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बाड़मेर थार की कशीदाकारी को बाड़मेर के नाम से मिले पहचान - जिला कलेक्टर

‘‘ छः हस्तशिल्प कौशल प्रशिक्षण शिविरों का हुआ शुभांरभ ’’

कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार की समग्र हस्तशिल्प संकुल विकास योजना जोधपुर मेगा कलस्टर के अंतर्गत हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद् द्वारा ग्रामीण विकास एवम चेतना संस्थान के सहयोग से आज बाड़मेर में 6 कौशल विकास प्रशिक्षण शिविरों का उद्घाटन जिला कलेक्टर शिवप्रसाद मदान नकाते द्वारा मेघवालों की बस्ती, सिणधरी रोड़, बाड़मेर आगोर में किया गया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि बाड़मेर की महिलाओं के हाथों में हुनर हैं। यहां के कशीदाकारी उत्पादों की पूरे विश्व में विशेष मांग एवम पहचान हैं। इस कला को और निखारने हेतु हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद् के सहयोग से ग्रामीण विकास एवम चेतना संस्थान द्वारा चलाये जा रहे कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर काफी महत्वपूर्ण है। बाड़मेर के कशीदाकारी उत्पादों की पहचान बाड़मेर के नाम से होनी चाहिए। महिला दस्तकारों को आय में वृद्वि हेतु समूह में कार्य करना अत्यन्त आवश्यक है। समुहों को बैंकों द्वारा आसानी से ऋण मिल जाता हैं।

, कार्यक्रम में उपस्थित हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद् के कार्यक्रम अधिकारी राहुल रंजन ने बताया कि ये 40 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर दस्तकारों के हुनर में निखार लाने एवं उनकी कमजोरियों को दूर करने हेतु काफी फायदेमंद है। कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) वस्त्र मंत्रालय भारत, हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद् ने संस्थान के सहयोग से बाड़मेर में पांच एप्लिक एवम एक वूडन क्राफ्ट के कौशल विकास शिविरों को एक साथ शुरू किया हैं जिसमें 240 दस्तकारों को प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद् द्वारा संस्थान के सहयोग से कल दिनांक 06.06.2017 को सफलतापूर्वक कशीदाकारी कौशल विकास प्रशिक्षण शिविरों का समापन किया गया जिनके माध्यम से 80 कशीदाकारी महिला दस्तकार लाभाविन्त हुयी।

प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित संस्थान सचिव विक्रमसिंह ने बताया कि यहां के दस्तकार फैशन-शो से लेकर विदेशों तक अपने हुनर के कारण मान-सम्मान प्राप्त कर रहे हैं। जिस कारण बाड़मेर को देश-विदेश में नवीन पहचान मिल रही हैं। उन्होंने इस हेतु ग्रामीण विकास एवम चेतना संस्थान द्वारा बाड़मेर कशीदाकारी को बढ़ावा देने के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने दस्तकारों को नियमित रूप से उपस्थित रहकर प्रशिक्षक द्वारा सिखायी जा रही हर चीज को ध्यान से सीखने हेतु प्रेरित किया।

संस्थान अध्यक्ष रूमादेवी ने उद्घाटन के अवसर पर दस्तकारों को संबोधित करते हुए कहा की समय - समय पर मार्केट की मांग के अनुसार दस्तकारों के कौशल में निखार लाना आवश्यक हैं। इन दस्तकारों के पास पारम्परिक ज्ञान तो हैं लेकिन इन्हें किसी ने भी प्रकार का कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त नहीं हुआ है। जिसके कारण वे पिछड़ रहे है। संस्थान द्वारा इन्हें उत्पादन की बारिकियों से लेकर मार्केटिंग तक पूरी प्रक्रिया का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि जालीपा, शास्त्रीनगर, अम्बेडकर काॅलोनी, दानजी की होदी, बेरीतला रावतसर, मेगवालों की बस्ती बाड़मेर आगोर, बलदेव नगर जगहों पर आज कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ हो रहे है।

इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवम चेतना संस्थान प्रोग्राम अधिकारी नरपतराज, ट्रेनर केवलाराम हिगड़ा, गणेश कुमार बोसिया, खीमाराम मेगवाल, गौरव चैधरी सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

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