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बाड़मेर, जल स्वावलंबन अभियान जन आंदोलन, सबकी भागीदारी जरूरीःगोयल

-नेवरी ग्राम पंचायत के तिरसिंगड़ी गांव के मोलप तालाब मंे हुए श्रमदान मंे जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री सुरेन्द्र गोयल समेत विभिन्न जन प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियांे के साथ ग्रामीण शामिल हुए।
बाड़मेर, 08 जून। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान सरकारी अभियान नहीं है, यह जन आंदोलन है। इसमंे सबकी भागीदारी जरूरी है। इसके जरिए हम आने वाले कल को संवार सकते हैं। हमारे पूर्वजांे ने तालाब बनाने के साथ इनका संरक्षण किया है। इसको परंपरा को बनाए रखना है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री सुरेन्द्र गोयल ने गुरूवार को कल्याणपुर पंचायत समिति की नेवरी ग्राम पंचायत के तिरसिंगड़ी गांव के मोलप तालाब मंे श्रमदान के उपरांत ग्रामीणांे को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गोयल ने कहा कि श्रमदान मंे आमजन की भागीदारी के जरिए जल संरक्षण का प्रयास सार्थक होगा। साथ ही यह आने वाली पीढ़ी के लिए वरदान साबित होगी। उन्हांेने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान का प्रथम चरण बेहद सफल रहा है। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान का ही सुखद परिणाम है कि पहले चरण के कार्यों से प्रदेश के कुल 295 ब्लॉकों में से अब 50 ब्लॉक सुरक्षित जोन की श्रेणी मे आ चुके हैं। गोयल ने कहा कि पूरे देश की तुलना में राजस्थान में 1.47 प्रतिशत भूजल और 1.1 प्रतिशत सतही जल है। प्रदेश में उपलब्ध जल का 93 प्रतिशत लवणीय, 50 प्रतिशत फलोराइड युक्त और 53 प्रतिशत नाइट्रेट युक्त है। ऐसे में जल को सुरक्षित करके ही आने वाले कल को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए लोगांें को पानी को बचाने के लिए भी जागरूकता भी लानी होगी। प्रभारी मंत्री ने महात्मा गांधी नरेगा के जरिए भूमि सुधार के कार्य करवाने एवं श्रमिक कार्ड बनाकर विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाआंे से लाभांवित होने की बात कही। इससे पहले तिरसिंगड़ी मंे जिला स्तरीय श्रमदान कार्यक्रम के दौरान जिले के प्रभारी मंत्री सुरेन्द्र गोयल, जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते, सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम.एल.नेहरा, विकास अधिकारी गौरव विश्नोई, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी बलराजसिंह, अधीक्षण अभियंता जलग्रहण बलवीरसिंह, नायब तहसीलदार सुरेन्द्रसिंह समेत विभिन्न जन प्रतिनिधियांे, विभागीय अधिकारियांे एवं सैकड़ांे ग्रामीणांे ने श्रमदान किया।

जिले के प्रभारी सचिव राजीवसिंह ठाकुर ने कहा कि हर व्यक्ति इस पुनीत कार्य मंे सहभागिता निभाएगा तो बारिश के जल संरक्षण के साथ पेयजल संकट से निपटना आसान हो जाएगा। उन्हांेने कहा कि इस अभियान मंे श्रमदान, सामग्री एवं धनराशि के माध्यम से जनता ने अपना योगदान दिया है। इसकी बदौलत जल संरक्षण में नए आयाम स्थापित हुए है। उन्हांेने जल संरक्षण कार्याें के लिए ग्रामीणांे का आभार जताया। सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल ने कहा कि तिरसिंगड़ी के ग्रामीणांे ने श्रमदान के जरिए मिसाल कायम की है। उन्हांेने तालाब एवं स्थानीय मठ के पुरातन महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रामीणांे के लगातार प्रयासांे की बदौलत भीषण गर्मी मंे भी इस तालाब मंे पानी उपलब्ध है। जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि बाड़मेर जिले की जनता पशुधन पर निर्भर रही है। स्थानीय लोग पानी की कीमत को बखूबी जानते है, ऐसे मंे जल संरक्षण के लिए इस तरह के अभियान बेहद महत्वपूर्ण है। तालाबांे को जीवित रखने मंे ग्रामीणांे ने सराहनीय भूमिका निभाई है। जिला कलक्टर ने कहा कि बाड़मेर जिले मंे मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत करीब 6 हजार कार्याें मंे से 2600 कार्य पूर्ण हो चुके है। उन्हांेने ग्रामीणांे के साथ विशेषकर महिलाआंे को इसको जन आंदोलन बनाने के लिए बधाई दी। इस दौरान उम्मेदसिंह अराबा ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान को अपने गांव एवं विकास का कार्य समझकर करने की बात कही। उन्हांेने कहा कि सबके सहयोग से बेहतर कार्य किया जाए, ताकि अधिकाधिक लोगांे को इसका फायदा मिल सके। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम.एल.नेहरा,उपखंड अधिकारी प्रभातीलाल जाट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाशदान रतनू, कल्याणपुर प्रधान हरिसिंह, उप प्रधान करनाराम, मुल्तानसिंह, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य रेखा समेत विभिन्न जन प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इससे पहले मोलप तालाब पर प्रभारी मंत्री सुरेन्द्र गोयल एवं अन्य जन प्रतिनिधियांे तथा अधिकारियांे ने पौधारोपण किया।

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