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बालोतरा/बाड़मेेर,बाल विवाह को रोकने मंे आमजन सक्रिय भागीदारी निभाएंःव्यास

-पचपदरा मंे हुआ जिला स्तरीय बाल विवाह प्रतिषेध अभियान का शुभारंभ


बालोतरा/बाड़मेेर, 23 अप्रैल। बाल विवाह अभिशाप है। बाल विवाह रोकने के लिए आमजन को सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। सारे लोग यह प्रण ले कि बेटियांे का विवाह 18 वर्ष से कम आयु मंे किसी भी स्थिति मंे नहीं करेंगे। मौजूदा समय मंे बेटियां किसी भी क्षेत्र मंे कम नहीं है। बाड़मेर जैसे जिले मंे 90 हजार बेटियां अध्ययन कर रही है। यह बेहद खुशी की बात है। राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के वरिष्ठ न्यायाधीश एवं राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जोधपुर के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण व्यास ने रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोतरा की ओर से राजकीय सीनियर सैकंडरी बालिका विद्यालय पचपदरा मंे बाल विवाह प्रतिषेध अभियान के शुभारंभ के अवसर पर यह बात कही।

राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जोधपुर के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण व्यास ने कहा कि अक्षय तृतीया एवं पीपल पूर्णिमा पर संभावित होने वाले बाल विवाहों की रोकथाम के लिए समाज के सभी वर्ग के लोगों को आगे आकर अपने आस-पास होने वाले विवाहों पर ध्यान रखते हुए बाल विवाह को रोकने के इस अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता निभानी होगी। उन्हांेने कहा कि राजस्थान उच्चतम न्यायालय की न्यायिक अधिकारियांे की भर्ती मंे 400 मंे से 185 लड़कियां का चयन हुआ है। उन्हांेने बालिकाआंे से जुड़े मामलांे मंे पुलिस को भी गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि देश को बनाने के लिए बेटियों को बचाने के साथ उनको पढ़ाना होगा। उन्हांेने बेटियांे से अनुशासन मंे रहकर देश की सुरक्षा के लिए ढाल बनने तथा सामाजिक कुरीतियांे से लड़ने के लिए आगे आने का आहवान किया।

इस समारोह के मुख्य अतिथि निरीक्षण न्यायाधिपति बालोतरा न्याय क्षेत्र एवं राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के न्यायाधीश जी.आर.मूलचंदानी ने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को मिटाने के लिए सबका सहयोग जरूरी है। उन्हांेने सामाजिक, आर्थिक एवं मनोवैज्ञानिक पहलूओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि महिला वर्ग को आगे आकर अपने अधिकारांे के प्रति जागरूक होना होगा। उन्हांेने कहा कि बाल विवाह बच्चांे के लिए बेहद घातक है। इससे उनका विकास रूक जाता है, ऐसे मंे कम आयु मंे उन पर किसी तरह के उत्तरदायित्व नहीं डालने चाहिए। साथ ही परिपक्व होने पर ही बालिकाआंे का विवाह करें। उन्हांेने कहा कि मौजूदा समय मंे इसको लेकर काफी जागरूकता आई है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति को सबके सहयोग से रोका जा सकता है। उन्हांेने बाल विवाह रोकने के लिए चाइल्ड लाइन 1098 पर सूचना देने की बात कही।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश मदन गोपाल व्यास ने कहा कि प्राचीन काल मंे नारी का स्थान सम्मानजनक था। लेकिन वैदिक संस्कृति पर हुए हमलों तथा असुरक्षा की भावना विकसित होने के बाद बाल विवाह एक परिपाटी बन गया। उन्हांेने कहा कि दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के कारण भी संतान के जन्म से पहले भ्रूण परीक्षण का दौर प्रारंभ हुआ। व्यास ने कहा कि बालिकाआंे को पढ़ाना आज की महत्ती आवश्यकता है। उन्हांेने बाल विवाह एवं भ्रूण के लिंग परीक्षण को मानवता के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि इसको रोकने के लिए सबको मिलकर प्रयास करने होंगे।

