जैसलमेर रम्मत ”राजा भृर्तहरि” की तालीम सोमवार से।



जैसलमेर - लोक नाट्य रम्मत ”राजा भृर्तहरि” की तालीम सोमवार से प्रारम्भ होगी। कृश्ण कम्पनी जूना अखाडा तेज मण्डली जैसलमेर के संयोजन में सोमवार को रात 8 बजे ढिब्बा पाडा स्थित हिंगलाज मन्दिर में रम्मत की तालीम के षुरूआत की विधिवत परम्परा निभाई जाएगी।




संयोजक संजय बोहरा ने बताया कि तेजकवि रचित रम्मत ”राजा भृर्तहरि” का पारम्परिक रूप से नारियल स्वर्गीय उस्ताद प्रेमराज जी सेवग द्वारा रखा हुआ है। जिसकी तालीम सोमवार से उस्ताद वासुदेव बिस्सा, उस्ताद नन्दकिषोर षर्मा व वल्लभदास व्यास, राणीदान सेवग व हरिवल्लभ षर्मा के सानिध्य में षुरू की जाएगी।

इस अवसर पर जैसलमेरी लोक नाट्य कला रम्मत से जुडे वरिश्ठ व युवा कलाकार, टेरिए व रम्मत प्रेमी भी उपस्थित रहेंगे।




संयोजक ने बताया कि रम्मत के इस आयोजन के मार्गदर्षक मण्डल के सदस्य स्वर्णनगरी विचार मंच के अध्यक्ष महेष व्यास उर्फ गोगा माराज ने लोक संस्कृतिप्रेमी समस्त नागरिकों के स्वस्थ मनोरंजन एवं परम्परा के संरक्षण हेतु इस आयोजन की महती आवष्यकता बताते हुए सभी से सहयोग की अपेक्षा की है।




रम्मत आयोजन से जुडे व वरिश्ठ कलाकार कमल आचार्य ने बताया कि इस रम्मत में पुराने के साथ नए का समावेष देखने को मिलेगा। उनके अनुसार पुराने व वरिश्ठ रम्मत कलाकार तो सहयोग करेंगे ही मगर साथ ही साथ नए व युवा कलाकारों को भी प्रमुख पात्रों का अभिनय करने का अवसर दिया जाएगा। इस कारण रम्मत प्रेमियों को इस आयोजन से जैसलमेर की नवीन ऊर्जा व प्रतिभाओं को देखने सुनने का मौका मिलेगा।




संयोजक ने बताया कि रम्मत आयोजन के सम्बन्ध मे आयोजित बैठक में वरिश्ठ कलाकार नवल पुरोहित, रमेष बिस्सा, षेखर डावाणी, महेष पुरोहित, कमल खेतपालिया, जुगल षर्मा, यष षर्मा, प्रवीण गोपा, षिवकुमार आचार्य, चमन बरसा, नरेन्द्र व्यास, राजन बरसा, आनन्द जगाणी, दीपू षर्मा, हरिवल्लभ बोहरा, गोपाल भोपत, भीखचन्द व्यास, जुगल सेवग, जयेष षर्मा, राकेष जोषी, गोपाल ओझा, महेन्द्र पुरोहित, प्रमोद बरसा, मनोहर पुरोहित, घनष्याम चूरा, ललित बरसा, कमलकिषोर जोषी, हीरालाल षर्मा, लक्ष्मीनारायण भाटी व नत्थूसिंह चौहान आदि उपस्थित थे।

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