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बाड़मेर  सांसद आदर्श ग्राम योजना की बैठक 4 को
बाड़मेर, 02 मई। सांसद आदर्श ग्राम योजना मंे चयनित ग्राम पंचायत बायतू भोपजी के विकास के संबंध मंे समीक्षा बैठक बाड़मेर-जैसलमेर सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी की अध्यक्षता मंे 4 मई को सांय 5 बजे जिला कलक्टर कार्यालय मंे रखी गई है।

जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम.एल.नेहरा ने बताया कि इस दौरान गत बैठक मंे दिए गए निर्देशांे की पालना, नवीनतम स्थिति एवं अन्य आवश्यक बिन्दूआंे पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्हांेने संबंधित अधिकारियांे को आवश्यक सूचनाआंे के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए है।

15 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा बैठक 8 को
बाड़मेर, 02 मई। प्रधानमंत्री के नवीन 15 सूत्री कार्यक्रम 2017-18 के लिए आवंटित लक्ष्यांे के विरूद्व वर्तमान माह तक अर्जित उपलब्धियांे की त्रैमासिक समीक्षा के लिए जिला कलक्टर सुधीर शर्मा की अध्यक्षता मंे 8 अप्रैल को दोपहर 12.30 बजे रखी गई है।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राधेश्याम रामावत ने बताया कि इस दौरान वर्ष 2017-18 के लिए बहु क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम के तहत कलस्टर बनाने के प्रस्तावांे पर विचार-विमर्श किया जाएगा। संबंधित अधिकारियांे को आवश्यक सूचनाआंे के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।

गौरव सेनानियांे के लिए वित्तीय सहायता एवं बच्चांे के लिए छात्रवृति की योजना
बाड़मेर, 02 मई। केन्द्रीय सैनिक बोर्ड की ओर से नान पेंशनर गौरव सेनानियांे एवं वीरांगनाआंे को गंभीर रोगांे के लिए वित्तीय सहायता एवं पूर्व सैनिकांे के बच्चांे को छात्रवृति उपलब्ध कराई जा रही है।

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर हरदत्त शर्मा ने बताया कि नोन पेंशनर गौरव सेनानियांे एवं वीरांगनाआंे को केन्द्रीय सैनिक बोर्ड नई दिल्ली की ओर से गंभीर रोग हदय रोग आदि की चिकित्सा के लिए कुल व्यय का 75 फीसदी एवं 90 प्रतिशत या अधिकतम 1.25 लाख और केंसर, डायलासिस के िलए 75 हजार रूपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उनके मुताबिक हवलदार और समकक्ष रैंक तक के नान पेंशनर को अधिकतम 30 हजार रूपए तक का मेडिकल अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए ई-मित्र के माध्यम से आन लाइन आवेदन करना होगा। अधिक जानकारी के लिए सैनिक कल्याण कार्यालय मंे संपर्क किया जा सकता है।

उन्हांेने बताया कि हवलदार और समकक्ष रैंक तक के नान पेंशनर पूर्व सैनिक जिनकी उम्र 65 साल या उससे अधिक हो तो 1000 रूपए प्रतिमाह की दर से आजन्म अभाव सहायता पेन्यूरी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए ई-मित्र के माध्यम से आन लाइन आवेदन करना होगा। इसी तरह हवलदार एवं समकक्ष रैंक तक के पूर्व सैनिक, वीरांगनाआंे के बच्चांे को कक्षा 1 से कक्षा 12 तक एवं छात्राआंे के लिए ग्रेजुएशन तक प्रतिमाह 1000 रूपए शैक्षणिक अनुदान दिया जाता है। उन्हांेने बताया कि प्रधानमंत्री छात्रवृति योजना के तहत तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठयक्रम मंे अध्ययनरत पूर्व सैनिकांे एवं वीरांगनाआंे के बच्चांे को छात्रवृति दी जाती है। छात्रवृति के लिए 60 फीसदी अंक प्राप्त करना आवश्यक है। इसके तहत लड़कियांे के लिए 2250 एवं लड़कांे को 2000 रूपए प्रति माह छात्रवृति दी जाती है। अधिक जानकारी के लिए सैनिक कल्याण कार्यालय मंे संपर्क किया जा सकता है। आन लाइन आवेदन www.ksb.gov.in पर किया जा सकता है। परीक्षा परिणाम आने के बाद तत्काल जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कार्यालय संपर्क करें।

