बाड़मेर विदाई एक अच्छे इंसान की।।।सबके चहेते रहे कलेक्टर।*

बाड़मेर जिला कलेक्टर सुधीर कुमार शर्मा का स्थानांतरण पाली हो गया।एक बार फिर बाड़मेर को नाएं युवा हाकिम मील।बाड़मेर में नए हाकिम के आने के साथ लोगो की अपेक्षाएं बढ़ जाती है।हर कोई चाहता है नया कलेक्टर पहले वाले से बेहतर हो।बाड़मेर के कलेक्टर सुधीर कुमार शर्मा की बात करे तो आज हर कोई यही कहता नजर आ रहा है बहुत भले इंसान है।यह उपाधि बाड़मेर के कुछ खुर्राट कलेक्टरों को मिली।इनमे सुधीर कुमार शर्मा ने अपना नाम दर्ज कर लिया।एक प्रशासक के तौर पर उनसे जितनी उम्मीद थी उन्होंने उसे पूरा करने का प्रयास किया।चूंकि वो लीक से हटकर काम नही कर पाए।क्योंकि उनके पास सुलझे हुए प्रशासनिक अधिकारियों की टीम नही थी।एक अकेला चना बड़ नही फोड़ सकता।उन्हें अधीनस्थ अधिकारी का कभी सहयोग नही मिला जो मिलना चाहिए।बावजूद इसके उन्होंने अच्छा करने का प्रयास किया।उनकी उपलब्धियो में रात्रि चौपाल को जरूर शामिल करूंगा।लोगो के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और उनके निस्तारण में उन्होंने गजब रुचि दिखाई।।साथ ही उनके पास जो भी मजलूम और जरूरतमंद शाहयोग के लिए गया उनको निराश नही किया।गरीब महिलाओं की सहायता उन्होंने खूब की।अंध मूक विद्यालयो के छात्रों के आंखों के सफल ऑपरेशन कराकर उन्होंने मानवीयता का परिचय दिया।गक्त दिनों की एक महिला मोहिनी खत्री मेरे पास हेल्प के लिए आई थी।उसकी जमीन की गलत पैमाइस उच्च अधिकारी ने कर दी।मोहिनी देवी को मेरे द्वारा सीधे कलेक्टर से मिल पूरी बात रखने की सलाह दी।जिला कलेक्टर सुधीर कुमार ने मोहिनी देवी की न केवल बात सुनी अपितु उसे हाथों हाथ न्याय दिल उसकी जा चुकी जमीन उसे वापस दिल दी।नरेगा में भृष्टाचार पर लगाम कसते हुए फिजूल कार्य की स्वीकृतियां रोक जायज कार्य किये।नाड़ी खुदाई के प्रस्ताव उन्होंने नही किए।शर्मा का सरकारी योजनाओं में विशेष उपलब्धि भले हासिल नही की मगर हमेशसे पिछली गिनती से बाड़मेर को बाहर निकाल समंजनक स्थानों पर ले आये।एक दो योजनाओं में बाड़मेर शीर्ष पर है।उन्होंने अपने कार्यकाल को परिपक्वता के साथ पूरा किया।कुछ अधिकारियों ने उनका बेजा फायदा उठाया।।बहरहाल सुधीर कुमार शर्मा को बाड़मेर की जनता एक अच्छे इंसान और भले कलेक्टर के रूप में हमेशा याद रखेगी।पाली के लिए शुभकामनाए।।

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