जोधपुर। शहीद प्रभु के घर आई नन्ही परी, छलके खुशियों के आंसू


पाकिस्तान के सैनिक पिछले वर्ष राजस्थान के जिस सपूत का सिर काट कर सीमा पार ले गए थे, उसके घर नन्हा मेहमान आया है। नन्ही परी के आते ही शहीद की पत्नी, मां व पिता की आंखों में कई महीनों से छलक रहे गम के आंसू की जगह अब जाकर खुशियां नजर आई हैं। शहीद प्रभुसिंह राठौड़ की आई इस निशानी से पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल है।


God's gift came to Prabhu's house

राजस्थान के जोधपुर जिले में शेरगढ़ के खिरजां गांव निवासी प्रभुसिंह गत 22 नवम्बर को जम्मू-कश्मीर के माछिल सेक्टर में शहीद हो गए थे। प्रभु सिंह जयपुर यूनिट 13 राजपूताना राइफल्स में तैनात थे। अब उनके घर आई खुशखबरी ने खुशी में ही चार चांद इसलिए लगा दिए हैं, क्योंकि प्रभुसिंह के स्मारक का अनावरण 26 जून को थल सेना के पूर्व अध्य्क्ष एंव केंद्रीय मंत्री जनरल वी.के. सिंह करने वाले हैं। प्रभुसिंह राठौड़ की पत्नी 21 वर्षीया ओमकंवर ने बुधवार रात जोधपुर के बीजेएस में एक निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया। ओमकंवर के ये दूसरी बेटी है। बड़ी बेटी पलक अभी पौने दो वर्ष की है।

ओमकंवर ने बताया कि प्रभु के प्यार की निशानी के रूप में मेरी छोटी बेटी आई है। असल में, प्रभु के शहीद होने की खबर के बाद मेरे गर्भ में पल रही नन्ही जान ने मुझे सांसे लेते रहने की हिम्मत दी। इधर, अपने इकलौते पुत्र प्रभु सिंह की अर्थी को कंधा देने का बोझ झेल चुके पूर्व सैनिक चंद्र सिंह खुशी से झूम रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मेरा प्रभु लौट आया है।

उन्होंने कहा कि प्रभु देश का बेटा था और इसकी निशानी के रूप में आई नन्ही परी से परिवार या समाज ही नहीं, पूरा गांव खुशियां मना रहा है। प्रभु के जाने के बाद इन्ही लोगों ने हिम्मत बंधाई थी।

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