अभावग्रस्त जिलों में पंजीकृत गौशालाओं को

राहत सहायता स्वीकृति के दिशा-निर्देश जारी


बाड़मेर, 02 मई। राज्य सरकार ने अभावग्रस्त 13 जिलों में पंजीकृत गौशालाओं को आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग की ओर से दी जाने वाली राहत सहायता स्वीकृति के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

निर्देशांे के मुताबिक राहत सहायता के लिए बाड़मेर समेत प्रदेश के 13 जिलों की पंजीकृत गौशालाओं की ओर से 5 मई से 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते है। संबंधित जिला कलक्टर विभागीय दिशा-निर्देशानुसार 5 मई 17 से 30 जून 2017 तक की अवधि में पंजीकृत गौशालाओं के ऑनलाइन प्राप्त प्रस्तावों को ही एसडीआरएफ के मानदण्डानुसार राहत सहायता स्वीकृत कर सकेंगे। ऑफ लाइन प्राप्त प्रस्तावों पर कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी। पंजीकृत गौशालाओं को ऑनलाइन आवेदन के लिये www-sso-rajasthan-in पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद विभागीय एप्लीकेशन पर आवेदन किया जा सकेगा। आवेदन करते ही संदेश के जरिए प्रपोजल नंबर प्राप्त हो जाएगा। गौशालाओं द्वारा संधारित पशुओं में बड़े पशुओं के लिए 70 रुपए तथा छोटे पशु के लिये 35 रुपए प्रतिदिन की दर से राहत सहायता देय होगी। निर्धारित दर से यह सहायता राशि उसी स्थिति में स्वीकृत की जायेगी, जब कि गौशाला संचालकों द्वारा संधारित किए जा रहे पशुओं को चारे के साथ-साथ बड़े पशुओं को एक किलोग्राम तथा छोटे पशुंओं को आधा किलोग्राम पशु आहार उपलब्ध कराया जाएगा।

ऑनलाइन छात्रवृति योजना स्क्रूटनी की अंतिम तिथि 10 मई तक
बाड़मेर, 02 मई। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, केन्द्र सरकार की ओर से वर्ष 2016-17 में अल्प संख्यक समुदाय की संचालित प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक एवं मैरिट कम मीन्स छात्रवृति योजना के तहत ऑनलाइन आवेदनों की स्क्रूटनी की तिथि को 10 मई तक बढ़ा दी गई है। अल्पसंख्यक मामलात विभाग की निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव ने बताया कि 10 मई तक विद्यार्थियों द्वारा किए गए ऑनलाइन आवेदनों की स्क्रूटनी नहीं किए जाने की स्थिति में शिक्षण संस्थाओं की जिम्मेदारी होगी।

बाड़मेर मंे प्रधानमंत्री आवास योजना मंे 12 हजार आवासांे की स्वीकृतियां जारी
बाड़मेर, 02 मई। बाड़मेर जिले मंे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 12 हजार 697 आवासांे की स्वीकृतियां जारी की गई है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य 2022 तक राज्य के सभी आवासहीन परिवारों को आवास देना है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत प्रदेश मंे 4.57 लाख परिवारों का पंजीयन कर 2.49 लाख आवास निर्माण की स्वीकृतियां जारी की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत इस वर्ष में 4.31 लाख के आवास निर्माण के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वृहद स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश मंे अब तक इस वर्ष 30 अप्रेल, 2017 तक 4 लाख 56 हजार 943 चयनित पात्र आवासहीन परिवारों का ग्राम पंचायत स्तर पर चयन कर 2 लाख 49 हजार 759 परिवारों के आवास निर्माण करने की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। वहीं 2 लाख 39 हजार 71 लाभार्थियों का बैंकों में खाता खुलवाने के साथ 1 लाख 26 हजार 810 परिवारों को 30-30 हजार रुपये की प्रथम किश्त के रूप में राशि स्वीकृत की जा चुकी हैं। साथ ही 6 हजार 361 को दूसरी एवं 485 परिवारों को तीसरी अनुदान किश्त जारी की जा चुकी है। इसके अलावा 2 लाख 95 हजार 738 पात्र परिवारों की जियो टेकिंग कर आवास के लिए स्वीकृतियां जारी करने के लिए सूची तैयार की गई है।