जिला कलक्टर सुधीर शर्मा ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति को रोकने के लिए राज्य सरकार बेहद गंभीर है। आमतौर पर आखातीज एवं पीपल पूर्णिमा पर होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए है। ग्राम पंचायत स्तर पर भी कार्मिकांे को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। जिला एवं उपखंड मुख्यालय पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए है। उन्हांेने कहा कि बाल विवाह की सूचना मिलते हुए तत्काल कार्यवाही की जाएगी। उन्हांेने कहा कि राज्य सरकार ने बालिकाआंे को बचाने एवं शिक्षा से जोड़ने की दिशा मंे कई कदम उठाए है। उन्हांेने राजश्री योजना के बारे मंे विस्तार से जानकारी दी। उन्हांेने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने को किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। समारोह के दौरान डीजे मोटर दुर्घटना अधिकरण चक्रवती महेचा, एडीजे बालोतरा उदयप्रकाश छंगाणी, एडीजे नंबर-1 बाड़मेर सुरेन्द्र खरे, सीजेएम अजीज खान,पूर्णकालिक सचिव विधिक प्राधिकरण बालोतरा एवं एसीजेएम परवेज अहमद, एसीजेएम सुश्री सिम्पल शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट अंबिका सोलंकी, शिवदान चौधरी, रामचन्द्र, महेन्द्र कुमार, उपखंड अधिकारी प्रभातीलाल जाट, विकास अधिकारी सांवलराम, पचपदरा तहसीलदार, बालोतरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष खुशालाराम पटेल, बाड़मेर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष स्वरूपसिंह राठौड़ समेत विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी,एडवोकेट एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाशदान रतनू ने कहा कि यह सोचने का विषय है कि ऐसी नौबत क्यों आई कि भ्रूण हत्या एवं बाल विवाह सरीखी परिपाटियां पैदा हुई। उन्हांेने कहा कि हर आयोजन मंे महिलाआंे की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हांेने प्राचीन काल से अब तक महिलाआंे के योगदान का विस्तार से जिक्र करते हुए कहा कि आज सभी प्रण लेकर जाए कि बाल विवाह एवं भू्रण हत्या सरीखी की किसी गतिविधि मंे शामिल नहीं होंगे। समारोह के दौरान बाल विवाह रोको विषयक विभिन्न पोस्टरांे का विमोचन किया गया। साथ ही पोस्टर प्रदर्शनी का अतिथियांे ने फीता काटकर शुभारंभ किया। समारोह के दौरान अतिथियांे को स्मृति चिन्ह के रूप मंे पौधे भेंट किए गए। समारोह मंे पचपदरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयसिंह खारवाल ने सबका आभार जताते हुए विश्वास दिलाया कि बाल विवाह रोकने के लिए सब मिलकर सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। कार्यक्रम की शुरूआत मंे अतिथियांे को साफा पहनाकर एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन डा.रामेश्वरी चौधरी,निर्मला चारण, संतोष पटेल ने किया। समारोह मंे नवोदय विद्यालय की बालिकाआंे ने म्यूजिकल योगा एवं बाल विवाह की रोकथाम से जुड़ी विभिन्न प्रस्तुतियां दी। इस दौरान अतिथियांे ने गुब्बारे उड़ाकर बाल विवाह रोकने का संदेश दिया। इससे पहले समारोह के दौरान निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताआंे के विजेता प्रतिभागियांे तथा बाल विवाह रोकथाम मंे उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया।

मोबाइल वैन रवानाः पचपदरा मंे आयोजित समारोह के दौरान राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के वरिष्ठ न्यायाधीश एवं राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जोधपुर के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण व्यास, निरीक्षण न्यायाधिपति बालोतरा न्याय क्षेत्र एवं राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के न्यायाधीश जी.आर.मूलचंदानी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश मदन गोपाल व्यास एवं जिला कलक्टर सुधीर शर्मा ने बाल विवाह रोकथाम अभियान के तहत प्रचार- प्रसार करने के लिए मोबाइल वेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मोबाइल वेन गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को बाल विवाह के नुकसान एवं महिलाओं के अधिकारांे समेत विभिन्न प्रकार की कानूनी जानकारी देगी।

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