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मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने दिया कलेक्टर को ज्ञापन
बाड़मेर 17 मई

आज बाड़मेर आगौर कुड़ला षिवकर के किसानों ने लिग्नाईट परियोजना के नाम पर 2012 में उक्त तीनों गांवों की जमीन का अधिग्रहण की कार्यवाही की थी। प्रवीणसिंह आगौर ने बताया कि राज्य सरकार ने कोयला लिग्नाईट परियोजना के नाम पर जमीन अवाप्त करके 2015 में अवार्ड जारी किया। अंतिम अवार्ड जारी होने के 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। खेतपाल टाईगर ने बताया कि 2012 में भूमि अवाप्ति की गई है किसान पिछले पांच वर्ष से अपनी भूमि पर शरणार्थी बन गए है 5 वर्ष से सरकारी सहायता एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित हो गए है पिछले 5 वर्ष से किसान ऋण, सोसायटी ऋण इंन्दिरा आवास, प्रधानमंत्री आवास सहित सभी योजनाओं पर रोक लगी हुई है। ओमप्रकाष पुनड़ ने बताया कि किसान सरकार से दो ही माग रखते है इस जमीन का मुआवजा दिया जाए या फिर इस जमीन को अधिग्रहण मुक्त किया जाए।

कई बार विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा

षिवकर लिग्नाईट परियोजना का मामला कई बार बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने विधानसभा में उठाया था। उसके बावजूद भी आज दिन तक न तो किसानों को मुआवजा मिला है और न ही भूमि अधिग्रहण मुक्त हुई है।




ये थे उपस्थित - ज्ञापन देने के दौरान गणेष बृजवाल, श्रवण बृजवाल, दीपाराम, तमाषीराम, छोटूंिसह आगौर, दातारसिंह, द्वारकाराम, धर्माराम, षिवलाल, सवाईराम सहित कई जने उपस्थित रहे।

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