edvertise

edvertise
barmer



थार के होनहार नीट 2017 में सभी पार

(फिफ्टी विलजर्स के सभी 42 विद्यार्थी चयनित)





बाड़मेर जिले में मुख्यालय पर स्थित फिफ्टी विलजर्स सेवा संस्थान में अध्ययनरत ग्रामीण पृष्ठ भूमि के जरूरतमंद विद्यार्थियों द्वारा बाड़मेर में रहकर स्थानीय सरकारी विद्यालय में अध्ययन करते हुए स्वयं अध्ययन एवं उचित मार्गदर्शन से इस वर्ष नीट 2017 में सभी परीक्षार्थियों ने क्वालिफाई कर लिया। इस वर्ष फिफ्टी विलजर्स सेवा संस्थान से कुल 42 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे एवं शत प्रतिशत बच्चों ने नीट परीक्षा क्वालिफाई की। इसी संस्थान से पूर्व में चार बच्चों का ऑल इण्डिया इंस्टटीयूट ऑफ मेडिकल साईन्स की परीक्षा में चयन हुआ है। अब नीट के परीक्षा परिणाम भी बच्चों व उनके परिवारों में खुशियों की बहार लेकर आया है। संस्थान के सभी विद्यार्थी एक दूसरे को गले मिलकर मिठाई बांटकर बधाई दे रहे है। संस्थान के डॉ. भरत सारण ने बताया कि विद्यार्थी संस्थान में रहकर स्वयं अध्ययन, अनुशासन व कठोर परिश्रम की बदौलत इस सफलता को प्राप्त किया है। थार के रेगिस्तान में इस तेज गर्मी में यह परिणाम निश्चित तौर पर सुखद अनुभूति वाला है। उपर्युक्त क्वालिफाईड विद्यार्थियों में से करीब पन्द्रह बच्चों को राजकीय मेडिकल महाविद्यालय में निःशुल्क दाखिला मिलने की पूर्ण सम्भावना है।

‘‘नेमसिंह राजपुरोहित (बान्दरा) के स्वर्गीय माता-पिता आज स्वर्ग से देखकर खुश हो रहे होगे कि उनका बेटा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने जा रहा है।

‘‘अशोक कुमार मूंढ़ के स्व0पिता भी स्वर्ग से आशीर्वाद अपने होनहार पुत्र को नीट 2017 में चयनित होने पर देकर प्रसन्नता महसूस कर रहे होंगे।

‘‘स्व0 पिता की आत्मा आज सवाईराम सुथार निवासी उण्डखा की अपने होनहार पुत्र द्वारा नीट-2017 में चयन होने पर गौरवान्वित महसूस कर रही होगी।

‘‘वहीं ग्यारवीं कक्षा में कला वर्ग उत्तीर्ण करने के पश्चात् एक बार पुनः ग्यारवीं में विज्ञान वर्ग से प्रवेश लेकर नीट में अपना चयन करवाकर अपने परिवार का नाम रोशन किया है।

‘‘खेताराम जयपाल ने साबित कर दिया कि किसान व ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थी को यदि मौका मिले तो वे अपना दमखम मेहनत व सफलता से दिखा सकते है।

‘‘किसान के बेटे अन्नाराम, फताराम, कलाराम, जोगाराम, नरेश और न जाने कितने भूमि पुत्र है जिनके माता-पिता आज यह सुनकर खुश है कि उनके पुत्र डॉक्टर बनकर परिवार व समाज की सेवा करेंगे।

यह भी सच है कि निरक्षर माता-पिता जीवनभर अभावों में और जीवन को जीने के लिये संघर्ष में उलझे रहे व सिर्फ अपने दो वक्त की रोजी रोटी के लिये जद्दोजहद में अपना जीवनयापन करते आये हैं। दिन भर धूप में खेतों में काम करते किसान व कमठों पर मजदूरों के बदन से गिरती पसीने की बूंदे व उनकी उम्मीदों व सपनों को पूरा करते उनके नौनिहाल निश्चित तौर पर बाड़मेर के लिये गौरव का विषय है।

फिफ्टी विलेजर्स सेवा संस्थान में आज खुशी का माहौल था सभी एक दूसरे को बधाई दे रहे थे और बच्चों की पीठ थपथपाकर उनकी हौसला अफजाही कर रहे थे।

आज के इस बधाई कार्यक्रम में डॉ. ओमप्रकाश डूडी, जीयाराम जी बाना, डॉ. स्नेहा मुद्गल, प्रो.नवलकिशोर, सुनिल जी बाना, डॉ. सुरेन्द्रसिंह, इंजीनियर भवंर, विशनाराम, डॉ.हरदान सहारण, लक्ष्मी चौधरी, गणपतसिंह चौधरी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।



0 टिप्पणियाँ:

Post a Comment

 
Top