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जयपुर।आप भी जानिए, गैंगेस्टर आनंदपाल के 'एनकाउंटर' की पूरी सच्चाई
आप भी जानिए, गैंगेस्टर आनंदपाल के 'एनकाउंटर' की पूरी सच्चाई

सोशल मीडिया पर दो दिन से राजस्थान के गैंगेस्टर आनंदपाल के 'एनकाउंटर' की खबर तेजी से वायरल हो रही है। खबर बताती है कि आखिरकार राजस्थान पुलिस को इस मोस्टवांटेड को मार गिराने में बड़ी कामयाबी मिली है। पिछले साल हिरासत से फरार होने के बाद से पुलिस के लिए सिरदर्द बने इस अपराधी को परबतसर में गोलियों से छलनी कर दिया गया।




दरअसल, सोशल मीडिया के उस्ताद खबरों को ट्विस्ट करने में किस तरह दिमाग खपा रहे हैं, इसी का ताजा उदाहरण है--गैंगेस्टर आनंदपाल के 'एनकाउंटर' की खबर। हम आपको बताएंगे इस खबर के पीछे की पूरी और असली कहानी। चूंकि आनंदपाल कुख्यात चेहरा है और सोशल मीडिया पर इसकी अपनी फैन फोलोइंग है। इसलिए आनंदपाल से जुड़ी खबरों में डिजिटल यूजर तत्काल दिलचस्पी दिखाते हैं। इसी को ध्यान में रखकर फर्जी एनकाउंटर को बड़े तरीके से प्रचारित किया गया। असल में एनकाउंटर तो हरियाणा में एक मोस्ट वांटेड का हुआ।







सच्चाई तो यह है कि हरियाणा में 50 हजार के इनामी मोस्टवांटेड सुरेंद्र ग्योंग को करनाल-कैथल पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। इसके एनकाउंटर के फोटो मीडिया में आए। सुरेंद्र के पास जो कार मिली। उस पर राजस्थान का नंबर है। यह कार तिजारा, अलवर से खरीदी गई थी। यहीं से आनंदपाल के फर्जी एनकाउंटर की पटकथा लिखनी शुरू हुई।




सुरेंद्र ग्योंग का चेहरा-मोहरा आनंदपाल से मिलता-जुलता होने के कारण ही आनंदपाल के एनकाउंटर की कहानी गढ़ी गई और इसे सोशल मीडिया में प्रचारित कर दिया गया। एनकांउटर के फोटो देख हैरान लोग इसकी जानकारी लेने लगे कि आखिर यह सब कैसे हो गया ?

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जब पड़ताल की गई तो पता चला कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे यह फोटो फर्जी हैं। इसमें फोटो-मॉर्फिंग का इस्तेमाल भी हो सकता है। पुलिस को साफ करना पड़ा कि दरअसल गोलियों से छलनी और पिस्टल से लैस जिस युवक के शव की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, वह आनंदपाल नहीं है। बस, उसका हुलिया कुछ—कुछ कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल से मिल रहा है। इस वजह से सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे आनंदपाल समझ लिया।



यह है सच्चाई

गौरतलब है कि शनिवार को करनाल पुलिस ने इनामी अेपराधी सुरेंद्र ग्योंग को एनकाउंटर में मार गिराया। सुरेंद्र के खिलाफ 4 राज्यों में हत्या लूट, अपहरण और फिरौती जैसे मामले दर्ज हैं। सुरेंद्र 23 मई 2016 को झज्जर जेल से पैरोल पर आया था, लेकिन वह नहीं पहुंचा।



कोर्ट के भगोड़ा घोषित करने के बाद पुलिस तलाश कर रही थी। सुरेंद्र से दिल्ली पुलिस की वर्दी, हरियाणा पुलिस का आईकार्ड, लाल रंग के जूते व खाकी पगड़ी औश्र पुलिस का बेल्ट बरामद हुआ है। उसके कब्जे से दिल्ली व हरियाणा पुलिस की वर्दी तथा दो पिस्तौल बरामद हुई है। इनमें एक में 12 व दूसरी में 5 राउंड कारतूस भरे हुए मिले।

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