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पति को सजा दिलाने महिला थाने पहुंची थी पत्नी, काउंसलिंग से सुलह हुई और थाने से ही पति के साथ ससुराल विदा हुई

 पुलिस की कार्रवाई ऐसी भी | सास ने थाने में ही दामाद और ससुरालवालों को तिलक लगाया, शगुन दिया और बेटी को विदा कर दिया




बीकानेर | पतिसे तकरार इस कदर बढ़ी कि पत्नी को ससुराल छोड़ना पड़ा। नौबत यहां तक गई कि पत्नी ने पति को सजा दिलाने की ठानी और महिला पुलिस थाने पहुंच गई। लेकिन, पुलिस ने कुछ ऐसा किया कि अचानक पति-पत्नी की मानसिकता बदल गई और दोनों में सुलह हो गई। पुलिस थाने में ही पीहर पक्ष के लोगों ने दामाद और उसके साथ आए लोगों को तिलक लगाया और शुभकामनाएं दी और बेटी को खुशी-खुशी ससुराल के लिए रवाना कर दिया।
महिला पुलिस थाने में अक्सर महिलाएं अपने पति और ससुरालवालों के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचती हैं, उनके खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज करवाती हैं और पुलिस दोषी पाए जाने पर ससुरालवालों को जेल भेजती है। लेकिन, मंगलवार को दिन में करीब एक बजे महिला पुलिस थाने का दृश्य कुछ अलग ही था। विवाहित बेटी को एक बार फिर ससुराल विदा करने की तैयारियां चल रही थीं। विवाहिता की मां अपने दामाद और उसके साथ आए ससुराल पक्ष के लोगों को तिलक लगाकर शगुन दे रही थी और थाने के पुलिसकर्मी इसके साक्षी बने हुए थे। विदाई की रस्म पूरी होने पर पति-पत्नी को शुभकामनाएं दी गईं। विवाहिता अपने पति के साथ कार में बैठी और सीकर में अपने ससुराल के लिए रवाना हो गई। बीकानेर में पूगल फांटा निवासी बीएससी बीएड अनीता (बदला हुआ नाम) की शादी अक्टूबर, 09 को सीकर में तारानगर निवासी दसवीं पास सुनील (बदला हुआ नाम) के साथ हुई थी। डेढ़ साल तक गृहस्थी ठीक चली। इस दौरान उनके एक बेटी का जन्म भी हुआ। फिर, धीरे-धीरे अनीता, उसके पति और ससुराल के लोगों में अनबन शुरू हो गई। पति-पत्नी में अक्सर तकरार और मारपीट होने लगी। साथ रहना दुश्वार हो गया और पिछले साल नवंबर में अनीता को ससुराल छोड़ना पड़ा। परेशान अनीता ने पति सुनील और ससुरालवालों को सबक सिखाने की ठानी और उन पर मारपीट दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए महिला पुलिस थाने में परिवाद सौंप दिया। यह भी आरोप लगाया कि पति ने ढाई माह की पुत्री को जान से मारने का प्रयास किया। परिवाद महिला सलाह एवं सुरक्षा केन्द्र की संचालक मंजू नांगल के पास पहुंचा। उन्होंने महिला थाने के एसएचओ आनंद गिला से बातचीत की और दोनों ने तय किया कि घर टूटने नहीं देंगे। पति-पत्नी को बुलाकर उनसे अलग-अलग बातचीत की। दोनों की समस्या सुनी। बाद में दोनों को साथ बैठाकर समस्या का समाधान करवाया। उनके परिजनों को भी समझाया। आखिरकार बात बनी और घर टूटने से बच गया।
महिला पुलिस थाने में बेटी को ससुराल विदा करने से पहले दामाद को तिलक लगवाने को कहती सास।
^एकबारगी तो पति और उसके परिजनों ने विवाहिता को वापस ले जाने के लिए साफ मना ही कर दिया था। पति-पत्नी से बातचीत कर समझाया और अलगाव से भविष्य में होने वाले दुष्परिणाम बताए। आखिरकार सुलह हो गई। -मंजू नांगल, महिला सलाह एवं सुरक्षा केन्द्र संचालक
^तयकर लिया था कि पति-पत्नी को अलग नहीं होने देंगे। दोनों को बार-बार बुलाकर समझाया। दोनों साथ रहने के लिए तैयार हुए और विवाहिता थाने से ही ससुराल के लिए विदा हुई मन खुश हुआ। खुशी इस बात की थी कि एक घर टूटने से बचा लिया। -आनंद गिला, महिला पुलिस थाना एसएचओ







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