बाड़मेर ग्रामीणांे को मिलेगा अपने भूखंडांे का कानूनी रूप से मालिकाना हक
बाड़मेर, 15 अप्रैल। अब तक शहर मंे रहने वाले लोग अपने भूखण्डों के पट्टे लेकर उनकी रजिस्ट्री करवाते थे। वहीं ग्रामीण इलाकांे मंे रहने वाले कई लोगांे के पास पटटे नहीं है। इस वजह सेे उनको बैंकांे से ऋण तथा राज्य और केन्द्र सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता था। अब अंबेडकर जयंती से प्रारंभ किए गए पट्टा वितरण अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को अपने भूखण्डों का कानूनी रूप से मालिकाना हक प्राप्त होगा।

राज्य सरकार के दिशा-निर्देशांे के मुताबिक पटटा वितरण अभियान के तहत मिलने वाले पटटांे का पंजीयन एक सप्ताह की अवधि के दौरान कराना होगा। ताकि सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ भी पट्टाधारी को मिल सके। पंजीयन शुल्क 600 रूपए निर्धारित किया गया है। इस पट्टा अभियान के लिए प्रति सोमवार एवं शुक्रवार को समस्त पंचायत समितियों की एक-एक ग्राम पंचायत में शिविर आयोजित किये जायेंगे। शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों का निस्तारण उसी दिन किया जायेगा। आवेदनों की संख्या अधिक होने पर निस्तारण की प्रक्रिया शिविर के अगले दिवस तक जारी रखी जाकर प्राप्त होने वाले सभी आवेदन पत्रों का निस्तारण किया जायेगा। पट्टा अभियान के दौरान ग्राम पंचायत में उपलब्ध गैर मुमकिन आबादी भूमि का इन्द्राज संबंधित ग्राम पंचायत के नाम दर्ज किया जायेगा तथा जिन ग्राम पंचायतों के पास आवंटन के लिए आबादी भूमि उपलब्ध नहीं है उन ग्राम पंचायतों के लिए ग्राम पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध सिवायचक व राज्य सरकार के स्वामित्व की अन्य उपयोग की भूमि को आबादी उपयोगार्थ परिवर्तन करते हुए आवंटन हेतु ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराई जायेगी। जिन ग्राम पंचायत क्षेत्रों में राजकीय भूमि के रूप में केवल चारागाह भूमि ही उपलब्ध है, वहां पर आवश्यकतानुसार ग्राम पंचायत के प्रस्तावानुसार भूमि को आबादी भूमि में रूपान्तरित कर ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई जायेगी। इनके अलावा इस पट्टा अभियान के दौरन समस्त ग्राम पंचायतों को उनकी आबादी भूमि का सीमाज्ञान भी कराया जायेगा। अभियान में व्यक्तिगत दानदाताओं एवं व्यावसायिक घरानों एवं कंपनियों को सामुदायिक सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत निजी भूमि सार्वजनिक उपयोगार्थ एवं आबादी विस्तार के लिए ग्राम पंचायत को दान दिये जाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए है। दान में प्राप्त भूमियों का ग्राम पंचायत के राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा, जिससे प्राप्त भूमि पर पात्र भूमिहीन परिवारों को पट्टा जारी किया जा सके। इधर, जिला कलक्टर सुधीर शर्मा के मुताबिक पटटा वितरण अभियान से अधिकाधिक लोगांे को लाभांवित करवाने के निर्देश उपखंड एवं विकास अधिकारियांे तथा तहसीलदारांे को दिए गए है। जिला स्तर से इस अभियान की मोनेटरिंग की जा रही है।

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