अब तक किस जिले मंे कितनी स्वीकृतियांः प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण योजना मंे चयनित पात्र परिवारों का पंजीयन, स्वीकृतियां, जियो टेकिंग एवं किश्त देने में बांसवाड़ा जिला प्रथम स्थान पर रहा है। इसी तरह बाड़मेर जिले मंे 12 हजार 697, उदयपुर जिले में 21 हजार 274, डूंगरपुर जिले में 18 हजार 846, जालौर में 12 हजार 531, पाली में 12 हजार 167, जोधपुर में 11 हजार 551, अजमेर में 2 हजार 539, अलवर में 2047, बारां में 9599, भरतपुर मं 2156, भीलवाड़ा में 9538, बीकानेर में 4948, बून्दी में 3908, चित्तौड़गढ़ मं 9241, चूरू में 1374, दौसा में 2070, धौलपुर में 2473, हनुमानगढ़ में 4630, जयपुर में 2255 पात्र परिवारों को आवास निर्माण की स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है। इसी तरह जैसलमेर जिले में 3095, झालावाड़ में 8271, झुंझुनूं में 462, करौली में 4607, कोटा में 5191, नागौर में 4993, प्रतापगढ़ में 6913, राजसमन्द में 2258, सवाई माधोपुर में 3135, सीकर में 626, सिरोही में 3691, श्रीगंगानगर में 5642 तथा टोंक जिले में 5 हजार 419 परिवारों के आवास निर्माण की स्वीकृतियां जारी की गई है।

मुख्यमंत्री शहरी जन कल्याण योजना के तहत शिविर 10 मई से
बाड़मेर, 02 मई। नगरीय क्षेत्रों में मुख्यमंत्री शहरी जन कल्याण योजना के तहत 10 मई, 2017 से प्रारम्भ होंगे। इसकी तैयारियांे को लेकर मुख्य सचिव ओ.पी.मीणा ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जिला कलक्टरांे एवं नगरीय निकायांे के अधिकारियांे को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों का आयोजन पूर्ण तैयारियों के साथ किया जाए, ताकि आमजन को शिविरों का अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए मुख्य सचिव ओ.पी.मीणा ने जिला कलेक्टरों, नगरीय निकायों के अधिकारियों निर्देशित किया कि वे मुख्यमंत्री शहरी जन कल्याण योजना के तहत 10 मई, 2017 से प्रारम्भ होने वाले आयोजित होने वाले शिविरों का आयोजन पूर्ण तैयारियों के साथ करें। जिससे अधिक से अधिक लोगोें को राहत मिल सकें। उन्हांेने कहा कि शिविरों में भूमि नियमन के साथ-साथ पट्टे देने की कार्यवाही, नक्शे पास करने, नाम हस्तानांतरण के कार्य त्वरित गति से किये जाये तथा दी गई छूट एवं शिथिलता का लाभ आमजन तक पहुंचाएं। उन्हांेने कहा कि यह नगरीय क्षेत्रों के लिए एक महत्वूर्ण पहल है। अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास विभाग मुकेश शर्मा ने शिविरों में किये जाने वाले कार्यो के बारे में विस्तार से जानकारी दी एवं जिला कलेक्टरों से कहा कि उनकी शिविरों में महत्वपूर्ण भूमिका है। यह शिविर राज्य सरकार की आमजन को अधिक से अधिक लाभ देने की योजना है। प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि शिविरों के दौरान आने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए नगर नियोजन विभाग एवं स्वायत्त शासन विभाग में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए है। उन्होनें निर्देश दिए कि लोगों को अधिक से अधिक लाभ देकर राहत प्रदान की जाये तथा इस दौरान लीज, नगरीय विकास कर में दी गई छूट का लाभ देते हुए राजस्व वसूली की जाए। वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक एवं संयुक्त सचिव पवन अरोड़ा ने प्रस्तुतिकरण के जरिए शिविरों के दौरान किये जाने वाले कार्यो की जानकारी दी तथा जिला कलेक्टरों एवं अधिकारियों को विभिन्न शिथिलता, छूट की जानकारी भी दी गई। उन्हांेने सभी जिला कलेक्टरों को शिविरों के दौरान कार्यो में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश भी दिए।

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