला को प्रदर्शित करने की जरूरत जताई। उन्हांेने कहा कि दस्तकारांे को एक ही स्थान पर समुचित सुविधाएं मुहैया कराई जाए। मालानी हैंडीक्राफ्ट के सचिव मांगीलाल डोसी ने क्राफ्ट म्यूजियम स्थापित करने की बात कही। बैठक के दौरान केयर्न इंडिया के डा.यू.वी.द्विवेदी ने साप्ताहिक हाटबाजार, कैमल सफारी शुरू करने का सुझाव दिया। इस दौरान जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक घनश्याम गुप्ता,, समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी एवं स्वयंसेवी संगठनांे के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




जिला स्तरीय शान्ति समिति की बैठक शनिवार को

बाड़मेर, 23 जून। जिले में मनाये जाने वाले विभिन्न पर्वो, त्यौहारों पर कानून एवं शांति व्यवस्था के संबंध में जिला स्तरीय शान्ति समिति की बैठक जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्टेªट शिवप्रसाद मदन नकाते की अध्यक्षता में 24 जून को प्रातः 11 बजे कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित की जाएगी।

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