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नागौर एक मिशाल हे नागौर पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख


रिपोर्ट- पप्पू कुमार बृजवाल।नागौर आमजन में पुलिस की छवि अच्छी बनी रही,पुलिस के पास आने वाले हर फरियादी को न्याय मिले और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाए इसी सोच के साथ राजस्थान के नागौर जिले के दबंग युवा एसपी परिस देशमुख ने एक ऐसी पहल की है जिसको पुरे देश के पुलिस थानों में लागू करने की जरूरत है। दरअसल आमजन में बिगड़ती पुलिस की छवि को सुधारने और पुलिस के पास आने वाले प्रत्येक परिवादी की सुनवाई हो और पुलिस कर्मी उसके साथ गलत व्यवहार नहीं करे इस उद्देश्य के साथ नागौर पुलिस कप्तान परिस देशमुख ने नवाचार करते हुए जिले के थांवला पुलिस थाने के हर कक्ष और परिसर में सीसीटीवी कैमरे के साथ माइक्रोफोन भी लगाए है। ताकि सीसीटीवी फुटेज के साथ पुलिस अधिकारियो और जवानों की बात भी रिकॉर्ड की जा सके। नागौर एसपी परिस देशमुख बताते है की थांवला पुलिस स्टेशन अब पूरी तरह पारदर्शी हो गया है। आम तौर पर यह शिकायत रहती है कि थाने में पुलिसकर्मी अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं। पीडि़त जब शिकायत दर्ज करवाने जाता है तो उससे रिश्वत मांगी जाती है। इन शिकायतों के मद्देनजर ही जनसहयोग से सात सीसीटीवी कैमरे और माइक्रोफोन लगाए गए है।


दबंग आईपीएस के नाम से जाने जाते है देशमुख नागौर पुलिस की कमान संभाल रहे परिस देशमुख बाड़मेर,बारां सहित कई जिलो में अपनी सेवाए दे चुके है। लेकिन खास बात यह है की बाड़मेर एसपी रहते हुए परिस देशमुख ने उन असामाजिक तत्वों की कमर तोड़ी जो कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल रहे। यंहा तक की परिस देशमुख ने बाड़मेर में सरहद पार से लाई गई करोड़ो की हेरोइन बरामद कर कई आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया था। इसके अलावा बाड़मेर शहर में गैस सिलेंडर फटने से कई मकान ध्वस्त हो गए उस दौरान मलबे के निचे दबे लोगो को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी थी। इसी बात को लेकर गृहमंत्री और डीजीपी से भी सम्मानित हो चुके है। बड़े से बड़े अपराधियो को सबक सिखाने और गरीबो के साथ न्याय करने वाले एसपी परिस देशमुख वर्तमान में प्रदेश के कुख्यात अपराधी आनंदपाल को पकड़ने के लिए दिन रात एक किए हुए अपनी टीम के साथ जुटे हुए है। इसी का नतीजा है की आनंदपाल के कई गुर्गे पुलिस के हत्थे पहले ही चढ़ चुके है। जिसमे एक गुर्गा एक लाख रुपए का इनामी भी शामिल है।



शहीद की बहिन से राखी बंधवाने पहुंच गए थे एसपी आनंद पाल की गैंग का शिकार हो चुके नागौर पुलिस के जवान शहीद खुमाराम की बहिन से रक्षाबंधन के दिन राखी बंधवाने के लिए परिस देशमुख भाई बनकर पहुंचे और राखी बंधवाने के साथ ही खुमाराम की बहिन के कंधे पर हाथ रखकर वचन दिया की राजस्थान पुलिस का हर जवान आपका भाई है। इतना सुनते ही शहीद खुमाराम की बहिन के आंखों से आंसू छलक पड़े। इसके बाद परिस देशमुख ने नागोर जिले के सभी पुलिस अधिकारियो और जवानों द्वारा शहीद परिवार को सहायता के रूप में साढ़े सात लाख रुपए का चेक भी भेंट किया था।

एसपी की पहल पर शहीदों की लगाई गई प्रतिमा बदमाशों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए नागौर पुलिस के जवानों की याद में 21 अक्टूबर 2016 को शहीद दिवस के अवसर पर नागौर जिला पुलिस अधीक्षक ने शहीद खुमाराम व फैज मोहम्मद की याद में शहीद स्मारक बनाकर प्रतिमा लगाई जो की आज नागौर पुलिस के जवानों की बहादुरी दर्शा रही है। गौरतलब है कि फैज मोहम्मद बदमाशों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। इसी प्रकार 21 मार्च 2016 गुढ़ा भगवानदास गांव में आनंदपाल गैंग के साथ मुठभेड़ में क्यूआरटी टीम के जवान खुमाराम बदमाशों की गोली लगने से शहीद हुए थे। फैज मोहम्मद के नाम से नागौर पुलिस पहले से ही पुलिस लाइन के बाहर एक बस स्टॉप प्रतिक्षालय बना चुकी है।

क्या उच्चाधिकारी करेंगे हौसला अफजाई नागौर एसपी परिस देशमुख द्वारा थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और आमजन में पुलिस की छवि बनाने को लेकर किए गए नवाचार ना केवल काबिल ए तारीफ है बल्कि दूसरे जिले के एसपी को भी नागौर एसपी की इस पहल को आगे बढ़ाना होगा तब जाकर आमजन में विश्वास और अपराधियो में भय का नारा बुलन्द होगा। हालाँकि नागौर एसपी का हौसला अफजाई करने के लिए गृहमंत्री और डीजीपी को आगे आना चाहिए।

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